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किसानों की आवाज़ बनकर सोशल मीडिया में वायरल हो रहे डीएम पीलीभीत ने किसान से फोन पर कहा- तीन चीजें लेकर आना धान तौल जाएगा

धान खरीद में आनाकानी और किसानों को परेशान कर रहे कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाने वाले डीएम पीलीभीत की सोशल मीडिया में खूब सराहना हो रही है, आम किसानों से लेकर केंद्रीय मंत्री तक उनकी तारीफ कर चुके हैं।

Mohit ShuklaMohit Shukla   15 Oct 2020 6:33 PM GMT

किसानों की आवाज़ बनकर सोशल मीडिया में वायरल हो रहे डीएम पीलीभीत ने किसान से फोन पर कहा- तीन चीजें लेकर आना धान तौल जाएगाकृषि उपज मंडी, पीलीभीत का औचक निरीक्षण करने पहुंचे पीलीभीत के जिलाधिकारी पुलकित खरे। फोटो: सोशल मीडिया

पीलीभीत (उत्तर प्रदेश)। "जितने किसान मंडी में खड़े हैं सबका धान खरीदने लायक है। तुम (सरकार क्रय अधिकारी) नहीं लेते हो तो आढती औने-पौने दाम पर खरीदते हैं। किसान का नुकसान होता है सरकार की बदनामी होती है। हमारे लिए किसान सबसे ऊपर हैं, तुमसे नहीं हो रहा है तो कल से हम यहां रोज आएंगे. किसानों का पूरा धान खरीदा जाएगा।" धान की ढेरियों, किसानों और अधिकारियों कर्मचारियों के बीच जब जिलाधिकारी पीलीभीत ने धान खरीदने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों की क्लास लगाई तो खुद को अक्सर ठगा और सताया महसूस करने वाले किसान डीएस के समर्थन में नारे लगाने।

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में एक अक्टूबर से धान की सरकारी खरीद जारी है। लेकिन किसान लगातार परेशान और शिकायत कर रहे थे कि उनका धान 1100-1200 में खरीदा जा रहा है। पीलीभीत के जिलाधिकारी पुलकित खरे सोमवार को कृषि उपज मंडी, पीलीभीत का औचक निरीक्षण करने पहुंचे थे, जिसका बाद वहां के हालात देखकर उनका गुस्सा फूट पड़ा। मंडी में अधिकारियों का हड़काते और किसानों का हौसला बढ़ाते डीएम का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है।

वायरल वीडियो में वो डिप्टी आरएमओ अविनाश झा से धान खरीद को लेकर सवाल जवाब करते हैं। मंडी में नियमत सरकारी खरीद केंद्र आगे होने चाहिए लेकिन यहां पीछे बने थे आगे आढ़ती खरीद कर रहे थे, ज्यादातर किसानों के धान में मॉस्चर (नमी) बताकर खरीद नहीं हो रही थी। किसानों की बातें सुनने के बाद डीएम ने अधिकारियों से जवाब मांगा तो वो सही उत्तर नहीं दे पाए।

कृषि उपज मंडी, पीलीभीत का औचक निरीक्षण करने पहुंचे पीलीभीत के जिलाधिकारी पुलकित खरे। फोटो: सोशल मीडिया

डीएम ने डिप्टी आरएमओ अविनाश झा को सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा, अगर किसान बिना पंजीकरण कराए मंडी आ गए हैं तो ये किसानों की गलती नहीं, बीडीओ और दूसरे अधिकारियों को लगाकर उनका पंजीकरण कराएं। मॉस्चर का बहाना नहीं चलेगा, सत्यापन नही है,ये सब आप लोगों की जिम्मेदारी है। किसान अगर मंडी में धान लेकर आता है तो उसका धान तौला जायेगा।"

उन्होंने आगे कहा, "अगर बेवजह किसान को परेशान किया गया तो आप लोगों की खैर नहीं। अगर आप ये खरीद नहीं कर पा रहे हैं तो मैं रोज आकर मंडी में खरीद कराऊंगा।"

आढ़ती के हाथों 1100-1200 में धान बेचने को मजबूर किसानों के चेहरे डीएम के मुंह ये शब्द सुनने के बाद खिल गए। किसानों ने तालियां बजाकर उनका अभिवादन किया। डीएम के निर्देश पर अब रविवार क भी पीलीभीत में सरकारी खरीद केंद्र खुलेंगे।

सोशल मीडिया में लोग उनकी सराहना कर रहे हैं। श्याम वीर सिंह झझोरिया नाम के ट्वीटर हैंडल से ट्वीट किया गया। "कुछ ऐसे भी आईएएस ऑफिसर्स होते हैं जो एग्जाम टॉप करें या न करें लेकिन काम ज़मीन पर टॉप का करते हैं। डीएम पीलीभीत इसका उदाहरण हैं। किसानों के लिए लड़ते हुए। सभी डीएम सीख ले सकते हैं! #असली_जनसेवक…।" अकेले इसी हैंडल पर 3 लाख से ज्यादा लोग ये वीडियो देख चुके हैं और 7 हजार के आसपास लोगों ने रिट्वीट किया है।

मध्य प्रदेश के किसान नेता भगवान मीणा ने लिखा कि नेता चुप और अधिकारी मैदान में। देश और किसानों को ऐसे अधिकारियों की जरुरत है, ऐसे अधिकारी को सलाम..

