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इलाहाबाद अर्धकुंभ मेले की तैयारियों के लिए 3 हजार 460 करोड़‍ के बजट की मांग

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रयाग में आयोजित होने वाले अर्द्धकुम्भ से सम्बन्धित सभी तैयारियों को प्रत्येक दशा में अक्टूबर, 2018 तक पूरा किया जाए। यह बात मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को शास्त्री भवन में अर्द्धकुम्भ 2018-19 की तैयारी से सम्बन्धित उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। उन्होंने कहा कि प्रयाग में प्रतिवर्ष माघ मेले के साथ ही, समय-समय पर अर्द्धकुम्भ और महाकुम्भ का आयोजन होता रहता है। ऐसे में इन बड़े आयोजनों की व्यवस्था को स्थायी रूप से देखने के लिए मेला प्राधिकरण के गठन पर विचार किया जाए।

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मुख्यमंत्री ने अर्द्धकुम्भ की व्यवस्था के लिए स्थानीय स्तर पर मण्डलायुक्त इलाहाबाद को नोडल अधिकारी नामित करते हुए कहा कि प्रदेश स्तर पर मुख्य सचिव व्यवस्था की देखभाल के लिए जिम्मेदार होंगे। डीआईजी इलाहाबाद नोडल अधिकारी होंगे, जबकि शासन स्तर पर नगर विकास विभाग को नोडल विभाग नामित किया। वहीं नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना की अध्यक्षता में मंत्री समूह अर्द्धकुम्भ आयोजन की तैयारियों के लिए जिम्मेदार होगा। जिलाधिकारी इलाहाबाद की ओर से प्रस्तुत किए गए मेला आयोजन से सम्बन्धित प्रस्तावों का अध्ययन कर आवश्यक धनराशि की व्यवस्था बजट के माध्यम से कराने के लिए अपर मुख्य सचिव वित्त को अधिकृत किया।

स्थायी परियोजनाओं को समय पर पूरा कराने किया निर्देशित

जिलाधिकारी इलाहाबाद ने अर्द्धकुम्भ आयोजन के लिए विभिन्न विभागों से सम्बन्धित कामों को पूरा कराने एवं जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगभग 3 हजार 460 करोड़ रुपए के प्रस्ताव प्रस्तुत किए। मुख्यमंत्री ने स्थायी परियोजनाओं को समय से पूरा कराने के लिए जरूरी औपचरिकताएं शीघ्र शुरू कराने के निर्देश भी दिए। सभी योजनाओं को अक्टूबर, 2018 तक पूरा करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अर्द्धकुम्भ से सम्बन्धित जो प्रस्ताव ‘नाममि गंगे’ परियोजना के तहत भेजे गए हैं उन्हें शीघ्र स्वीकृत कराया जाए।

आस पास के क्षेत्रों में भी विकास के लिए किया निर्देशित

मेला आयोजन क्षेत्र के 30 किलोमीटर पेरीफेरी में यातायात, नदी पर पुल तथा स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास पर बल देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी दशा में तीर्थयात्रियों को 8 से 9 किलोमीटर से अधिक पैदल न चलना पड़े। उन्होंने कहा कि भगदड़ जैसी स्थिति वाले स्थानों को पहले से चिन्हित कर वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। नैनी, अरेल, झूसी आदि क्षेत्रों के विकास पर भी बल दिया।

मुख्यमंत्री ने नगरों के सीवेज ट्रीटमेण्ट प्लाण्ट से मिलने वाले पानी को तापीय विद्युत उत्पादन इकाइयों द्वारा उपयोग में लाने के लिए नागपुर की व्यवस्था का अध्ययन करने के निर्देश दिए। मेला के दौरान सफाई कर्मियों के ठहरने के लिए उचित व्यवस्था, इलाहाबाद नगर के पार्कों और चैराहों के सजावट एवं वृक्षारोपण पर बल दिया। बैठक में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य सहित मंत्रिमण्डल के अन्य सहयोग, मुख्य सचिव, कई विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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