सरकार ने विक्रेताओं को दी राहत, पुरानी एमआरपी पर अब 31 दिसंबर तक बेच सकते हैं सामान

सरकार ने विक्रेताओं को दी राहत, पुरानी एमआरपी पर अब 31 दिसंबर तक बेच सकते हैं सामानप्रतीकात्मक तस्वीर।

लखनऊ। सरकार ने संशोधित मूल्य दरों वाले स्टिकरों के साथ माल एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने से पहले के सामान को बेचने की समय सीमा बढ़ाकर 31 दिसंबर कर दी है। उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। कई कंपनियों तथा व्यापारियों के प्रमुख संगठन कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने कहा था कि उनके पास जीएसटी से पहले का काफी भंडार पड़ा है और उन्हें इसे निकालने के लिए और समय की जरूरत है।

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जिसके कारण पुराने स्टॉक पर नई एमआरपी लगाने के मामले में ट्रेडर्स को तीन महीने की राहत मिल गई है। बतादें कि पहले सरकार ने 30 सितंबर तक पुराने स्टॉक पर नई एमआरपी लगाकर प्रोडक्ट बेचने की छूट दे रखी थी जिसे अब बढ़ा 31 दिसम्‍बर कर दिया है। 3 महीने की मिली राहत सरकार ने कन्ज्यूमर अफेयर मिनिस्ट्री के प्रपोजल पर ट्रेडर्स को पुराने एमआरपी पर स्टॉक बेचने के लिए तीन महीने की छूट दे दी है। ट्रेडर्स फाइनेंस मिनिस्ट्री से लगातार इस तरह की मांग कर रहे थे।

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उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि कई कंपनियों मसलन विप्रो, एचपीएल और अन्य गैर खाद्य कंपनियों ने इसकी समयसीमा बढ़ाने की मांग की थी जिसकी वजह से यह कदम उठाया गया है। व्यापारियों के संगठन कैट ने कहा था कि यदि एमआरपी लेबल वाले पुराने स्टॉक को निकालने की समयसीमा नहीं बढ़ाई जाती है तो इससे करीब छह लाख करोड़ रुपये का सामान बेकार हो जाएगा।

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