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शर्मनाक: कोरोना से लड़ रहे नर्स-डॉक्‍टर के साथ हम इतना बुरा व्यवहार कैसे कर सकते हैं

Ranvijay SinghRanvijay Singh   25 March 2020 8:53 AM GMT

शर्मनाक: कोरोना से लड़ रहे नर्स-डॉक्‍टर के साथ हम इतना बुरा व्यवहार कैसे कर सकते हैं

''मेरी सोसायटी में ये अफवाह फैला दी गई कि मुझे कोरोना है। घर पर मैं और मेरी मां ही हैं। मैं जब भी काम पर होती हूं तो लोग मेरे घर आकर मां को परेशान करते हैं। लोग राशन का सामान देने से भी मना कर देते हैं। कहते हैं कि तुम्हारी बेटी को कोरोना है, तुम्हें भी हो सकता है, तुम इसे बाकी लोगों को भी फैला सकती हो।'' आंखों में आंसू लिए यह बात एक एयरलाइन की स्‍टाफ कह रही है। इस स्‍टाफ का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

भारत में कोरोना वायरस के मरीजों की बढ़ती संख्‍या के साथ ही ऐसी घटनाएं भी बढ़ने लगी हैं, जहां लोग डॉक्‍टर्स, नर्स और एयरलाइन स्‍टाफ को पेरशान कर रहे हैं। लोग इन्‍हें इसलिए पेरशान कर रहे हैं क्‍योंकि यह जहां काम करते हैं वहां कोरोना के मरीजों के होने की संभावना ज्‍यादा है। ऐसे में लोगों को लगता है कि वो भी इस वायरस से ग्रसित हो जाएंगे।

इन घटनाओं को देखते हुए दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी लोगों से अपील की थी कि वो डॉक्‍टर्स, नर्स, पायलट और एयरहोस्‍टेस को पेरशान न करें। उन्‍होंने कहा, ''प्रधानमंत्री जी के कहने पर हमने अपने-अपने घरों से बाहर न‍िकलकर ताली बजाई थी। यह इसलिए बजाई थी कि हम अपने सभी डॉक्‍टर, नर्स, पायलट, एयरहोस्‍टेस के शुक्रगुजार हैं। हम इनके शुक्रगुजार हैं क्योंकि इन लोगों ने कठ‍िन परिस्‍थ‍ितियों में उन देशों से हमारे भारत के लोगों को लेकर आए जहां यह बीमारी फैली है।''

''इन सब लोगों ने अपनी जान दांव पर लगाई। इन लोगों के ल‍िए हमने ताली बजाई, घंटी बजाई, लेकिन अब मुझे कहीं-कहीं से यह सुनने को मिल रहा है कि किसी मकान मालिक ने अपने किरायदार को इसलिए निकाल दिया क्‍योंकि वह नर्स है और कोरोना के मरीजों का इलाज कर रही है। कहीं पर पता चल रहा है कि पायलट और नर्सों को कॉलोनी में नहीं घुसने दे रहे हैं। यह गलत है, यह सही नहीं है। यह लोग आपके बच्‍चों के लिए आपके परिवार के लिए जान दांव पर लगा रहे हैं और हम उनके साथ ऐसा व्‍यवहार कर रहे हैं। कल को अगर आपके परिवार में किसी को कोरोना हो गया तो आप किसके पास जाओगे, इन्‍हीं डॉक्‍टर्स के पास जाओगे ना। हमें यह मैंटेलिटी बदलने की जरूरत है। इस तरह से भेदभाव करना सही नहीं है। उनके लिए तालियां बजाई जानी चाहिए, भेदभाव नहीं करना चाहिए।'' अरविंद केजरीवाल कहते हैं

इन शर्मनाक घटनाओं को देखते हुए अरविंद केजरीवाल की तरह ही कई लोग इसका विरोध कर रहे हैं। इसके बाद भी ऐसी घटनाएं कम नहीं हो रही हैं। हाल ही हमें राजस्‍थान के उदयपुर में स्‍थ‍ित आरएनटी मेडिकल कॉलेज के 10 से 12 चिकित्‍सक और नर्सिंग स्‍टाफ ने यह शिकायत की है कि उनके मकान मालिकों ने यह बोलते हुए उन्हें मकान खाली कराने को कहा कि वो कोरोना के मरीजों का इलाज करेंगे तो उन्‍हें भी यह संक्रमण हो सकता है और ऐसे में यह लोग घर खाली कर दें।

ऐसा ही मामला कोलकाता के एक प्राइवेट हॉस्‍प‍िटल में भी देखने को आया है। इस हॉस्‍प‍िटल में प्रशासन की ओर से आइसोलेशन वॉर्ड बनाया गया है। इस हॉस्‍पिटल में काम करने वाली 15 नर्सों के लिए अस्‍पताल को वैकल्‍पिक व्‍यवस्‍था करनी पड़ी है क्‍योंकि इनके मकान मालिकों ने इन्‍हें घर खाली करने को कहा है। इस अस्‍पताल की एक नर्स ने नाम न लिखने की शर्त पर एक मीडिया संस्‍थान को बताया कि 'काम को लेकर हम पर पहले ही बहुत ज्‍यादा स्‍ट्रेस है। ऐसे में जब आपके मकान मालिक साफ कह दे कि आपको तत्‍काल घर खाली करना होगा तो यह पेरशान करने वाला है।'

सोशल मीडिया पर डॉक्‍टर, नर्स, पायलट, एयरहोस्‍टेस को परेशान करने वाले वीडियो बहुत देखने को मिल रहे हैं। ऐसा ही एक वीडियो है दिल्‍ली का, जिसमें रात के 10 बजे के करीब कुछ लोग एयरइंडिया के कर्मचारी के घर में घुसे नजर आते हैं और उन्‍हें धमकाते दिख रहे हैं। देखें यह वीडियो-

ऐसी ही घटनाओं को देखते हुए भारत के सिविल एविएशन मिनिस्‍टर हरदीप सिंह पुरी ने ट्ववीट किया था कि, ''यह जानकर दुख हो रहा है कि कुछ एयरलाइन के कर्मचारियों को पड़ोसियों और दूसरे लोगों की ओर से परेशान किया जा रहा है। मैं प्रशासन से कहूंगा कि इन लोगों की मदद और सुरक्षा करें।''

यह भेदभाव वाली घटनाएं सिर्फ भारत में नहीं हो रही हैं। दुनियाभर में डॉक्‍टर और नर्स फिलहाल इस वायरस से जंग लड़ रहे हैं और कुछ हद तक समाज से उन्‍हें भी यह भेदभाव देखने को मिल रहा है। ऑस्‍ट्रेलिया में भी ऐसे घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। अस्‍पताल से अपना काम करने के बाद जब नर्स घर जाते वक्‍त किसी दुकान में सामान खरीदने जा रही हैं तो उन्‍हें यूनिफॉर्म देखकर दुकानदार एंट्री नहीं दे रहे हैं। यही वजह है कि गोल्‍ड कोस्‍ट हेल्‍थ ने अपने स्‍टाफ से कहा है कि वे सार्वजनिक जगहों पर यूनिफॉर्म पहन कर न जाएं, क्‍योंकि उन्‍हें आशंका है कि उनके साथ मारपीट की घटनाएं भी हो सकती हैं।



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