दिल्ली घेराव आंदोलन: सुरक्षा बलों ने किसानों को रोका, कई गिरफ्तार,  कहीं प्रदर्शन , कहीं अनशन

दिल्ली घेराव आंदोलन: सुरक्षा बलों ने किसानों को रोका, कई गिरफ्तार,  कहीं प्रदर्शन , कहीं अनशनहरियाणा में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से दिल्ली घेराव करने जा रहे किसानों को सुरक्षा बल ने रोका।

“रण सज चुका है दिल्ली में, अब युद्ध आरपार का होगा, या तो भूमिपुत्रों को पूरा हक अधिकार मिलेगा, या तो बेइमानों का सूपड़ा साफ होगा।“ यह आवाज है देश के किसानों की, जो अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्वक 23 फरवरी को दिल्ली घेराव करने जा रहे थे, और सुरक्षा बल ने एक दिन पहले गुरुवार को उन्हें रास्ते पर ही रोक लिया।

यह हाल सिर्फ एक जगह का ही नहीं, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दक्षिण भारत के राज्यों से दिल्ली पहुंच रहे किसानों के काफिले को अलग-अलग जगहों पर सुरक्षा बलों ने रोक लिया और कई किसान नेताओं को गिरफ्तार कर लिया। कई जगह किसानों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। राजस्थान से ख़बर है कि श्रीगंगानगर से आ रहे किसानों को हरियाणा के जींद में रोककर गिरफ्तार किया गया, जहां जेल भेजने पर किसानों ने वहीं अनशन शुरु कर दिया है। हरियाणा, पंजाब, यूपी और राजस्थान से दिल्ली आने वाले रास्तों की सुरक्षाबलों ने नाकेबंदी कर रखी है।

स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू करने और पूरे देश में किसानों को ऋणमुक्त करने, इन दो मांगों को लेकर हरियाणा के पलवल से शुरू हुआ देश के किसानों का दिल्ली घेराव आंदोलन पर आखिरकार सरकार की नजरें टेढ़ी हो चुकी हैं।

हाथों में पीले रंग के झंडे लेकर पैदल यात्रा करते हुए हरियाणा के फरीदाबाद अनाज मंडी पहुंचे मध्य प्रदेश से आए हजारों किसानों को गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे पुलिस ने अनाजमंडी में ही राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिव कुमार शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष देवनारायण पटेल समेत कई किसानों को गिरफ्तार कर लिया है। इसके बाद किसानों ने अनाज मंडी में ही अपनी मांगों को लेकर आमरण अनशन शुरू कर दिया है।

ये भी पढ़ें- जैसे वो किसान नहीं अपराधी हों, दिल्ली में घुसने से रोका, पुलिस ने जहां देखा वहीं से गिरफ्तार कर लिया

शिव कुमार शर्मा ने बताया, “दिल्ली पुलिस विभाग से चर्चा हुई कि आपको सिरसा विहार दिल्ली तक आने दिया जाएगा, पर हम सबको आज अचानक ही पुलिस फोर्स के द्वारा फरीदाबाद अनाज मंडी में रोक दिया गया है। “ आगे कहा, “इतना ही नहीं, हरियाणा में किसानों को गिरफ्तार कर लिया गया है, दक्षिण भारत से जो किसान आए थे, उनको रेलवे स्टेशन पर गिरफ्तार कर लिया गया है, जो जहां भी किसान दिखाई दे रहे हैं, वहां प्रशासन की गिरफ्तारी जारी है।“

85 साल के वरिष्ठ किसान नेता लहना सिंह काजल को भी गिरफ्तार कर ले गई पुलिस।

शिव कुमार शर्मा ने आगे बताया, “प्रशासन का कहना है कि दिल्ली सरकार का आदेश है कि किसानों को दिल्ली में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। ऐसे में हम किसान अपनी दोनों मांगों को लेकर अनाज मंडी में ही धरने में बैठ गए, हम सभी किसान घोषणा करते हैं कि जब तक हमें दिल्ली नहीं जाने दिया जाता हम यहां आमरण अनशन पर बैठते हुए सत्याग्रह प्रारंभ करेंगे।“

आगे कहा, “सब अलग-अलग राज्यों से किसान आ रहे हैं, सड़क में आप चलने नहीं दे रहे हैं, ऐसे में हमारा अनिश्चितकालीन धरना चलेगा, और इसी फरीदाबाद मंडी को केंद्र बनाकर पूरे देश से किसानों का संदेश जाएगा।“

ये भी पढ़ें- आपातकाल जैसे हालात, किसानों की बात सरकार सुनना ही नहीं चाहती

दूसरी ओर, हरियाणा के अंबाला और कुरुक्षेत्र के मध्य स्थित शाहबाद मारकंडा में 1000 से ज्यादा ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ दिल्ली की ओर कूच कर रहे किसानों के काफिले को भी सुरक्षा बल ने रोक लिया। यहां भारतीय किसान यूनियन के प्रेस सचिव राकेश कुमार बैंस समेत कई किसानों को पुलिस ने गिरफ्तार किया।

ऐसे में पूरी सड़क पर किसानों के ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से जाम की स्थिति बनी रही। इस रास्ते से भारतीय किसान यूनियन से जुड़े किसान दिल्ली की ओर आगे बढ़ रहे थे। यहां से किसान मनदीप ने सोशल मीडिया में वीडियो जारी कर किसानों की स्थिति से रुबरु कराया। वहीं, करनाल से दिल्ली की ओर जा रहे किसानों को भी पुलिस ने रोककर गिरफ्तार कर लिया।

जयपुर में विधानसभा घेराव करने जा रहे किसानों को सुरक्षा बल ने रोका।

इसके अलावा राजस्थान में अखिल भारतीय किसान महासभा और इससे जुड़े संगठनों के आह्वान पर गुरुवार को राजस्थान विधानसभा का घेराव करने जयपुर आ रहे किसानों को जयपुर-सीकर हाइवे पर पुलिस ने रास्ते में रोक दिया। इससे एक दिन पहले बुधवार को पुलिस बल ने किसान के आंदोलन को देखते हुए कई किसान नेताओं को गिरफ्तार किया था।

यह भी पढ़ें: 23 फरवरी को दिल्ली घेरने के लिए देशभर के किसानों ने फिर भरी हुंकार

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की अंब्रैला सुरक्षा में कई छेद हैं सरकार !

आमदनी बढ़ाने का फार्मूला : थाली ही नहीं, खेत में भी हो दाल - चावल का साथ

Share it
Share it
Share it
Top