2017 की मीठी कड़वी यादें

2017 की मीठी कड़वी यादेंसाल 2017 की यादें

आंखें बंद करके 2017 के बारे में सोचें तो लगता है अभी तो शुरु हुआ था बस…। यह बरस अपने देश के लिए कुछ मिला-जुला सा रहा। जब उपलब्धियों के पल आए तो लगा वक्त हवा में उड़ रहा है वहीं जब कुछ मुश्किलें आईं तो वक्त काटे नहीं कट रहा था। आइए चलते-चलते नजर डालते हैं बीते साल की कुछ अच्छी और कुछ तकलीफ देने वाली खबरों पर :

उम्मीदों को हवा दी इन बातों ने

1. जीसएसटी लागू हुआ :

देश की आजादी के लगभग 70 बरस बाद सबसे बड़े आर्थिक सुधार के रुप में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) 1 जुलाई 2017 को लागू हुआ। जीएसटी के बाद कई सेवाएं और वस्तुएं टैक्स दायरे के बाहर हो जाएंगी। हर बेची और खरीदी जाने वाली चीज जीएसटी के दायरे में आ जाएगी। इससे करों की चोरी करना आसान नहीं रहेगा। जीएसटी को ब्लैक मनी से निपटने के लिए मजबूत कदम के तौर पर देखा जा रहा है। सरकार का दावा है कि जीएसटी से देश की जीडीपी में वृद्धि होगी, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

2. इसरो ने बनाया रिकॉर्ड :

इसरो ने इस साल 15 फरवरी को अपने पीएसएलवी रॉकेट के जरिए रिकॉर्ड 104 उपग्रहों को लॉन्च किया। इसमें भारत पर अंतरिक्ष से नजर रखने वाले कार्टोसेट सैटेलाइट के अलावा 103 दूसरे छोटे उपग्रह थे। इसके अलावा इसरो ने शुक्र ग्रह के लिए मिशन का ऐलान किया। इसरो ने अब तक के सबसे भारी रॉकेट एमएसएलवीएमके-3 को लॉन्च किया।

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3. तीन तलाक हुआ असंवैधानिक :

सुप्रीम कोर्ट ने 22 अगस्त को तुरंत तीन तलाक या तलाक-ए-बिद्दत को गैरकानूनी करार दिया। इसके बाद मोदी कैबिनेट ने मोदी केबिनेट ने मुस्लिम महिला बिल (विवाह अधिकारों का संरक्षण) यानि ट्रिपल तलाक विधेयक के ड्राफ्ट को हरी झंडी दिखा दी। अंत में दिसंबर में आहूत संसद के शीतकालीन सत्र में इसे लोकसभा ने बिना संशोधन पास भी कर दिया।

4. मानुषी छिल्लर बनीं मिस वर्ल्ड :

17 साल बाद मानुषी छिल्लर के रुप में देश को छठी मिस वर्ल्ड मिली। इससे पहले 2000 में प्रियंका चोपड़ा मिस वर्ल्ड बनी थीं। हरियाणा के रोहतक में पैदा हुआ मानुषी फिलहाल, एमबीबीएस कर रही हैं। मानुषी एनीमिया फ्री हरियाणाअभियान की ब्रांड एंबेसडर हैं। इसके अलावा वह हरियाणा में "ब्यूटी विद ए परपज" प्रोजेक्ट 'शक्ति' चला रही हैं।

5. भारत में आयोजित हुआ फीफा यूथ वर्ल्ड कप :

अक्टूबर में भारत में फीफा यूथ वर्ल्ड कप का आयोजन हुआ। भारत पहली बार किसी विश्व स्तरीय फुटबॉल प्रतियोगता का हिस्सा बना। हालांकि भारत ने इसमें कोई मैच नहीं जीता लेकिन एक सफल मेजबान की भूमिका अच्छी तरह निभाई। भारत में खेल के परिदृश्य पर जिस तरह क्रिकेट ही हावी है उस लिहाज से किसी नए खेल में भारत की वैश्विक भागीदारी से नई संभावनाओं के दरवाजे खुले हैं।

