आईआईटी बॉम्बे की देवांशी ने सीआरपीएफ जवानों की मुश्किल को किया इस तरह आसान

आईआईटी बॉम्बे की देवांशी ने सीआरपीएफ जवानों की मुश्किल को किया इस तरह आसानसीआरपीएफ जवान

मुंबई। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों की ज़िंदगी हम सब से बहुत अलग होती है। उन्हें हर दिन 30 - 40 किलोमीटर पैदल चलकर दूर - दूराज के निर्जन इलाकों में जाना पड़ता है। इन जवानों को भोजन और पानी के अलावा बुलेट प्रूफ जैकेट, हथियार, गोला-बारूद भी पीठ पर लादकर ले जाना होता है। जवान कोल्ड ड्रिंक की दो लीटर की बोतल में पानी भरकर ले जाते हैं जिससे वो 1-2 दिन गुज़ारा करते हैं। कई बार तो ये जवान ऐसे इलाकों में होते हैं जहां इन्हें पीने के साफ पानी भी नहीं मिल पाता।

सीआरपीएफ जवानों की इसी मुश्किल को हल करने के लिए आईआईटी बॉम्बे की देवांशी सक्सेना ने एक हल्की, टिकाऊ, आसानी से रखी जा सकने और इस्तेमाल की जा सकने वाली पंप आधारित पानी को फिल्टर करने वाली बोतल बनाई है जिसमें 1 से 2 लीटर पानी आ सकता है।

25 किलो का होता है जवानों का बैग

सीआरपीएफ जवानों की ज़िंदगी बहुत मुश्किल होती है। जब ये जवान किसी मिशन पर दूर - दराज के इलाकों में जाते हैं तो इनके कंधे पर हर वक्त एक बैग टंगा रहता है और इस बैग में रखे सामानों का वज़न लगभग 25 किलोग्राम होता है, जिसे लेकर इन्हें 30 - 40 किलोमीटर पैदल चलना होता है। इनमें से ज़्यादातर इलाकों में जवानों को पीने के लिए साफ पानी नहीं मिल पाता और ऐसा भी कोई साधन नहीं होता जिससे वे इस पानी को साफ कर लें। ये जवान अपने रुमाल और क्लोरीन की गोलियों का इस्तेमाल इस पानी को साफ करके पीने लायक बनाने के लिए करते हैं लेकिन इससे भी पानी पूरी तरह साफ नहीं हो पाता।

आआईटी बॉम्बे के इंडस्ट्रियल डिज़ाइन सेंटर की देवांशी सक्सेना ने डिज़ाइन एंड डिग्री शो में सीआरपीएफ जवानों के लिए खास बोतल बनाई। इस बोतल में एक पंप से जोड़कर फिल्टर लगाया गया है। इस बोतल को आसानी से बैग में रखकर कहीं भी ले जाया सकता है और खास बात ये है कि ये बोतल साउंडप्रूफ भी है। देवांशी के मुताबिक, इस बोतल को डिज़ाइन करने से पहले मैंने कुछ विश्लेषण को अध्ययन किए और इसके बाद एक खाका तैयार किया। मैंने कुछ सीआरपीएफ जवानों से बात भी की और उनकी सलाह व फीडबैक के ज़रिए इस बोतल को डिज़ाइन किया।

इसके तल में एक प्यूरिफायर अटैच किया गया है जिसे आसानी से हटाया और लगाया जा सकता है। एक पंप जिसे पानी में डाल दिया जाता है और एक पाइप के जरिए पानी प्यूरिफायर के जरिए बॉटल में पहुंचता है।

क्या है सीआरपीएफ

केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) भारत के केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में सबसे बड़ा है। यह भारत सरकार के गृह मंत्रालय के तहत काम करता है। सीआरपीएफ की प्राथमिक भूमिका पुलिस कार्रवाई में राज्य / संघ शासित प्रदेशों की सहायता, कानून-व्यवस्था और आतंकवाद विरोध में काम करना है। यह क्राउन प्रतिनिधि पुलिस 27 जुलाई 1939 को अस्तित्व में आया था। भारतीय स्वतंत्रता के बाद यह 28 दिसंबर 1949 को सीआरपीएफ अधिनियम के लागू होने पर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल बन गया। 230 बटालियनों और विभिन्न अन्य प्रतिष्ठानों के साथ, सीआरपीएफ भारत का सबसे बड़ा अर्धसैनिक बल माना जाता है।

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