उत्तर प्रदेश में बिजली क्षेत्र की दुर्गति के बारे में श्वेत पत्र लाने की जरूरत: गोयल

उत्तर प्रदेश में बिजली क्षेत्र की दुर्गति के बारे में श्वेत पत्र लाने की जरूरत: गोयलकेंद्रीय बिजली मंत्री पीयूष गोयल।

नई दिल्ली (भाषा)। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने आज कहा कि उत्तर प्रदेश बिजली क्षेत्र में पिछले 15 साल में हुई दुर्गति को सामने लाने के लिए श्वेत पत्र की आवश्यकता है। बिजली मंत्री ने दावा किया कि मामले में उन्होंने ‘हैरान करने वाला और भयावह' आंकड़ा देखा है।

राज्य आखिरकार इस सप्ताह सभी को सातों दिन 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने से जुड़े दस्तावेज पर हस्ताक्षर करेगा। इसका मकसद 24 घंटे और मुनासिब दर पर बिजली उपलब्ध कराना है। ग्रामीण फीड निगरानी योजना और उर्जा मित्र एप्लीकेशन तथा पोर्टल की शुरुआत के मौके पर गोयल ने कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश एकमात्र राज्य है जिसने केंद्र के साथ सभी को बिजली समझौते पर हस्ताक्षर नहीं किया।

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मुझे यह साझा करते हुए खुशी है कि बाबा साहेब अंबेडकरजी की जयंती के मौके पर 14 अप्रैल 2017 को हम लखनऊ में सभी को बिजली योजना की तामील के लिए इससे जुड़े दस्तावेज पर हस्ताक्षर करेंगे।'' उन्होंने कहा, ‘‘पिछले दो सप्ताह में मेरे पास जो आंकड़े आये हैं, वह हैरान करने वाले और भयावह हैं। मैं उसे आपके साथ भी साझा नहीं कर सकता।'' गोयल ने कहा, ‘‘कुछ आंकड़े जो आये हैं, उससे मेरी भावना मजबूत हुई है कि हमें उत्तर प्रदेश में इस बारे में श्वेत पत्र लाना चाहिए ताकि लोगों को पता चल सके कि पिछले 15 साल में क्या दुर्गति हुई है।'' उन्होंने उम्मीद जतायी कि उत्तर प्रदेश में नेतृत्व में बदलाव के साथ बिजली मंत्रालय इसे बिजली और बिजली आपूर्ति के मामले में भी मॉडल राज्य बनाने में कामयाब होगा।

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पीयूष गोयल ने कहा, ‘‘मुझे खुशी है कि मेरे अधिकारी और उत्तर प्रदेश के अधिकारी चुनाव परिणाम (11 मार्च) के दिन से ही इस पर काम शुरू कर दिये।'' उन्होंने कहा, ‘‘आपको अच्छे राजकाज की ताकत और उन्हीं अधिकारियों के साथ बदलाव दिखेगा जो 10 मार्च तक समझौता करने में असमर्थ थे। अब साफ है कि वे ऐसा कर सकते थे लेकिन राजनीतिक आका उन्हें रोके हुए थे।''

ग्रामीण फीडर निगरानी योजना के बारे में बात करते हुए मंत्री ने बताया कि फिलहाल 30,000 ग्रामीण फीडर मीटरों को राष्ट्रीय बिजली पोर्टल से जोड़ा गया और शेष 75,000 को दिसंबर 2017 तक जोड़ दिया जाएगा। यह योजना देश के ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता और मात्रा मानदंडों की निगरानी के लिए है। मंत्री द्वारा शुरू उर्जा मित्र एक एप्लीकेशन है जो राज्य बिजली वितरण कंपनियों को ग्रामीण के साथ-साथ शहरी ग्राहकों को बिजली कटौती के बारे में एसएमएस (ईमेल) पुश नोटिफिकेशन के जरिये सूचना देने का एक केंद्रीय मंच (वेब पोर्टल उर्जा मित्र डॉट कॉम के साथ-साथ मोबाइल एप) है।

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First Published: 2017-04-11 20:55:17.0

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