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माथे पर चिंता की लकीरें पड़ीं

1. देश भर में बढ़ा प्रदूषण :

देश भर में, खासकर शहरों में प्रदूषण का स्तर इस खतरनाक तरीके से बढ़ा कि अदालत को दखल देना पड़ा। सुप्रीम कोर्ट ने अक्टूबर में दिल्ली एनसीआर में पटाखों की बिक्री पर अस्थायी रोक लगा दी। दिवाली पर दमघोंटू धुएं से कुछ राहत तो हुई लेकिन इसके बाद भी तमाम शहरों से आने वाले हवा के आंकड़ों से पता चला कि दिल्ली, मुंबई ही नहीं लखनऊ, आगरा, वाराणसी, कानपुर और पटना जैसे शहरों की हवा भी मानकों पर खरी नहीं उतर रही। नतीजे में इन शहरों के वाशिंदे फेफड़ों के कैंसर, दमा, बीपी जैसी बीमारियों का शिकार हो रहे हैं।

2. होती रहीं रेल दुर्घटनाएं :

रेल दुर्घटनाओं के लिहाज से यह साल बड़ा खराब बीता। साल की शुरुआत ही हीराखंड एक्सप्रेस के पटरी से उतरने से हुई। 21 जनवरी को उड़ीसा में हुई इस दुर्घटना में 41 व्यक्तियों की जान गई, 68 घायल हुए। अगस्त में यूपी के मुजफ्फरनगर में कलिंग उत्कल एक्सप्रेस पटरी से उतरी। इस हादसे में 23 की मौत हुई 93 घायल हुए। इनके अलावा, महकौशल, राजरानी एक्सप्रेस, कैफियत, वास्को डि गामा एक्सप्रेस भी पटरियों से उतरीं। पटरियां चटकने, काटी जानें और फिशप्लेटें गायब होने की घटनाएं भी बढ़ीं।

3. ऑक्सीजन की कमी से 63 बच्चों ने दम तोड़ा :

अगस्त महीने में गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में 63 नवजात बच्चों की मौतें हुई। इनमें से अधिकतर जापानी इंसेफेलाइटिस से पीड़ित थे। जांच में पता चला कि कॉलेज में ऑक्सीजन की सप्लाई रुकने की वजह से अधिकांश मौतें हुईं थीं। वहीं, सरकार और प्रशासन का कहना था कि ऐसा हर साल होता है। हर साल इंसेफेलाइटिस की वजह से बड़ी संख्या में बच्चों की जानें जाती हैं।

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4. मुंबई के एलफिंस्टन रोड़ ओवरब्रिज पर भगदड़ :

मुंबई के परेल-एलफिंस्टन स्टेशन के पास बने पुल पर 29 सितंबर को भीड़ की वजह से भगदड़ हुई। इस भगदड़ में 22 लोगों की मौत हुई और 30 लोग घायल हो गए। यह पुल इतना संकरा था कि हर रोज भगदड़ जैसे हालात पैदा हो जाते थे। मुसाफिर और नागरिक लंबे समय से रेल अधिकारियों से इस पर ध्यान देने की अपील कर रहे थे।

5. कमला मिल्स कंपाउंड की आग :

मुंबई के कमला मिल्स कंपाउंड में 29 दिसंबर को देर रात लगी आग में 14 लोगों की मौत हो गई। हादसे में 21 लोग घायल भी हुए। शुरुआती जांच में पता चला कि रात 12.30 बजे कमला ट्रेड हाउस में रूफटॉप रेस्तरां पब बिस्ट्रो द मोजो में आग लगी जो बाद में आसापास मौजूद दूसरे पब और रेस्तरां में फैल गई। फायर ब्रिगेड की 12 से अधिक गाड़ियों ने सुबह तक आग बुझाई। यहां पर न तो सुरक्षा के इंतजाम मानकों के हिसाब से थे और न ही बच निकलने के साफ और खुले रास्ते।

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