सुनिए होली पर गाया जाने वाला फाग गीत : Folk Studio

लखनऊ। फाग होली के अवसर पर गाया जाने वाला एक लोकगीत है। यह मूल रूप से उत्तर प्रदेश का लोक गीत है पर आस-पास के प्रदेशों में भी इसको गाया जाता है। सामान्य रूप से फाग में होली खेलने, प्रकृति की सुंदरता और राधाकृष्ण, सीताराम के प्रेम का वर्णन होता है। इन्हें शास्त्रीय संगीत और उपशास्त्रीय संगीत के रूप में भी गाया जाता है।

होली के त्‍यौहार में कई लोग फाग महोत्‍सव का आयोजन करते हैं, जिसमें सभी एक दूसरे से मिलते हैं और होली के गीत गाते हैं। खासतौर पर छोटे शहरों में फाग के गीत गाये जाते हैं जिसमें एक मंडली होती है जो सभी के घर जाकर फाग के गीत गाती हैं। इस लोकगीत पर लोग नाचते हैं और ढोलक, मंजीरा बजाकर त्‍यौहार का आनंद लेते हैं।


यह लोकगीत मण्‍डली लखनऊ के मामपुर बाना गाँव की है। इस मण्डली के मुखिया कालिका सिंह (88 साल) चौहान हैं। यह मण्‍डली भजन, कीर्तन या रामायण का पाठ करती है। इस मण्‍डली में 22 लोग हैं। कालिका सिंह के मण्डली में ढोलक मूलचंद गौतम बजाते हैं, हारमोनियम हरदत्त सिंह, मंजीरा शिवसागर सिंह, मण्डली के राजकुमार शर्मा भजन के उस्ताद हैं, लालता सिंह भजन और आल्हा दोनों गाते हैं।


More Stories


© 2019 All rights reserved.

Top