एक से नौ जुलाई तक हरियाणा के रेवाड़ी जिले में इकट्ठा होंगे आठ राज्यों के किसान

संघर्ष के साथ साथ पानी के जोहड़ बचाएं, शराब के ठेके हटाएं जैसे दिए रचनात्मक संदेश भी देगी स्वराज यात्रा।

एक से नौ जुलाई तक हरियाणा के रेवाड़ी जिले में इकट्ठा होंगे आठ राज्यों के किसान

नवगठित राजनीतिक पार्टी स्वराज इंडिया ने "चलो गाँव की ओर" मुहिम का आह्वान किया है, जिसकी शुरूआत आगामी एक जुलाई से पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेन्द्र यादव के नेतृत्व में हरियाणा के रेवाड़ी जिले के मनेठी गाँव से हो रही है।

'स्वराज यात्रा' नामक यह कार्यक्रम 1 जुलाई से 9 जुलाई तक रेवाड़ी के अलग-अलग गाँवो से होते हुए अपने अंतिम पड़ाव चिल्हड़अड्डा पहुंचेगी। यात्रा के दौरान ग्रामीण अंचल की दुश्वारियों, किसानों, मजदूरों, महिलाओं, ग्रामीण युवाओं की समस्याओं से रूबरू होने के साथ ही उनके मुद्दों पर गाँवों में चौपाल भी आयोजित होगी। स्वराज यात्रा संघर्ष के साथ साथ रचनात्मक संदेश भी देगी। यात्रा का प्रत्येक दिन एक थीम आधारित भी है मसलन पानी के जोहड़ (तालाब) बचाना, गांवों के पास से शराब के ठेके हटाएं जाएँ, फ़सल बीमा भंडाफोड़ दिवस, महिला किसान दिवस आदि।

स्वराज यात्रा" में आठ राज्यों के किसान नेता भी जुड़ेंगे। यह यात्रा का प्रथम चरण है जिसका विस्तार देश के अन्य भू-भाग में होगा। प्रेस कांफ्रेंस के दौरान योगेन्द्र यादव ने कहा कि देश के गाँव आज भी अनेक दुश्वारियां झेलने को मजबूर हैं, विकास की चकाचौंध से दूर पिछड़ेपन का दंश झेल रहें हैं। समय आ गया है कि अब हम गाँव के प्रति अपनी उदासीनता का त्याग कर उनकी ओर हाथ बढ़ायें क्योंकि "गाँव जगेगा, देश बढ़ेगा।"

योगेन्द्र यादव ने हर गांव से एक "स्वराज योगी" की अपील जो जीवन के दो साल इस मिशन में दे सके। युवाओं से "स्वराज यात्रा" के साथ जुड़ने का आह्वान किया है। उनका कहना है कि यह यात्रा भाषण देने के लिए नहीं गाँवों को जगाने के लिए है इसलिए युवा ये जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठाकर कर्मयोगी बनें। हमें विश्वास है कि इस यात्रा से गाँवों की सेवा के लिए अनेकों कर्मयोगी हमारें बीच होंगें।

जय किसान आंदोलन के संयोजक अविक साहा ने कहा, "आज देश में किसान और किसानी पर संकट आया हुआ है। अपनी फसल की रिकार्ड पैदावार करने के बाद भी आज किसान बेहद दुखी: व निराश है। इसका कारण फसल का उचित दाम न मिलना व सरकार की MSP को लेकर उदासीनता है। गाँव जगेगा तभी देश बनेगा और वो तब होगा जब किसान को फसल की लागत का डेढ़ गुणा दाम मिले, हर हाथ को काम मिले, और उसकी पूरी मजदूरी मिले, गाँव के आस पास से शराब के ठेकों को हटाया जाए, जल संरक्षण के लिए जौहड़ और तालाबों को पुनः जीवित किया जाए।"

स्वराज इंडिया और जय किसान आंदोलन अब गांवों में सघन अभियान चलाएंगे। "किसान और युवा जब होंगें साथ तो देश के बदलेंगें हालात" इसी सन्देश के साथ यह यात्रा गाँवों में अलख जगायेगी।

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