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कोरोना जांच का पैटर्न बदला, अब राज्‍यों की ट्रैवल हिस्‍ट्री भी पूछी जा रही

Ranvijay SinghRanvijay Singh   3 April 2020 11:30 AM GMT

कोरोना जांच का पैटर्न बदला, अब राज्‍यों की ट्रैवल हिस्‍ट्री भी पूछी जा रही

कोरोना वायरस की जांच को लेकर स्‍वास्‍थ्‍य विभाग ने अपना पैर्टन फिलहाल चेंज किया है। इस नए पैर्टन की वजह से बहुत से लोगों की जांच मुमकिन हो सकेगी। अब अगर आप हेल्‍प लाइन नंबर पर कॉल करते हैं तो आपसे सिर्फ यह पूछकर कॉल खत्‍म नहीं कर दी जाएगी कि आपकी विदेश की कोई ट्रेवल हिस्‍ट्री है या नहीं। अब आप से यह पूछा जाएगा कि आपने हाल फिलहाल में देश के किसी ऐसे राज्‍य की यात्रा तो नहीं की जहां कोरोना के मामले ज्‍यादा आ रहे हैं। अगर आपकी ऐसी ट्रेवल हिस्‍ट्री है तो आपकी भी जांच हो सकेगी।

''फिलहाल जितनी कॉल्‍स आती हैं सबकी जांच करना मुमकिन नहीं है, लेकिन कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए हमने पैर्टन थोड़ा बदला है। पहले हम उन्‍हीं की जांच कर रहे थे, जिसकी विदेशों की ट्रेवल हिस्‍ट्री थी। अब हम कॉल पर यह भी पूछ रहे हैं कि मरीज की ट्रेवल हिस्‍ट्री उन राज्‍यों में तो नहीं रही है जहां कोरोना के ज्‍यादा मामले आ रहे हैं। इसमें भी सभी की जांच नहीं कर रहे हैं, जिनके लक्षण और ट्रेवल हिस्‍ट्री मैच करती हैं उनका कम्‍युनिटी सैंपल के तौर पर जांच कर रहे हैं।'' उत्‍तर प्रदेश के लखनऊ के सीएमओ ऑफिस में बने कोरोना वायरस कंट्रोल रूम के हेड डॉ. रवि पांडेय यह बात कहते हैं।

रवि पांडेय बताते हैं कि 'हम पहले से ज्‍यादा टेस्‍ट‍िंग कर रहे हैं, ऐसे में इस पैटर्न को लागू किया गया है। अब पूरे देश में इसी हिसाब से लोगों की जांच हो रही है।' हालांकि उनका यह भी कहना है कि जिस हिसाब से लोग कॉल कर रहे हैं उतने लोगों की जांच करना मुमकिन नहीं है। उनके मुताबिक, लखनऊ के एक कंट्रोल रूम में रोजाना 100 से 120 तक कॉल आती है। इसके अलावा लोग उन्‍हें और उनके साथ‍ियों को पर्सनली भी कॉल करते हैं।


इससे पहले भारत में कोरोना के टेस्‍ट को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे। इसमें सबसे बड़ा सवाल यही था कि क्‍या सिर्फ विदेश से आए लोगों की ही जांच होगी? फिलहाल जांच के पैर्टन के बदलने से यह सवाल भी पीछे छूट गया है।

पहले कैसे हो हरी थी जांच?

विकास कुमार पत्रकार हैं। दिल्‍ली में काम करते हैं फिलहाल लॉकडाउन के वक्‍त बिहार के वैशाली जिले के अपने गांव वफापुर में रह रहे हैं। पिछले 22 मार्च को उन्‍होंने सोशल मीडिया पर पोस्‍ट करके यह जानकारी दी थी कि बिहार सरकार के कस्‍टमर केयर नंबर 104 पर कोई सुनवाई नहीं हो रही थी। कस्‍टमर केयर वाला उनसे उल्‍टे सीधे सवाल कर रहा है।

इस बारे में जानने के लिए हमने विकास कुमार से बात की। विकास बताते हैं, गांव का ही एक शख्‍स जो पुणे से आया था उसे बुखार और सरदर्द था। मैंने कस्‍टमर केयर नंबर पर जब कॉल किया तो पहले तो नंबर लग नहीं रहा था। बड़ी देर बाद जब नंबर लगा तो वहां से उल्‍टे सीधे सवाल किए जा रहे थे जैसे मरीज की लंबाई क्‍या है? और भी ऐसे सवाल।

