अक्षय कुमार की सराहनीय पहल, आर्मी के जवानों के बाद किसानों के लिए उठाया कदम 

अक्षय कुमार की सराहनीय पहल, आर्मी के जवानों के बाद किसानों के लिए उठाया कदम बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार।

मिट्टी की गुणवत्ता की जांच करवाने के लिए किए किसानों को लगातार जागरूक करने के प्रयास किये जा रहे हैं, ताकि किसान जरूरत के हिसाब से ही ऊर्वरकों का इस्तेमाल करें। क्योंकि विश्व के बहुत से भागों में अंधाधुंध राशायनिक ऊर्वरकों और कीटनाशकों के इस्तेमाल से मिट्टी के जैविक गुणों में कमी आने के कारण इसकी उपजाऊ क्षमता में गिरावट आ रही है और मिट्टी प्रदूषण का भी शिकार हो रही है। इन सभी दुष्प्रभावों से मिट्टी को बचाने के लिए किसानों को जागरूक करने की जिम्मेदारी अब बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार को दी गई है।

अक्षय कुमार ने विश्व मिट्टी दिवस (पांच दिसम्बर को) के मौके पर अपने फेसबुक पेज पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें वो किसान को 'सॉयल हैल्थ कार्ड' बनवाने की सलाह दे रहे हैं और बता रहे हैं कि इसके क्या फायदे हैं।

अक्षय कुमार सरकार की मृदा स्वास्थ्य कार्ड और फसल बीमा जैसी प्रमुख कृषि योजनाओं का प्रचार करेंगे। कृषि मंत्रालय के एक शीर्ष अधिकारी ने आज यह जानकारी दी है।

केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने कृषि योजनाओं के प्रचार प्रसार को तेज करने के लिए टीवी पर विज्ञापन करने के लिए अक्षय कुमार को जोड़ा है। अधिकारी बताया, ''ये अग्रणी योजनायें किसानों के लाभ के लिए हैं। हम अधिक जागरुकता पैदा करना चाहते हैं ताकि किसान इन योजनाओं का लाभ उठा सकें। हमने अपनी योजनाओं के व्यापक प्रचार के मकसद से टेलीविजन पर प्रचार करने के लिए अक्षय कुमार को साथ लिया है।'' उन्होंने कहा कि पहले से ही मृदा स्वास्थ्य कार्ड के बारे में एक टीवी का विज्ञापन जल्द ही जारी होने वाला है।

मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के अलावा अक्षय कुमार प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, प्रधानमंत्री कृषि विकास योजना और कई अन्य योजनाओं का प्रचार करेंगे।

पांच दिसम्बर को विश्व मिट्टी दिवस वर्ष 2013 से मनाया जा रहा है। 20 दसंबर 2013 को प्रति वर्ष 5 दिसंबर को विश्व मिट्टी दिवस मनाने का फैसला लिया गया था। इस दिवस को मनाने का उदेश्य किसानों और आम लोगों को मिट्टी की महत्ता के बारे में जागरूक करना है।

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क्या है स्वाइल हैल्थ कार्ड

मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना, फरवरी 2015 में भारत सरकार द्वारा शुरू की गई थी। इस स्कीम के तहत सरकार की किसानों के लिए एक सॉयल कार्ड जारी करने की योजना है। जिससे किसान को मिट्टी की गुणवत्ता का अध्ययन करके एक अच्छी फसल प्राप्त करने में सहायता मिल सके। फसल के लिए सबसे ज्यादा जरूरी होती है मिट्टी, यदि मिट्टी की क्वीलिटी ही सही नहीं होगी तो फसल भी सही से नहीं होगी। इस लिए भारत सरकार ने किसानों के लिए यह कार्ड जारी किया है। इस स्कीम के अनुसार सरकार का तीन साल के अंदर ही पूरे भारत में लगभग 14 करोड़ किसानों को यह कार्ड जारी करने का उद्येश्य है। इस कार्ड में एक रिपोर्ट छपेगी, जो कि किसानों को अपने खेत या जमीन के लिए तीन साल में एक बार दी जाएगी।

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मिट्टी का नमूना लेने की विधि

  • जिस जमीन का नमूना लेना हो उस क्षेत्र पर 10-15 जगहों पर निशान लगा लें।
  • चुनी गई जगह की उपरी सतह पर यदि कूडा करकट या घास इत्यादी हो तो उसे हटा दें।
  • खुरपी या फावडे से 15 सेमी गहरा गड्डा बनाएं। इसके एक तरफ से 2-3 सेमी मोटी परत उपर से नीचे तक उतार कर साफ बाल्टी या ट्रे में डाल दें। इसी प्रकार शेष चुनी गई 10-15 जगहों से नमूने इकट्ठा कर लें।
  • अब पूरी मिट्टी को अच्छी तरह हाथ से मिला लें तथा साफ कपडे या टब में डालकर डेर बनालें। अंगुली से इस डेर को चार बराबर भागों में बांट दें। आमने सामने के दो बराबर भागों को वापिस अच्छी तरह से मिला लें। यह प्रक्रिया तब तक दोहराएं जब तक लगभग आधा किलो मृदा न रह जाए। इस प्रकार से एकत्र किया गया नमूना पूरे क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करेगा।
  • नमूने को साफ प्लास्टिक की थैली में डाल दें। अगर मृदा गीली हो तो इसे छाया में सूखा लें। इस नमूने के साथ नमूना सूचना पत्रक जिसमें किसान का नाम व पूरा पता, खेत की पहचान, नमूना लेने कि तिथि, जमीन का ढलान, सिंचाई का उपलब्ध स्रोत, पानी निकास, अगली ली जाने वाली फसल का नाम, पिछले तीन साल की फसलों का ब्यौरा व कोई अन्य समस्या आदि का विवरण, कपड़े की थैली में रखकर इसका मुँह बांधकर कृषि विकास प्रयोगशाला में परिक्षण हेतु भेज दें।

इनपुट - भाषा

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