महिला दिवस विशेष : वे महिलाएं, जो मुख्यमंत्री बनीं और राज्य की बागडोर संभाली

महिला दिवस विशेष : वे महिलाएं, जो मुख्यमंत्री बनीं और राज्य की बागडोर संभालीफोटो ग्राफिक: कार्तिकेय उपाध्याय

ऐसा कहा जाता रहा कि भारतीय राजनीति में महिलाएं अलग-थलग रही हैं और पुरुषों के मुकाबले उन्हें अवसर कम मिले। मगर देश की आजादी के बाद से महिलाओं ने राजनीति में दखल रखा। आइये अंतरराष्ट्रीय महिला सप्ताह के अवसर पर आपको उन महिलाओं के बारे में बताते हैं, जिन्होंने राज्य की बागडोर संभाल कर मुख्यमंत्री बनने का गौरव हासिल किया...

सुचेता कृपलानी: देश की पहली महिला मुख्यमंत्री

देश की आजादी के आंदोलन में योगदान देने वाली सुचेता कृपलानी को हमेशा याद किया जाएगा। स्वतंत्रता आंदोलन के समय उन्हें जेल की सजा भी हुई। मगर वे उन स्वतंत्रा सेनानियों में शामिल रहीं, जिन्होंने महात्मा गांधी के करीब रहकर देश की आजादी की नींव रखी। कांग्रेस पार्टी से सुचेता कृपलानी देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में भारत की पहली महिला मुख्यमंत्री बनीं। उन्होंने वर्ष 1963 से 1967 तक राज्य की सत्ता संभाली।

नंदिनी सत्पथी: प्रसिद्ध महिला राजनीतिज्ञ

उड़ीसा के कटक जिले में जन्मीं नंदिनी सत्पथी का नाम देश की प्रसिद्ध महिला राजनीतिज्ञों में शामिल है। नंदिनी को कांग्रेस पार्टी से देश की दूसरी महिला मुख्यमंत्री के तौर पर उड़ीसा राज्य की मुख्यमंत्री बनने का गौरव हासिल हुआ। नंदिनी ने 1972 में राज्य की कमान संभाली, इसके बाद 1974 में फिर राज्य की मुख्यमंत्री बनीं।

शशिकला काकोडकर: गोवा की मुख्यमंत्री बनीं

महाराष्ट्रवादी गोमंतक पार्टी से शशिकला काकोडकर ने वर्ष 1973 में गोवा की मुख्यमंत्री बनीं। इस समय तक गोवा को पूर्ण राज्य का दर्जा नहीं मिल सका था। शशिकला ने 1973 से लेकर 1979 तक महिला मुख्यमंत्री के तौर पर कमान संभाली। शशिकला गोवा के पहले मुख्यमंत्री रहे दयानंद बंडोडकर की पुत्री थीं।

सैयदा अनवरा तैमूर: असम की मुख्यमंत्री बनीं

कांग्रेस पार्टी से सैयदा अनवरा तैमूर देश के असम राज्य से मुख्यमंत्री बनीं। सैयदा ने 6 दिसंबर से लेकर 30 जून 1981 तक राज्य का कार्यभार संभाला और असम की इकलौती महिला मुख्यमंत्री बनने का गौरव हासिल किया। सैयदा अपने कार्यकाल में एक प्रसिद्ध महिला राजनेत्री के रूप में उभरीं। असम के इतिहास में उन्होंने एक मात्र अल्पसंख्यक मुख्यमंत्री के तौर पर अपना दायित्व निभाया।

जानकी रामचंद्रन: अभिनेत्री से बनीं मुख्यमंत्री

जानकी रामचंद्रन वर्ष 1988 में अपने पति एमजी रामचंद्रन के निधन के बाद तमिलनाडु राज्य की मुख्यमंत्री बनीं। जानकी ने ऑल इंडिया अन्ना द्रमुक मुनेत्र कडगम पार्टी से चुनाव लड़ा। इससे पहले जानकी ने तमिल अभिनेत्री के रूप में नाम कमाया। तमिलनाडु में जानकी रामचंद्रन के बाद एक और अभिनेत्री जे. जयललिता ने राज्य की मुख्यमंत्री पद की कमान संभाली।

रजिन्दर कौल भट्ठल: पंजाब की पहली महिला मुख्यमंत्री

रजिन्दर कौल भट्ठल कांग्रेस पार्टी से वर्ष 1996 में पंजाब राज्य में मुख्यमंत्री बनीं। पंजाब में उन्हें अब तक एकमात्र महिला मुख्यमंत्री बनने का गौरव हासिल हुआ। उन्होंने 21 जनवरी 1996 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण की।

राबड़ी देवी: बिहार की पहली महिला मुख्यमंत्री

राबड़ी देवी बिहार में उस समय राज्य की पहली महिला मुख्यमंत्री बनीं, जब उनके पति लालू प्रसाद यादव को बहुचर्चित चारा घोटाले मामले में जेल की सजा सुनाई गई। उन्होंने पार्टी की कमान संभालते हुए 25 जुलाई 1997 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। राबड़ी देवी ने तीन कार्यकाल में बिहार के मुख्यमंत्री पद का कार्यकाल संभाला।

उमा भारती: मध्य प्रदेश की पहली महिला मुख्यमंत्री

उमा भारती भारतीय जनता पार्टी से मध्य प्रदेश की पहली महिला मुख्यमंत्री बनीं। मुख्यमंत्री के तौर पर उन्होंने 2003-04 तक राज्य का कार्यभार संभाला। हुबली दंगों में गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। उमा भारती एक प्रसिद्ध राजनेत्री रही हैं और वर्तमान में वह देश की जल संसाधन, नदी विकास और गंगा सफाई मंत्री हैं।

वसुंधरा राजे: राजस्थान की पहली महिला मुख्यमंत्री

मुंबई में जन्मीं वसुंधरा राजे ने राजस्थान में वर्ष 2003 में पहली मुख्यमंत्री बनने का गौरव हासिल हुआ। वसुंधरा विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को हराकर सत्ता में आईं। वसुंधरा मध्य प्रदेश के कांग्रेस नेता माधव राज सिंधिया की बहन हैं। वह वर्तमान में भी राजस्थान से भाजपा से प्रदेश की मुख्यमंत्री पद की कमान संभाल रही हैं।

आनंदीबेन पटेल: 54 साल बाद पहली महिला मुख्यमंत्री

गुजरात राज्य में 54 साल बाद आनंदीबेन पटेल को राज्य की पहली महिला मुख्यमंत्री बनने का गौरव हासिल हुआ। आनंदीबेन पटेल को गुजरात की मुख्यमंत्री बनने का तब गौरव हासिल हुआ, जब इससे पहले राज्य के मुख्यमंत्री रहे नरेंद्र मोदी को देश का प्रधानमंत्री बनने का अवसर मिला। आनंदीबेन पटेल ने मई 2014 को राज्य की मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ग्रहण की।

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