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जम्मू-कश्मीर में बाढ़ जैसे हालात, हिमस्खलन की चपेट में आई सेना की पोस्ट, पांच जवान दबे, बचाव कार्य जारी

जम्मू-कश्मीर में बाढ़ जैसे हालात, हिमस्खलन की चपेट में आई सेना की पोस्ट, पांच जवान दबे, बचाव कार्य जारीबचावकार्य में जुटे सेना के जवान।

स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क/ आरपी तिवारी, स्वयं कम्यूनिटी जर्नलिस्ट

जम्मू-कश्मीर। जम्मू-कश्मीर को एक बार फिर मौसम की मार झेलनी पड़ी है। कश्मीर घाटी में पिछले दो दिनों से हो रही भीषण बारिश से बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं तो वहीं बर्फबारी से लगातार हिमस्खलन का खतरा बढ़ता जा रहा है। हालात की गंभीरता को देखते हुए सेना ने मोर्चा संभाल लिया है।

दक्षिण और मध्य कश्मीर में नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने बाढ़ के लिए अलर्ट घोषित कर दिया है। झेलम और अन्य नदी नालों के करीब रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थान पर जाने और अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। चक्रवाती तूफान तथा बिजली गिरने से दो महिलाओं की मौत हो गई। मौसम विभाग श्रीनगर के अनुसार शुक्रवार को जम्मू और कश्मीर के कई इलाकों में बारिश के आसार हैं लेकिन मौसम में सुधार भी आएगा।

कश्मीर घाटी के सभी स्कूलों, कॉलेज को सोमवार तक के लिए बंद कर दिए गया है। कई इलाकों में सेना और सुरक्षाबल के जवान नाव की मदद से लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा रहे हैं। बर्फबारी से भी कई इलाकों में जनजीवन बूरी तरह प्रभावित हुआ है। श्रीनगर इलाके में 13 वर्ष बाद भारी बारिश और बर्फबारी हुई है। भूस्खलन के कारण जम्मू-श्रीनगर हाईवे बंद है तो वहीं हवाई सेवा भी बूरी तरह प्रभावित है।

खतरे के निशान के करीब बह रही नदियां

कश्मीर घाटी में गुरुवार शाम छह बजे तक संगम प्वाइंट पर झेलम खतरे के निशान से ऊपर 19.95 फीट पर बह रही थी। जिसमें 18 फीट को अलर्ट और 21 फीट को बाढ़ माना जाता है अर्थात बाढ़ आने की आशंका व्यक्त की जा रही है। वहीं राम मुंशी बाग प्वाइंट पर भी झेलम भी खतरे के निशान के ऊपर 18 फीट पर बह रही थी यहां 16 फीट को अलर्ट और 18 फीट को बांढ़ का बिंदू है। झेलम में बढ़ रहे जलस्तर से कश्मीर घाटी के कई इलाकों में दहशत का माहौल है।

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बाटलिक सेक्टर में हिमस्खलन की चपेट में आई सेना की पोस्ट

जम्मू-कश्मीर के बटालिक सेक्टर में आए हिमस्खलन की चपेट में सेना की एक पोस्ट आ गई। इस दौरान पांच जवानों के दबे होने की खबर है। सूत्रों के मुताबिक दो जवानों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। बड़े पैमाने पर राहत एवं बचाव कार्य जारी है। वहीं प्रशासन ने कारगिल, कुपवाड़ा, बांदीपोरा और बारामुला जिले में उच्च श्रेणी के हिमस्खलन आने की चेतावनी जारी की है।

एकीकृत कंट्रोल रूम बनाने के निर्देश

मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कश्मीर घाटी में बारिश और बर्फबारी से उत्पन्न स्थिति से निपटने के लिए एकीकृत नियंत्रण कक्ष स्थापित करने को कहा है। संभागीय प्रशासन को खराब मौसम के मद्देनजर किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। कई विभागों के कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं।

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