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अक्टूबर की बारिश का असर... प्याज की कीमतों में भारी उछाल, जानिए क्या है रेट?

Diti BajpaiDiti Bajpai   5 Nov 2019 12:09 PM GMT

अक्टूबर की बारिश का असर... प्याज की कीमतों में भारी उछाल, जानिए क्या है रेट?

लखनऊ। एक बार फिर प्याज कीमतों में उछाल आया है। जो प्याज 50 से 55 रुपए प्रतिकिलो में बिक रहा था वहीं कई राज्यों में प्याज के खुदरा मूल्य की कीमत 80 से 100 रुपए प्रतिकिलो पहुंच गया है। कीमतें बढ़ने के पीछे बेमौसम बारिश से प्याज की फसल खराब होना बताया जा रहा है। अक्टूबर के महीने में महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश कर्नाटक समेत कई राज्यों में हुई बारिश से प्याज और टमाटर की फसल को एक बार फिर भारी नुकसान पहुंचा है।

महाराष्ट्र में प्याज की खेती वाले क्षेत्रों में बेमौसम बारिश से प्याज का उत्पादन पहले के मुकाबले कम हुआ है। महाराष्ट्र के नासिक जिले के जलगाँव में रहने वाले पप्पू शिंदे में छह एकड़ में प्याज की बुवाई की थी, लेकिन भारी बारिश के चलते उनकी पूरी फसल बर्बाद हो गई।


शिंदे ने फोन पर गाँव कनेक्शन को बताया, "हमारे पास 15 एकड़ जमीन है जिसमें प्याज, मक्का और सोयाबीन की बुवाई की थी। बारिश के कारण पूरी की पूरी फसल बर्बाद हो गई है। नई फसल का प्याज बाजार तक पहुंचा ही नहीं है। किसानों के पास जो स्टॉक था वहीं बाजार में बिक रहा है इसलिए कीमतें बढ़ी हुई है।" महाराष्ट्र और कर्नाटक से फसल नहीं आने के चलते अगले 10-15 दिन में दाम और बढ़ने की भी आंशका है।



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शिदें आगे कहते हैं, " बाजार में प्याज की कीमत 50 रुपए प्रति किलोग्राम से बढ़कर 80 रुपए प्रति किलोग्राम हो गई है। यह कीमत अभी और बढ़ेगी क्योंकि फसल के साथ-साथ प्याज का बीज भी पूरी तरह से खराब हो चुका है। अब खेत है, पानी है पर प्याज का बीज नहीं है।"

बीते सितंबर में प्याज के कीमतों में इसी तरह से इजाफा हुआ था, जिसको नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार ने 2000 हजार टन प्याज का निर्यात करने के निर्दश दिए थे। लेकिन अब नवंबर के महीने में सितंबर जैसी स्थिति नज़र आ रही है। न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार महाराष्ट्र के लासलगांव स्थित थोक बाजार में प्याज की औसत कीमत 55.50 रुपये प्रतिकिलो हो गई है। नासिक स्थित लासलगांव देश की सबसे बड़ी प्याज मंडी है।


फसल खराब होने से व्यापारियों को आशंका है कि प्याज के दाम और अधिक बढ़ सकते हैं। नासिक के पिपलगाँव मंडी में प्याज और टमाटर के करोबारी रईस अहमद बताते हैं, "बेमौसम बारिश की वजह से प्याज की फसल खराब हो गई है। पिछले तीन दिनों से बारिश बंद हुई है। अब अगर किसान फसल की बुवाई करेगा तो करीब तीन महीने के बाद ही मंडी में प्याज आएगा। यानी तीन महीने के बाद ही प्याज के दाम घट सकते हैं। हम लोगों का धंधा भी बंद पड़ा है। बारिश ने सब बर्बाद कर दिया है।" पिछले तीन महीने में थोक बिक्री में प्याज के दामों में चार गुना का इजाफ देखा गया है।

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देशभर में जहां प्याज की कीमतें बढ़ी है वहीं आज दिल्ली में प्याज की कीमतें 5 रुपए प्रतिकिलो घटी है। नई दिल्ली की आजादपुर मंडी के कारोबारी और ऑनियन मर्चेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र शर्मा ने बताया, "कल थोक में प्याज 25 से 55 रुपए में बिक रहा था जो आज 40 से 70 रुपए हो गया है। कल भी प्याज की कीमत 5 रुपए घट थी आज भी घटी है। आने वाले कुछ दिनों में स्थिति सामान्य होगी है। अभी राजस्थान से प्याज की आवक हो रही है।" प्याज फसल खराब होने से जहां किसान दिक्कत हो रही है वहीं आम जनता रेट के बढ़ने से परेशान है।

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