इन सवालों से तंग आकर जब विकास कुमार ने ट्वविटर पर यह जानकारी दी तो स्‍वास्‍थ्‍य विभाग की एक टीम उनके गांव पहुंची, जो मरीज के घर गई और जब मरीज के घर वालों ने बताया कि वो कहीं चला गया है तो यह कहते हुए निकल गई कि 'चलो चला गया।' विकास कहते हैं, ''स्‍वास्‍थ्‍य विभाग की टीम का रवैया बिल्‍कुल इस बात को टालने सा था। वो टीम इस बाद भी जोर दे रही थी कि मरीज की ट्रेवल हिस्‍ट्री विदेश की नहीं है।''

इसी से म‍िलता जुलता एक वाक्‍या पत्रकार अरविंद शुक्‍ला के साथ भी हुआ। वो भी जब हेल्‍प लाइन नंबर पर कॉल कर रहे थे तो नंबर लगातार व्‍यस्‍त बता रहा था। बाद में उन्‍होंने जिला स्‍तर पर जारी किए गए हेल्‍प लाइन नंबर पर बात की, जहां उनसे कुछ सवाल पूछे गए। इन सवालों में विदेश की ट्रेवल हिस्‍ट्री की जानकारी भी शामिल था। अरविंद बताते हैं, ''मेरे बेटे की तबीयत खराब थी तो मैंने कॉल किया था। मुझसे कई सवाल किए जिसमें बेटे की बीमारी के लक्षण शामिल थे साथ ही ट्रेवल हिस्‍ट्री की जानकारी भी पूछी गई। मेरे सब बताने पर वहां से एक दवा सुझाई गई, जिसे मैंने अपने बेटे की दी तो उसकी तबीयत सही हो गई।''

इन दोनों ही मामलों में कोरोना वायरस के मद्देनजर जारी हेल्‍पलाइन नंबर पर कॉल न मिलने की बात समान है। ऐसे में हमने भी उत्‍तर प्रदेश की हेल्‍पलाइन नंबर 18001805145 पर कॉल किया। पहली बार यह नंबर व्‍यस्‍त बता रहा था, लेकिन दूसरी बार में कॉल चली गई। वहां से तमाम सवाल पूछे गए जिसमें राज्‍य स्‍तर पर ट्रेवल हिस्‍ट्री भी शामिल थी। जब यह सवाल पूछ लिए गए तो हमसे कहा गया कि अगर आप चाहे तो हम इस जानकारी को दर्ज करके आगे बढ़ा सकते हैं या फिर आप किसी नजदीकी डॉक्‍टर से एक बार सलाह कर लें।

यह बातचीत ठीक रही, लेकिन इसके आधार पर यह नहीं कहा जा सकता कि सबका अनुभव ऐसा ही हो। हां, यह बात साफ होती है कि हेल्‍पलाइन नंबर व्‍यस्‍त रहते हैं, एक बार में कॉल कम ही लगती है। फिलहाल स्‍वास्‍थ्‍य विभाग के जांच के लिए तय किए गए नए पैटर्न से ज्‍यादा से ज्‍यादा लोगों को जांच में सहूलियत होगी ऐसा लगता है।


राज्‍य का नामहेल्‍पलाइन नंबर
आंध्र प्रदेश

8662410978

अरुणाचल प्रदेश

9436055743

असम

6913347770

ब‍िहार104
छत्‍तीसगढ़

077122-35091

गोवा104
गुजरात104
हर‍ियाणा

8558893911

हिमाचल प्रदेश104
झारखंड104
कर्नाटक104
केरल

0471-2552056

मध्‍य प्रदेश

0755-2527177

महाराष्‍ट्र

020-26127394

मण‍िपुर

3852411668

मेघालय108
मिजोरम102
नागालैंड

7005539653

ओड़‍िशा

9439994859

पंजाब104
राजस्‍थान

0141-2225624

सिक्‍क‍िम104
तमिलनाडु

044-29510500

तेलंगाना104
त्र‍िपुरा

0381-2315879

उत्‍तराखंड104
उत्‍तर प्रदेश

18001805145

पश्‍च‍िम बंगाल

3323412600


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