हाईकोर्ट का आदेश मिलने के बाद ही राजेश और नुपूर तलवार की जेल से होगी रिहाई : जेलर  

हाईकोर्ट का आदेश मिलने के बाद ही राजेश और नुपूर तलवार की जेल से होगी रिहाई : जेलर  दंत चिकित्सक दंपती राजेश तलवार और नुपूर तलवार की पुत्री आरुषि की तस्वीर।

डासना (गाजियाबाद) (भाषा)। पुत्री आरुषि और घरेलू सहायक हेमराज की हत्या के मामले में बरी हुए दंत चिकित्सक दंपती राजेश तलवार और नुपूर तलवार को जेल की चारहदीवारी से भी जल्द ही मुक्ति मिल जाएगी, बस जेल अधिकारियों को अदालत का आदेश प्राप्त होने की देर है, जेलर ने आज यह जानकारी दी। इस दोहरे हत्याकांड के सिलसिले में सीबीआई अदालत द्वारा दोषी ठहराए जाने के बाद तलवार दंपती नवंबर 2013 से डासना जेल में बंद हैं।

डासना जेल के अधीक्षक दधिराम मौर्य ने यहां संवाददाताओं को बताया, हमें अदालत का आदेश अभी प्राप्त नहीं हुआ है, आदेश मिलने के बाद हम उन्हें रिहा कर देंगे। उन्होंने बताया कि कैदी को जेल से रिहा करने की प्रक्रिया को पूरा करने के दो तरीके हैं, या तो इलाहाबाद उच्च न्यायालय अपने आदेश की प्रति सीधे जेल अधिकारियों को भेजे या फिर इसे संबद्ध सीबीआई अदालत के जरिए भेजा जाए जिसने उन्हें उम्र कैद की सजा सुनाई थी।

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कल इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने तलवार दंपती को मामले में बरी कर दिया था। अदालत ने कहा था कि उपलब्ध साक्ष्य और हालात दोनों ही उन्हें दोषी ठहराने के लिए पर्याप्त नहीं हैं।

गाजियाबाद की सीबीआई अदालत ने 28 नवंबर 2013 को तलवार दंपती को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। कल आए इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले ने नौ वर्ष बाद तलवार दंपति को बड़ी राहत दी है। बहरहाल, तलवार दंपति को बरी किए जाने के साथ ही एक बार फिर यह सवाल उठता है कि आखिर आरुषि (14 वर्ष) और हेमराज (4 5वर्ष) की हत्या किसने की है?

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न्यायमूर्ति बीके नारायण और न्यायमूर्ति एके मिश्रा की पीठ ने तलवार दंपति की अपील पर सीबीआई अदालत का आदेश निरस्त करते हुए कहा, इस बात की मजबूत संभावना है कि घटना को किसी बाहरी व्यक्ति ने अंजाम दिया है।

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