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दिल्ली में किसान संगठनों का ऐलान, मानसून सत्र चलने तक सरकारी नीतियों के खिलाफ ऐसे होगा विरोध

दिल्ली में किसान संगठनों का ऐलान, मानसून सत्र चलने तक सरकारी नीतियों के खिलाफ ऐसे होगा विरोध

मानसून सत्र के पहले दिल्ली में सांकेतिक प्रदर्शन करने पहुंचे किसान संगठनों ने ऐलान किया है कि वो अब तीन कृषि अध्यादेशों के खिलाफ गांव गांव प्रदर्शन करेंगे। अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के संयोजक वीएम सिंह ने कहा कि 30 सितंबर तक देश भर में किसान सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे।

"अपनी मंडी अपना दाम, जय जवान, जय किसान", "कॉरपोरेट भगाओ, देश बचाओ", किसान विरोधी कृषि अध्यादेश वापस लो और 'संयम से आए हैं संयम से जाएंगे' के नारों के साथ दिल्ली में कई दर्जन किसान संगठनों के प्रतिधिनियों ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया। मानसून सत्र के पहले दिन किसान संगठनों ने सरकार से तीन कृषि अध्यादेश वापस लेने, पेट्रोल की कीमतें आधी करने और प्रस्तावित बिजली बिल कानून को वापस लेने की मांग की।

अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति (AIKSCC) के संयोजक वीएम सिंह ने कहा, "हमारे देश में नारा है जय जवान जय किसान लेकिन हमारा किसान बर्बाद हो रहा है, आत्महत्या कर रहा है। सरकार की किसान विरोधी नीतियों के चलते किसान की हालत बद्तर हो रही है। इसलिए आज (14 सितंबर) को हम लोगों ने दिल्ली में सांकेतिक प्रदर्शन किया है, लेकिन अब किसान जब तक संसद चलेगी गांव गांव में सरकार के विरोध में प्रदर्शन करेंगे।"

दिल्ली में प्रदर्शन करते योगेंद्र यादव, वीएम सिंह, सत्यवान, धर्मपाल सिंह, प्रेम सिंह अहलावत, सतनाम संधू, मंजीत संधू, आदित चौधरी व अन्य किसान नेता।

अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति ने संसद के चालू संत्र में सभी सांसदों और पार्टियों को पत्र लिखकर अपील किया है कि किवो किसान विरोधी कदमों का विरोध कर इन्हें वापस कराएं।

दिल्ली के साथ ही पश्चिमी यूपी के कई जिलों में किसान मजदूर संगठन के कार्यकर्ताओं ने तहसीलों में प्रदर्शन किया। ये कृषि अध्यादेशों को वापस लेने, बिजली का बिल कम करने और पेट्रोल की कीमतें आधी करने की मांग कर रहे हैं।

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