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खुली मिठाइयों पर अब लिखनी होगी एक्सपायरी डेट, दुविधा में कारोबारी

अब खुली मिठाई बेचने वाले दुकानदारों को मिठाई की ट्रे में मैन्यूफैक्चरिंग डेट यानी बनाने की तारीख और बेस्ट बिफोर (उपयोग करने की समय-सीमा) लिखना होगा।

Kushal MishraKushal Mishra   26 Feb 2020 1:42 PM GMT

खुली मिठाइयों पर अब लिखनी होगी एक्सपायरी डेट, दुविधा में कारोबारीफोटो साभार : क्वाटर्ज

अब खुली मिठाई बेचने वाले दुकानदारों को मिठाई की ट्रे में मैन्यूफैक्चरिंग डेट यानी बनाने की तारीख और बेस्ट बिफोर (उपयोग करने की समय-सीमा) लिखना होगा। भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) की ओर से यह नया नियम एक जून से पूरे देश में लागू किया जाएगा।

देश में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की शुद्धता की जांच करने वाले एफएसएसएआई ने मिठाई दुकानदारों की ओर से खराब मिठाई बेचे जाने से जुड़ीं कई शिकायतें मिलने के बाद यह आदेश जारी किया है।

इस नियम को लेकर देश के मिठाई कारोबारी दुविधा में हैं। कई मिठाई कारोबारी इस नियम का विरोध भी कर रहे हैं और कई कारोबारी स्वागत भी कर रहे हैं। मगर व्यापारियों का मानना है कि इस नियम को पूरी तरह से लागू कर पाना संभव नहीं हो सकेगा।

फोटो साभार : एलबीबी

नई दिल्ली में खाद्य सुरक्षा अधिकारी (एफएसएसएआई) हुकुम सिंह 'गांव कनेक्शन' से बताते हैं, "इस नये नियम के बाद दुकानदार मिठाई की ट्रे में जहां कीमत लिखते थे, अब उसी जगह पर कीमत के साथ मिठाई बनाने की तारीख और बेस्ट बीफोर भी लिखेंगे। दूध से बनी कई मिठाइयां सिर्फ दो-तीन दिनों तक ही अच्छी रहती हैं ऐसे में कई दुकानदार पुरानी मिठाई मिक्स करके भी बना देते थे, हालांकि यह ग्रामीण इलाकों के दुकानदार सबसे ज्यादा करते हैं। इस नियम के बाद अब इन पर रोक लग सकेगी।"

इस नियम को कैसे लागू किया जाएगा और यह कैसे प्रभावी होगा, इस पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी कुछ नहीं बता रहे।

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इस नियम के बारे में एफएसएसएआई की चेयरपर्सन रीता तेयोटिया ने गाजियाबाद में एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों को बताया, "हम यह निश्चित कर रहे हैं कि उचित जांच के बिना हमारे हाथ से कुछ भी न फिसले। ऐसे में हम खुले उत्पादों का वर्गीकरण कर रहे हैं और इससे खाद्य सुरक्षा स्थिति को और मजबूत किया जा सकेगा।"

देश के बड़े संगठनों में से एक फेडरेशन ऑफ स्वीट्स एंड नमकीन मैन्यूफैक्चर्स (एफएसएनएम) के निदेशक फिरोज एच. नकवी 'गांव कनेक्शन' से बताते हैं, "यह नियम व्यवहारिक रूप से बिल्कुल भी संभव नहीं है। अगर किसी मिठाई व्यापारी के यहां 200 तरह की मिठाइयां हैं तो हर मिठाई में तारीख और एक्सपायरी डेट लिखना कितना मुश्किल होगा, और भला जलेबी जैसे उत्पादों पर एक दुकानदार एक्सपायरी डेट कैसे लिखेगा। इस नियम से सिर्फ दुकानदारों की समस्याएं ही बढ़ेंगी और भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा। छोटे व्यापारियों की तो दुकानें ही बंद हो जाएंगी। एक ही लकड़ी से हम सभी को नहीं हांक सकते।"

फिरोज कहते हैं, "सरकार की मंशा सही है, हम उनके साथ हैं, मगर हम जो मिलजुल कर बीच का रास्ता निकाल सकते थे, वैसा नहीं हुआ। हमसे बिना बातचीत के अचानक से हमारे ऊपर नियम अनिवार्य कर दिया गया। हम चाहते हैं कि इस पर जरूर मानक बनाए जाएं मगर वे नियम ऐसे हों कि सभी के लिए व्यवहारिक रूप से लागू करना मुमकिन हो और व्यापारी-उपभोक्ता दोनों के लिए फायदेमंद हो।"

