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अयोध्या में धर्मसभा शुरू, देशभर से आए एक लाख से भी ज्यादा लोग

धर्मसभा के लिए एक लाख से भी ज्यादा लोग अयोध्या पहुंच चुके हैं और अब भी आना जारी है। लोगों ने सुबह से ही अयोध्या पहुंचना शुरू कर दिया। प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं।

Ranvijay SinghRanvijay Singh   25 Nov 2018 6:50 AM GMT

अयोध्या। अयोध्या में धर्मसभा के लिए देश भर से लोग आए हैं, धर्मसभा के लिए एक लाख से भी ज्यादा लोग अयोध्या पहुंच चुके हैं और अब भी आना जारी है। लोगों ने सुबह से ही अयोध्या पहुंचना शुरू कर दिया। प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं।


राम मंदिर निर्माण की मांग को लेकर विश्‍व हिंदू परिषद (वीएचपी) ने धर्म सभा बुलाई है। इस धर्म सभा में करीब एक लाख लोगों के आने का अनुमान है। धर्म सभा में संघ, शिवसेना समेत कई हिन्‍दूवादी संगठन शामिल हो रहे हैं, जिनके कार्यकर्ताओं ने अयोध्‍या से लेकर फैजाबाद तक में डेरा जमा लिया है।

धर्म सभा की व्‍यवस्‍था का संचालन कर रहे वीएचपी के प्रवक्‍ता शरद शर्मा बताते हैं कि, ''धर्म सभा में शामिला होने के लिए कई राज्‍यों से राम भक्‍त आ रहे हैं। करीब 50 हजार लोग शनिवार की सुबह तक शहर में आ गए हैं। इतने ही अलग-अलग जिलों से रविवार को पहुंचेंगे।''


इससे पहले राम मंदिर निर्माण को लेकर सरकार पर हमला जारी रखते हुए शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने आज कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान मंदिर मुद्दे का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए और हिंदुओं की भावनाओं के साथ खिलवाड़ भी नहीं किया जाना चाहिए। ठाकरे ने कहा, ''चुनाव प्रचार के दौरान इस राम मंदिर मुद्दे का इस्तेमाल ना करें... हिंदुओं की भावनाओं के साथ खिलवाड़ ना करें।''

उन्होंने कहा कि दिन, साल और पीढ़ियां बीती जा रही हैं लेकिन राम लला का मंदिर नहीं बन रहा है। ठाकरे ने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदत्यिनाथ ने कहा था कि यहां मंदिर था, है और रहेगा। ये तो हमारी भी भावना है।


'लेकिन वह मंदिर दिखेगा कब? उसका जल्द से जल्द निर्माण होना चाहिए।'' उन्होंने कहा कि अब लोकसभा चुनाव के लिए कुछ ही महीने बाकी हैं। संसद का केवल एक सत्र बचा है। सरकार अध्यादेश लाये। शिवसेना हिन्दुत्व के लिए हमेशा से साथ दे रही है और आगे भी देगी। ''चाहे कानून लाइये या अध्यादेश, लेकिन मंदिर अवश्य बनाइये। हिंदुओं की भावनाओं से खिलवाड़ नहीं होना चाहिए।''

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ठाकरे ने कहा कि हिन्दु आज पूछ रहा है कि मंदिर कब बनेगा। साथ ही शिवसेना प्रमुख ने साफ किया कि वह राजनीति करने के लिए अयोध्या नहीं आये हैं और ना ही उनका कोई छिपा एजेंडा है। उन्होंने कहा, ''मैं भाजपा से सवाल यही पूछ रहा हूं कि जब आप प्रचार कर रहे थे तो कहते थे कि संविधान के दायरे में हर संभावना तलाश की जाएगी... पिछले चार साल में कितनी संभावना तलाशी गयी? कब उस संभावना की तलाश करेंगे?''


ठाकरे ने कहा कि प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के समय मिली जुली सरकार थी। उस समय ये काम नहीं हो सका, लेकिन वर्तमान सरकार मजबूत है और ये सरकार मंदिर नर्मिाण नहीं करेगी तो कौन करेगा? उन्होंने कहा कि ये सरकार मंदिर नहीं बनाएगी तो शायद ये सरकार भी नहीं बनेगी, लेकिन... मंदिर अवश्य बनेगा। मुंबई में उत्तर भारतीयों पर हमले के बारे में पूछे गये सवाल पर ठाकरे ने कहा कि डर की कोई भावना ना थी और ना आगे कभी रहेगी। ''आप मुंबई आकर देखो, मेरे साथ यहां कई उत्तर भारतीय आये हैं, वे मुझसे अच्छी मराठी बोलते होंगे।''

ये भी देंखे- वीडियो में देखिए आखिर क्या है अयोध्या का क्या है पूरा विवाद..


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