मंदसौर में स्थिति शांत, कर्फ्यू में 12 घंटे की ढील

मंदसौर में स्थिति शांत, कर्फ्यू में 12 घंटे की ढीलमंदसौर: कर्फ्यू में 12 घंटे की ढील 

मंदसौर (भाषा)। मध्य प्रदेश में किसानों के आंदोलन के मुख्य केंद्र मंदसौर में स्थिति आज शांत बनी रही जबकि अधिकारियों ने सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक 12 घंटे के लिए कर्फ्यू में ढील दी। कर्फ्यू में ढील के बाद बाजार खुले और लोग दूध और सब्जियां जैसी जरुरी चीजें इकट्ठी करने के लिए घरों से बाहर निकले।

जिला कलेक्टर ओपी श्रीवास्तव ने बताया कि इलाके में स्थिति सामान्य हो रही और अभी तक किसी अप्रिय घटना की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। जिले के पांच थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू में 12 घंटे की ढील दी गई। बहरहाल, इलाके में इंटरनेट सेवा अब भी निलंबित है। छह जून को पुलिस की गोलीबारी में पांच लोगों के मारे जाने के बाद किसानों द्वारा किए प्रदर्शन के चलते यहां कर्फ्यू लगाया गया था।

ये भी पढ़ें :सीएम शिवराज ने शुरू किया उपवास, कहा- किसानों बिना राज्य का विकास संभव नहीं

श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘अगर स्थिति सामान्य रही तो कर्फ्यू कल हटाया जा सकता है।'' किसान कृषि उत्पादों की बेहतर कीमत और रिण माफी समेत विभिन्न मांगों को लेकर प्रदेश में एक जून से यहां आंदोलन कर रहे हैं। भोपाल से 300 किमी दूर मंदसौर-नीमच क्षेत्र से शुरू हुआ किसान आंदोलन राज्य के कुछ अन्य हिस्सों में भी फैल गया।

ये भी पढ़ें :उपवास पर शिवराज कहा- मैं पत्थर दिल नहीं, आकर सीधे मिलो, दशहरा मैदान से चलेगी सरकार

किसान घनश्याम धाकड़ (26) की पुलिस हिरासत में मौत होने के आरोप पर कलेक्टर ने कहा कि अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं और किसी के भी दोषी पाए जाने पर उचित कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पुलिसकर्मियों ने धाकड़ के साथ मारपीट की जिससे उसकी मौत हो गई।

ये भी पढ़ें :कर्नाटक में सूखा राहत राशि के नाम पर किसानों के साथ मजाक, मुआवजे में मिला सिर्फ 1 रुपए!

उन्होंने बताया कि मृतकों के परिवार वालों को एक करोड रुपए बतौर मुआवजा और उनके परिवार के किसी एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी, जैसा कि राज्य सरकार पांच अन्य पीड़ितों के लिए घोषित कर चुकी है। इससे पहले आज दिन में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान दशहरा मैदान में ‘शांति बहाली के लिये' अनिश्चितकालीन उपवास पर बैठ गये। उन्होंने किसानों से वहां पहुंचने और अपनी बात रखने की अपील की है।

ये भी पढ़ें : जब-जब सड़ीं और सड़कों पर फेंकी गईं सब्जियां, होती रही है ये अनहोनी

Share it
Top