फेसबुक, ट्वीटर और किसानों के व्हाट्सअप ग्रुप पर कई किसानों ने लिखा कि अगर सभी जिलों में इस तरह के अधिकारी हों फिर उच्च अधिकारी ऐसे ही मंडियों में आते रहें तो किसान का भला हो जाएगा।

केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने जिलाधिकारी को फोन कर मंडी में किसानों के लिए किए गए उनके प्रयासों की सहारना की। उन्होंने कहा कि ऐसे ही प्रयासों से सरकारी की योजनाएं आम लोगों तक पहुंचेंगी किसानों को फायदा मिलेगा।

गांव कनेक्शन ने 7 अक्टूबर को यूपी समेत कई राज्यों से धान खरीद पर रिपोर्ट की थी, जिसमें कई किसानों का आरोप था कि उन्हें धान बेचने में दिक्कत आ रही है, और एमएसपी नहीं मिल पा रही है। शिकायत करने वालों में पीलीभीत के भी किसान थे।


कौन हैं पुलकित खरे

2011 बैच के आईएएस अधिकारी पुलकित खरे अपनी तेज तर्रार कार्य शैली को लेकर हमेशा चर्चा में रहते हैं। पुलकित खरे ने इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग से बीटेक और लोकनीति से परास्तानक हैं। मूलरूप से सुल्तानपुर के रहने वाले पुलकित खरे। कई जिलों में मुख्य विकास अधिकारी रह चुके हैं। पीलीभीत से पहले वो जिलाधिकारी हरदोई के पद पर तैनात थे। हरदोई में उनकी तैनाती के दौरान सांडी पक्षी विहार को विश्व स्तर पर पहचान मिली। पुलकित खरे के कार्यकाल में हरदोई को स्वच्छता में उत्तर प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल हुआ था।

एक नजर में पीलीभीत

पीलीभीत जनपद में 189680 सीमांत किसान हैं,21902 लघु किसान हैं,बड़े किसानों की संख्या 8010है। वही जिले में खरीद क्रय केंद्रों की बात करे तो जिले में 165 धान क्रय केंद्रों बनाये गये हैं। डीएम के निरीक्षण के बाद क्रय केंद्रों पर किसानों की आवक बढ़ी हुई है। वही अब तक डिप्टी आरएमओ अविनाश झा के मुताबिक़ 6540 मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है।

धान खरीद में नप चुके हैं कई कर्मचारी, 4 सचिव पर FIR

धान खरीद मामले में हीलाहवाली होने पर पीलीभीत जिले के चार केंद्र प्रभारियों पर एफआईआर दर्ज की जा चुकी है तो पांच सचिव निलंबित किए हैं। जिलाधिकारी के आदेश पर 9 सचिवों का वेतन भी रोक दिया गया है।

अब नई व्यवस्था लागू

जिलाधिकारी एक ओडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। जिसमें वो एक किसान से फोन पर बात कर रहे हैं। किसान ने कहा कि वो 5-6 एकड़ जमीन का किसान है। मंडी वाला आपका वीडियो देखने के बाद मेरी हिम्मत हुई कि आपसे बात करूं। मुझे बुहत अच्छा लगा। किसान ने पूछा कि हम (किसान) अपना धान सरकारी रेट पर कैसे बेच सकते हैं?

जिलाधिकारी ने किसान से कहा- धान बेचने के दो तरीके हैं। पहला या तो धान मंडी लेकर आइए। मंडी रविवार को भी खुले रहेगी या फिर क्रय केंद्र पर ले जाए। मंडी में हमने टोकन व्यवस्था शुरु कर दी है। आते वक्त धान के साथ तीन चीजें जरुर लाएं,खतौनी, आधार कार्ड और बैंक की पासबुक। अगर पहले से सरकारी खरीद के लिए रजिस्ट्रेशन नहीं है तो मंडी के गेट पर पंजीकरण के बाद टोकन मिल जाएगा। अंगर एक लेकर 15 केंद्र जिनका आपका नंबर मिलेगा उस पर जाइए और धान तौला दीजिए आपको 1868 (सामन्य धान) का सरकारी रेट मिल जाएगा।

लेकिन यहां इतना ध्यान रखना होगा कि आप के धान की नमी (17-20) के बीच ही हो। थोड़ी बहुत नमी होने पर मंडी में सुखाने की व्वयस्था है लेकिन इससे ज्यादा नमी होने पर सरकारी व्यवस्था के तहत आपकी खरीद नहीं हो पाएगी।


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