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दिल्ली पुलिस ने कहा- ट्रैक्टर रैली में कई पुलिसकर्मी घायल, भाकियू का आरोप- हिंसा के लिए पुलिस-प्रशासन जिम्मेदार

गणतंत्र दिवस के मौके पर राजधानी दिल्ली में किसानों की ट्रैक्टर परेड कई जगह हिंसक हो गई। पुलिस को कई जगह लाठीचार्ज करने पड़े। दिल्ली पुलिस के अनुसार इस दौरान कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।

Narendra Modi, Chilla Border, Ghazipur Border, Narendra Singh Tomar, Farm Law, 26 Janaury Kisan Andolan News, Delhi Police, tractor rally, republic dayतस्वीर लाल किला के सामने की है। यहां किसान और पुलिस के बीच काफी झड़प हुई। (सभी फोटो- अरविंद शुक्ला, गांव कनेक्शन)

केंद्र सरकार के तीन नये कृषि कानूनों के विरोध में गणतंत्र दिवस के मौके पर किसानों का ट्रैक्टर परेड हिंसक हो गया। कई जगहों पर किसानों और पुलिस के बीच झड़प हुई। दिल्ली की सीमाओं में किसानों ने कई जगह बैरिकेडिंग तोड़ दिए। भारी संख्या में किसान लाल किला पहुंच गये जहां जमकर बवाल हुआ।

कई जगह पर पुलिस ने किसानों पर आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज भी किया। इस बीच दिल्ली में अर्धसैनिकों की कंपनियां बढ़ाई जा रही हैं। 15 कंपनी और तैनात की जा रही है। पुलिस कमिश्नर ने उपद्रवियों पर सख्ती करने के निर्देश दिए हैं।

दिल्ली पुलिस ने अपने बयान में कहा कि हिंसक झड़प में कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। इस बीच इस ट्रैक्टर परेड में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे भारतीय किसान यूनियन ने हिंसी के लिए दिल्ली पुलिस प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है।

किसान यूनियन ने अपने बयान में जो कहा उसे आप भी पढ़िये-

संयुक्त किसान मोर्चा के आव्हान पर आज 26 जनवरी 2021 को गणतंत्र दिवस के अवसर पर परेड में भागीदारी निभाने वाले सभी किसान भाइयों का भाकियू तहे दिल से शुक्रिया अदा करती है। परेड के दौरान कुछ अवांछनीय तत्वों ने अप्रिय घटनाओं को अंजाम दिया उसकी भाकियू कड़े शब्दों में निन्दा करती है और जो घटना घटी उस पर खेद प्रकट करती है। लेकिन इस पूरी घटना के लिए भाकियू दिल्ली पुलिस-प्रशासन को जिम्मेदार ठहराती है।


जो निर्धारित रूट दिल्ली पुलिस की तरफ से दिया गया था, ट्रेक्टर मार्च उसी रूट पर शुरू हुआ लेकिन चिन्हित जगहों पर बेरिकेड ना कर किसान यात्रा को दिग्भ्रमित करने का प्रयास किया गया। इसी का नतीजा यह हुआ कि ट्रैक्टर सवार भटक कर दिल्ली की तरफ आगे चले गए। परिणाम स्वरूप अवांछनीय तत्वों और कुछ संगठनों को मौका मिला और उन्होंने इस यात्रा में विघ्न डालने का कुत्सित प्रयास किया। भाकियू इस कृत्य में लिप्त लोगों से खुद को अलग करती है। किसान यूनियन का हमेशा शांतिपूर्ण आंदोलन में विश्वास रहा है।

छह माह से अधिक लंबा संघर्ष और दिल्ली की सीमाओं पर दो माह से अधिक का विरोध प्रदर्शन भी इस हालात का कारण बना। आंदोलन में विघ्न डालने वाले ऐसे तत्वों को भाकियू चिन्हित करने का काम करेगी। भाकियू किसी भी हिंसक प्रदर्शन या राष्ट्रीय प्रतीकों को प्रभावित करने वाले कृत्यों में लिप्त ना कभी रही है और ना होगी। भाकियू सभी से अपील करती है कि वे ऐसे किसी भी प्रकार के कृत्यों से दूर रहें। आज की इस किसान परेड के संबंध में सम्पूर्ण घटना की तस्वीर और किसान समन्वय समिति से वार्ता कर स्थिति का आंकलन करने के बाद फिर आपसे विवरण साझा करेगी।

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