सीमैप में शुरू हुए आरसीएसटीटी से किसानों व वैज्ञानिकों मिलेगा अंतर्राष्ट्रीय मंच  

सीमैप में शुरू हुए आरसीएसटीटी से किसानों व वैज्ञानिकों मिलेगा अंतर्राष्ट्रीय मंच  किसानों व वैज्ञानिकों मिलेगा अंतर्राष्ट्रीय मंच 

लखनऊ। केंद्रीय औषधीय एवं सगंध पौधा संस्थान (सीएसआईआर–सीमैप) हिन्द महासागर तटीय सहयोग संघ - क्षेत्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी स्थानांतरण केंद्र का उद्घाटन किया गया, जिससे माध्यम से दूसरे देशों तक रिसर्च पहुंचाने में आसानी होगी।

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इस सेन्टर का उद्घाटन डॉ. गिरीश साहनी, महानिदेशक, सीएसआईआर ने किया। उद्घाटन समारोह में प्रो. एस एस हांडा, चेयरमैन, रिसर्च काउंसिल, सीमैप, प्रो. अनिल कुमार त्रिपाठी, निदेशक, सीएसआईआर–सीमैप, संजय पांडा, संयुक्त सचिव (आईओआर), विदेश मंत्रालय, आशिमा चतुर्वेदी, ओएसडी (आईओआर), विदेश मंत्रालय, डॉ. एस के बारिक, निदेशक, एनबीआरआई, डॉ आर ए विश्वकर्मा, निदेशक, आईआईआईएम और डॉ आलोक धवन, निदेशक, आईआईटीआर उपस्थित थे।

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डॉ. गिरीश साहनी ने बताया, "इस समन्वय केंद्र के द्वारा सीएसआईआर की विभिन्न प्रयोगशालाओं में किए जा रहे शोधों को हिन्द महासागर तटीय देशों को पहुंचाया जा सकेगा, जिससे कि इन देशों के साथ भारत का सहयोग बढेगा। इस समन्वय केंद्र से औषधीय पौधों से संबन्धित किसानों, वैज्ञानिकों तथा उद्योगों को अंतर्राष्ट्रीय मंच मिल सकेगा।"

इस समारोह के दौरान संजय पांडा ने सीमैप के द्वारा कम समय में इस समन्वय केंद्र की स्थापना करने पर अपनी खुशी व्यक्त की। उन्होंने बताया कि इस समन्वय केंद्र के द्वारा भारत एवं 21 सदस्य देशों के साथ वैज्ञानिक तथा वैश्विक साझेदारी कर सकेगा।

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प्रो. अनिल कुमार त्रिपाठी, निदेशक, सीएसआईआर–सीमैप ने बताया कि सीएसआईआर–सीमैप, इस समन्वय केंद्र के द्वारा महत्वपूर्ण औषधीय पौधों का डेटाबेस, उनसे मूल्य संवर्धित उत्पाद, विशेषज्ञ तथा आईओरा के सदस्य देशों के उद्योगों में सहयोग प्रदान करेगा। इसके साथ साथ सीमैप प्रशिक्षण कार्यक्रम व बैठकों का आयोजन करेगा जिससे व्यापार, वाणिज्य तथा वैज्ञानिक आदान प्रदान किया जा सकेगा।

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