चारा घोटालाः फिर टला लालू पर फैसला, कल दोपहर दो बजे सजा का होगा ऐलान

चारा घोटालाः फिर टला लालू पर फैसला, कल दोपहर दो बजे सजा का होगा ऐलानलालू सहित पांच दोषियों को कल दो बजे सुनाई जाएगी सजा

पटना (एजेंसी)। राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव को चारा घोटाला मामले में दोषी करार दिया गया है। लालू की सजा का फैसला एक बार फिर टल गया है। अब सजा का फैसला शनिवार को अन्य दोषियों की सुनवाई के बाद सुनाया जाएगा। लालू ने सेहत का हवाला देते हुए कोर्ट से कम सजा देने की मांग की है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सह आरोपियों को बरी किया गया है तो मुझे भी कम सजा मिलनी चाहिए। लालू के वकील ने कहा कि जेल में साफ पानी उपलब्ध नहीं है जिसके चलते लालू को इन्फेक्शन होने का खतरा है।

इससे पहले लालू यादव की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेशी हुई। राजद नेता की सजा पर सुनवाई शुरू हुई और 5 मिनट में सुनवाई पूरी हो गई। लालू के वकीलों ने कहा कि लालू को जिन धाराओं में दोषी करार दिया गया है, उसमें एक साल की सजा का भी प्रावधान है। ऐसे में उन्हें न्यूनतम सजा दी जाए। लालू के वकील ने कोर्ट के सामने लालू की खराब सेहत का हवाला दिया।

जेल में शुद्ध पानी की व्यवस्था नहीं'

लालू के वकील की ओर से कहा गया है कि बिरसा मुंडा जेल में कई सारे इन्फेक्शन होने का डर है इसलिए उनके स्वास्थ्य को देखते हुए उन्हें कम सज़ा दी जाए। वकील ने कहा कि जेल में शुद्ध पानी की व्यवस्था नहीं है, इसलिए उनकी किडनी पर भी असर हो सकता है। इसके अलावा लालू के वकील ने तर्क किया है कि इसमें सह-अभियुक्त जगन्नाथ मिश्रा और अन्य बरी हुए हैं। इस आधार पर भी लालू को कम सज़ा मिले क्योंकि जो सबूत हैं वो सभी सुनी-सुनाई बातों के आधार पर हैं।

दूसरी पाली में सजा सुनाएंगे जज शिवपाल सिंह

आपको बता दें कि लालू यादव को दूसरी पाली में सज़ा होगी। जेल के बाहर हजारों सुरक्षाकर्मी तैनात हैं। कोर्ट में पहुंच रहे सभी वाहनों की चैकिंग की जा रही है। कोर्ट के बाहर लालू समर्थकों को हुजूम उमड़ा हुआ है। कोर्ट के बाहर 'मैं भी लालू, तू भी लालू, अब तो सारे देश में लालू" के बैनर के साथ समर्थक वहां पर पहुंचे हैं।

क्यों टली सजा

दरअसल, गुरुवार को A से K नाम वाले आरोपियों की सजा सुनाई गई। A से K लेटर वाले चार अभियुक्त थे, इसलिए गुरुवार को लालू की सजा का ऐलान नहीं हो पाया। हालांकि, लालू यादव ने अपील की उनकी सजा का ऐलान जल्द ही किया जाए।

ये है पूरा मामला

साल 1990 से 1994 के बीच देवघर कोषागार से पशु चारे के नाम पर अवैध ढंग से 89 लाख, 27 हजार रुपये निकालने का आरोप है। इस दौरान लालू यादव बिहार के मुख्यमंत्री थे। हालांकि, ये पूरा चारा घोटाला 950 करोड़ रुपये का है, जिनमें से एक देवघर कोषागार से जुड़ा केस है। इस मामले में कुल 38 लोग आरोपी थे जिनके खिलाफ सीबीआई ने 27 अक्टूबर, 1997 को मुकदमा दर्ज किया था। लगभग 20 साल बाद इस मामले में फैसले आया था।

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