कर्जमाफी के बावजूद किसानों के लिए ‘मौत का महीना’ बना जून

कर्जमाफी के बावजूद किसानों के लिए ‘मौत का महीना’ बना जूनरोज कहीं ने कहीं से किसानों की मौत की खबरें आती हैं।

लखनऊ। देश में किसानों की मौत की सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। प्रतिदिन किसी न किसी प्रदेश से किसानों की मौत की खबर आ ही जाती है। कई प्रदेशों में कर्जमाफी की घोषणा के बावजूद किसान खुदकुशी कर रहे हैं।

सरकार की तमाम घोषणाएं किसानों की मौत नहीं रोक पा रही हैं। पिछले दो हफ्तों में, महाराष्ट्र में 42 किसानों की आत्महत्या दर्ज़ हुई। मराठवाड़ा में 19 से 25 जून यानि सात दिनों के भीतर 19 किसानों ने अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। मध्यप्रदेश में पिछले 17 दिनों में 29 किसानों ने ख़ुदकुशी की। वो भी जून 12 से 28 जून के अंतराल में। पंजाब में, जब पंजाब विधानसभा ने 19 जून को बैठक शुरू करते वक्त ऋण माफ़ी की घोषणा की, तब से लगभग दर्जन भर किसान आत्महत्या कर चुके हैं।

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वहीं नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने दावा किया है कि जून महीने की शुरुआत से अब तक मध्य प्रदेश में 40 से ज़्यादा किसान आत्महत्या कर चुके हैं, लेकिन राज्य सरकार किसानों के प्रति संवेदनहीन बनी हुई है। द वायर के अनुसार मध्य प्रदेश के सीहोर, होशंगाबाद, रायसेन, धार, नीमच, छतरपुर, सागर, टीकमगढ़, रायसेन, बालाघाट, बडवानी, छिन्दवाडा, रतलाम, पन्ना, इंदौर, हरदा, देवास, खंडवा, शिवपुरी और विदिशा ज़िलों में किसानों की आत्महत्या की ख़बरें आईं. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के गृह ज़िले सीहोर में छह किसानों ने आत्महत्या की है।

मराठवाड़ा में 42 किसानों ने आत्महत्या की

महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र में पिछले दो हफ़्ते में 42 किसानों ने आत्महत्या की है। औरंगाबाद डिवीजनल कमिश्नरेट, जो किसानों की आत्महत्या का लेखा-जोखा रखता है, के हवाले से इंडियन एक्सप्रेस ने लिखा है, ‘इस साल जनवरी से 26 जून तक 445 किसानों ने आत्महत्या की है। एक जून से किसानों के आंदोलन के बाद महाराष्ट्र सरकार ने किसानों की क़र्ज़माफ़ी की घोषणा की थी। इसके बावजूद, महाराष्ट्र के आठ ज़िलों में किसानों ने आत्महत्या की। यहां जून में 42 किसानों ने आत्महत्या कर ली। इसकी वजहें कृषि और क़र्ज़ से जुड़ी हैं।’

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छत्तीसगढ़ में 12 किसानों ने दी जान

छत्तीसगढ़ के सरगुजा में 27 जून को एक किसान फुलेश्वर पैकरा ने आत्महत्या कर ली थी। टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, इसके साथ ही राज्य में एक पखवाड़े में आत्महत्या करने वाले किसानों की संख्या 11 हो गई है। विपक्षी दल कांग्रेस का कहना है कि राज्य में पिछले दस दिनों में 12 किसानों ने आत्महत्या कर ली है।

पंजाब सरकार ने कर्जमाफी की घोषणा की है। बावजूद इसके पंजाब में अब तक एक दर्जन किसानों ने आत्महत्या कर ली है। 19 जून को सरकार ने कर्जमाफी की घोषणा की थी। इंडियन एक्सप्रेस अख़बार की रिपोर्ट के मुताबिक, 19 जून से 27 जून के बीच आठ दिनों के भीतर 12 किसानों ने खुदकुशी कर ली। वहीं राजस्थान के हाड़ौती संभाग में इस जून में ही पांच किसानों ने आत्महत्या की है। राजस्थान पत्रिका की एक ख़बर में कहा गया है कि हाड़ौती संभाग में पांच किसान आत्महत्या कर चुके हैं।’ इन आत्महत्याओं का कारण गिरता लहसुन का दाम है. ‘मौजूदा भाव में बुवाई का ख़र्च़ भी नहीं निकल रहा जिससे परेशान होकर किसान आत्महत्या कर रहे हैं।

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