देहरादून: चिल्‍ड्रन होम में छात्र की हत्या, SSP ने कहा- अभिभावक के सामने दफनाया गया

Ranvijay SinghRanvijay Singh   28 March 2019 1:40 PM GMT

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देहरादून: चिल्‍ड्रन होम में छात्र की हत्या, SSP ने कहा- अभिभावक के सामने दफनाया गया

लखनऊ। उत्तराखंड के देहरादून में स्‍थ‍ित 'चिल्‍ड्रन होम' में एक 12 साल के छात्र की उसके सीनियर्स ने कथित रूप से पीट-पीटकर हत्या कर दी। इस मामले में पुलिस ने दो सीनियर छात्रों को गिरफ्तार किया है, साथ ही स्‍कूल प्रशासन के तीन लोगों को साक्ष्य एवं सूचना छिपाने के जुर्म में गिरफ्तार किया गया है।

क्‍या है मामला?

यह मामला भोगपुर के चिल्ड्रन होम एकेडमी का है। पुलिस की विवेचना के मुताबिक, 'उत्तर प्रदेश के हापुड़ के रहने वाले 12 वर्षीय छात्र वासु यादव की उसके सीनियर छात्रों ने क्रिकेट के बल्ले और विकेटों से जमकर पिटाई की, जिससे उसकी मौत हो गई। वासु चिल्ड्रन होम में सातवीं कक्षा का छात्र था।'' चिल्‍ड्रन होम (भोगपुर) एक आवासीय विद्यालय है जो कुष्ठ रोग से पीड़ित परिवारों के बच्‍चों को दाखिला देता है। यहां करीब 450 छात्र-छात्राएं हैं, इनमें से आस पास के गांव के करीब 150 बच्‍चे भी शामिल हैं।

देहरादून के एसपी ग्रामीण प्रमेन्द्र डोबाल ने गांव कनेक्‍शन से बताया कि ''विचेचना में पता चला 10 मार्च (रविवार) को सभी बच्चे हॉस्टल से चर्च गये थे, जिसमें वासु नाम का लड़का भी चर्च गया था। रास्ते में वासु के द्वारा लेखपाल सिंह रावत की दुकान पर बिस्कुट का पैकेट चोरी कर लिया गया, इसकी सूचना लेखपाल सिंह द्वारा चिल्‍ड्रन होम के स्टाफ को दी गयी।''

मामले में गिरफ्तार आरोपी।

एसपी ग्रामीण प्रमेन्द्र डोबाल ने बताया, ''स्टाफ ने इस शि‍कायत पर वासु को डांटा लगाई और सभी बच्चों के बिना अनुमति के बाहर जाने पर रोक लगा दी। इस पर 12वीं में पढ़ने वाले सिनियर छात्र शुभांकर और लक्ष्मण ने हॉस्टल आकर वासु के साथ क्रिकेट बैट व विकेट से मारपीट करनी शुरू कर दी। उन दोनों ने वासु को मारने पीटने के बाद छत पर ले जाकर ठण्‍डे पानी से नहलाया व गंदा पानी पिलाया। इस दौरान वो वासु को लगातार मारते रहे।''

पुलिस की विवेचना में दर्ज किया गया है कि दोनों आरोपी छात्रों ने वासु को दिन के 01.30 बजे से लेकर शाम के 05.30 बजे तक पिटाई की और उसे जबरदस्‍ती खाना भी खिलाया। इसके बाद वासु को बेहोशी की हालत में स्टडी रूम में छोड़ दिया था। वहीं, मारपीट में प्रयुक्त बैट को पीटीआई टीचर अशोक की आलमारी में छिपा दिया और विकेट को जहां कूड़ा जलाते हैं वहां ले जाकर उसे जला दिया। इसके बाद वार्डन अजय ने स्टडी हॉल में बच्चों की गिनती की तो वासु बेहोशी की हालात में बैठा था, जिसको उठाने पर वासु उल्टी करने लगा और ज्यादा तबीयत बिगड़ने के कारण स्कूल स्टाफ के द्वारा वासु को स्कूल के वाहन से HIHT अस्तपताल जौलीग्राण्ट ले जाया गया। जौलीग्राण्ट अस्पताल में चिकित्सकों के द्वारा वासु को मृत घोषित कर दिया गया था।

अभि‍भावक के सामने दफनाया गया: एसएसपी

वरष्ठि पुलिस अधीक्षक निवेदिता कुकरेती

इस मामले में ऐसी खबरें चल रही हैं कि चिल्ड्रन होम के स्‍टाफ ने मामले को छिपाने के लिए वासु को स्‍कूल परिसर में ही दफना दिया। इसे लेकर देहरादून की वरष्ठि पुलिस अधीक्षक निवेदिता कुकरेती ने गांव कनेक्‍शन को बताया, ''पोस्‍टमॉर्टम के बाद जब बॉडी अभिभावक को दी गई तो उसके बाद उसे दफनाया गया है। अभिभावक वहां मौजूद थे, उन्‍होंने सिग्‍नेचर किए हैं। अभी तक मुझे अभिभावकों की ओर से ऐसा कुछ नहीं कहा गया है।'' इस मामले को देखने वाले एसपी ग्रामीण प्रमेन्द्र डोबाल भी कहते हैं, ''मृतक के पिता की मौजूदगी में बॉडी को दफनाया गया था।''

उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने भी इस मामले में दखल दिया है। आयोग की चेयरपर्सन उषा नेगी के पीएस कमल गुप्‍ता बताते हैं, ''वासु के पिता झपटू यादव कुष्‍ठ रोगी हैं जो कि मेरठ के विवेकानन्द कुष्ट आश्रम में रहते हैं। जब वासु को डॉक्‍टरों ने मृत घोषित कर दिया तो स्‍कूल प्रशासन ने झपटू को कॉल कर बताया कि उनके बेटे की तबीयत खराब है। ऐसे में वो रात को देहरादून पहुंचे, जहां उन्‍हें इस बात की जानकारी हुई कि वासु की मौत हो गई है। सुबह (11 मार्च) वासु का पोस्‍टमॉर्टम हुआ और झपटू से कहा गया कि उसे बॉडी तब दी जाएगी जब वो पेपर पर साइन करेगा कि वो स्‍कूल प्रशासन के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं करेगा। जब पेपर पर साइन कर दिया तो कहा गया कि बॉडी कैसे ले जाओगे उतनी दूर, यहीं इसका अंतिम संस्‍कार हो जाएगा और फिर बॉडी को दफना दिया गया।''

फिलहाल इस मामले में पुलिस ने शुभांकर (19 साल) और लक्ष्मण (19 साल) को हत्‍या के केस में गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, वॉर्डन अजय कुमार, पीटीआई टीचर अशोक सोलोमन और मैनेजर प्रवीन मैसी को घटना के साक्ष्य एंव सूचना छिपाने के अारोप में गिरफ्तार किया है।

  

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