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नेकी कर अख़बार में डाल : दिनेश शर्मा

Manish MishraManish Mishra   2 Dec 2017 9:49 AM GMT

नेकी कर अख़बार में डाल : दिनेश शर्माउप मुख्यमंत्री डॉ. शर्मा राजनीति में आने से पहले शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े रहे हैं,

लखनऊ। "स्वस्थ समाचार एवं स्वस्थ पत्रकारिता इस देश के लोकतंत्र को मजबूत करती है, गाँव कनेक्शन की इसमें बड़ी भागीदारी है, पहले लोग बालेते थे कि नेकी कर कुएं में डाल, आज मैं कहूंगा-'नेकी कर और अखबार में डाल, "गाँव कनेक्शन के पांच वर्ष पूरे होने पर उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने कहा।

उप मुख्यमंत्री डॉ. शर्मा राजनीति में आने से पहले शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े रहे हैं, लखनऊ के मेयर रहते हुए उन्होंने एक रिकॉर्ड कायम किया है।

गाँव कनेक्शन की सफल यात्रा के पहले दिन से गवाह रहे डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा, "आज की व्यावसायिकता के युग में समाचार पत्र भी नहीं बच पाते, गाँव कनेक्शन ने अपनी विश्वसनीयता को कायम रखा है, पांच वर्ष का निश्कंटक प्रवाह आगे और तेजी से बढ़े। गाँव कनेक्शन और अच्छा लिखे, लेखनी का जादू चले इसलिए आप का आभार।

ग्रमीण विकास की अवधारणा के बारे में समझाते हुए डॉ. शर्मा ने कहा, "अगर हम लोकतांत्रिक परंपराओं और भारत के धर्मनिरपेक्ष स्वरूप की उन्नति की बात करते हैं, तो 85 प्रतिशत ग्रामीण भारत की बात करते हैं। शहर विकास की अवधारणा के लिए ग्रामीण क्षेत्रों से अधिक पलायन भी खतरनाक संकेत है किसी देश और प्रदेश की समृद्धि के लिए," आगे कहा, "अगर शहर का गाँव से कनेक्शन नहीं है तो जो विकास की गति उसे तेज करने में मुश्किल होगी। गाँव कनेक्शन जो शीर्षक है विकास की अवधारणा का उसे प्रधानमंत्री जी ने साकार किया है।"

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उत्तर प्रदेश में माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. दिनेश शर्मा बताते हैँ कि प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र के लिए कई बड़े बदलाव किए गए हैं। " शिक्षकों के ट्रांसफर से लेकर स्कूल में पढ़ाई तक हर जगह पारदर्शिता रखी जा रही है," डॉ. दिनेश शर्मा ने बताया।


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भारत की आजादी के बाद बंटवारे के समय सिंध प्रांत की निवासी उनकी माता श्रीमती शांति शर्मा जो कि उस समय काफी कम उम्र की थीं, भूकंप के समय अपने परिवार से बिछड़ कर लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पहुंच गईं, जहां लखनऊ की जानी-मानीशख्सियत रानी लीला रामकुमार भार्गव भटकती शांति को अपने घर ले आईं और बेटी की तरह उनका पालन पोषण किया।

डॉ. दिनेश शर्मा ने बताया, "पांच साल के बाद मेरी मां की माताजी यानी मेरी नानी, खोजते-खोजते रानी लीला भार्गव के घर पहुंचीं, लेकिन मेरी मां ने नानी से रानी साहब के साथ रहने की इच्छा व्यक्त की। रानी जी ने मां को एमए साहित्य व रत्न विशारदकी शिक्षा दिलाई व उनका विवाह केदार नाथ शर्मा उर्फ पाधा जी से कराया।"

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शिक्षा के क्षेत्र में सुधारों पर उप मुख्यमंत्री डॉ शर्मा ने कहा, सात महीने में सब सुधार हो जाए ऐसा संभव नहीं है, 70 साल में जो बुरे दिन लाए हैं, सात महीने में वो अच्छे दिन नहीं हो सकते, अच्छे दिनों की शुरूआत हुई है।"

गाँव कनेक्शन की पांच साल की यात्रा के गवाह रहे डॉ. दिनेश शर्मा कहते हैँ, " जब गाँव कनेक्शन की पहली प्रति मुझे मिली, तो लगा कि अन्य जो बहुत उत्साह के साथ अखबार छपते हैँ और बंद हो जाते हैं वैसा कुछ होगा, लेकिन मुझे इस बात की खुशी है, गाँव कनेक्शन की पांच सालों की यात्रा को अनवरत देखा है, दिन-प्रतिदिन इस समाचार पत्र के लेखों में संतुलन है, व्यापक समीक्षाएं हैं, समाचार की विश्वसनीयता इसकी सबसे बड़ी विशेषता है, गाँव कनेक्शन ने कई संदर्भों को बड़ी सकारात्मक तरीके से देखा है।"

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