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गांव कनेक्शन ने देश के कुछ मशहूर मिठाई व्यापारियों से भी बातचीत करने की कोशिश की और जानना चाहा कि उनके लिए सरकार का यह नियम कितना प्रभावी रहेगा।


यूपी में ताजमहल नगरी आगरा में गोयल पेठा वाला और स्वीट एंड नमकीन शॉप नाम से मशहूर दुकान के मालिक अमित गोयल बताते हैं, "आप सोचिए एक दुकानदार के लिए यह नियम कितना मुश्किल भरा है। अगर किसी ट्रे में दिन में दस बार मिठाई आती है तो एक दुकानदार कितनी बार मैन्यूफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट लिखता रहेगा। इसके लिए तो उस व्यापारी को अलग से एक काम करने वाला रखना होगा जो सिर्फ यही काम करे। यह नियम तो बिना सोचे समझ कुछ भी लागू कर देने वाली बात है। दूसरी बात यह है कि इस नियम के जरिए व्यापारियों को तंग किया जाएगा जो भ्रष्टाचार को बढ़ावा देगा।"

वहीं राजस्थान की राजधानी जयपुर में एलएमबी नाम से मशहूर स्वीट शॉप के मालिक अजय अग्रवाल बताते हैं, "भले ही इस नियम के पीछे सोच अच्छी है मगर यह नियम इंस्पेक्टर राज और भ्रष्टाचार को भी बढ़ावा देगा। कोई भी दुकानदार यह नहीं चाहता कि उसके ग्राहक को खराब चीज बेचे। हम खुद ही पांच दिन चलने वाली मिठाई को चार दिन तक ही एक्सपायरी डेट मान कर चलते हैं क्योंकि हमारे लिए ग्राहकों का संतुष्ट होना ज्यादा जरूरी है। मगर यह नियम प्रैक्टिकली संभव नहीं है क्योंकि एक दुकानदार कितनी मिठाइयों पर एक्सपायरी डेट का लेबल लगाता रहेगा। इसमें गलतियों की संभावना भी बहुत होंगी।"

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वहीं कुछ मिठाई कारोबारी सरकार के इस नियम को व्यापार के लिए अच्छा मान रहे हैं। मध्य प्रदेश की राजधानी इंदौर में बनवारी लाल मिठाई शॉप के नाम से मशहूर दुकान के मालिक अनिल के. सैनी 'गांव कनेक्शन' से बताते हैं, "जिसके मन में चोर नहीं है उसको कौन सा डर है भला। सरकार के इस नियम के मैं पक्ष में हूं क्योंकि इससे ग्राहकों की विश्वसनीयता बढ़ेगी, साथ ही लोगों को हर मिठाई ताजी मिलेगी। थोड़ी दिक्कत हो सकती है, मगर हम खुश हैं कि तब व्यापारी भी स्टॉक कम बनाएगा और जितना बना है उतना ही बेचेगा। साथ ही छोटे दुकानदार भी प्रेरित होंगे और नियम का ईमानदारी से पालन करेंगे।"

वहीं अमृतसर में बंसल स्वीट्स के नाम से मशहूर दुकान के मालिक सागर बंसल बताते हैं, "एक व्यापारी के तौर इस नियम से थोड़ी दिक्कतें जरूर होंगी कि बार-बार कैसे तारीख बदली जाएंगी। मगर सरकार का यह नियम अच्छा है और एक बार नियम लागू होने के बाद अभ्यास में आ जाएगा। अभी एक व्यापारी पुरानी मिठाई को भी नया बताकर बेच देता है, यह स्थिति अब नहीं होगी। इस नियम से ग्राहक और दुकानदार के बीच अच्छे संबंध बनेंगे और पूरी विश्वसनीयता होगी।"

लखनऊ के नीलकंठ मिठाई नाम से मशहूर दुकान के मालिक विष्णु गुप्ता भी सरकार के इस नियम का समर्थन करते हैं। विष्णु गुप्ता कहते हैं, "हम इस नियम के साथ हैं। ग्राहकों के लिए हम पहले भी ऐसी पहल करते रहे हैं। बड़ी बात यह है कि इससे ग्राहकों को अच्छा खाने को मिलता है और उसका दुकान पर भरोसा होता है कि वहां कोई भी चीज सही और ताजी मिलेगी। यह एक अच्छी पहल है और इसका स्वागत किया जाना चाहिए।"



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