अमरूद किसानों के लिए अच्छी खबर, निर्यात में जोरदार उछाल

पिछले कुछ वर्षों में देश में बागवानी फसलों की खेती करने वाले किसानों की संख्या तेजी से बढ़ी है। भारत में उगाए फलों की विदेशों में भी काफी मांग है। आंकड़ों के मुताबिक अमरूद के निर्यात में पिछले 8 वर्षों में 260 फीसदी की वृद्धि हुई है।

अमरूद किसानों के लिए अच्छी खबर, निर्यात में जोरदार उछाल

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अमरूद के निर्यात में पिछले 8 वर्षों में 260 फीसदी की वृद्धि हुई है।

लखनऊ। अमरुद की खेती करने वाले किसानों के लिए अच्छी खबर है। घरेलू मार्केट के साथ विदेशों में भी भारत के अमरुद की मांग तेजी से बढ़ रही है। भारत में उगाने जाने वाली उन्नत अमरुद की किस्मों की पड़ोसी देश बांग्लादेश और नेपाल से लेकर नीदरलैंड, संयुक्त अरब अमीरात, ईरान, ओमान, कतर और साउदी अरब तक काफी मांग है। साल 2021-22 भारत ने 15 करोड़ रुपए से ज्यादा मूल्य के अमरुद का निर्यात किया।

वाणिज्‍य एवं उद्योग मंत्रालय के मुताबिक भारत से अमरूद के निर्यात में वर्ष 2013 से लेकर अब तक 260% की वृद्धि दर्ज की गई है। अमरूद का निर्यात अप्रैल-जनवरी 2013-14 के 0.58 मिलियन अमेरिकी डॉलर से बढ़कर अप्रैल- जनवरी 2021-22 में 2.09 मिलियन अमेरिकी डॉलर (15 करोड़ से ज्यादा रुपए) के स्‍तर पर पहुंच गया।

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थाई अमरुद की बाग में मध्य प्रदेश का एक किसान।

इन राज्यों में होती है अमरुद की खेती

भारत, बागवानी (फल सब्जी मसाला) फसलों का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश है। पूरी दुनिया के फल-सब्जी उत्पादन में भारत की हिस्सेदारी करीब 12 फीसदी है। साल 2020-21 के दौरान देश में 331 मिलिटन टन उत्पादन का अनुमान है। अमरुद की खेती की बात करें तो देश में उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, गुजरात, आंध्र प्रदेश प्रमुख राज्य हैं।

300 हजार हेक्टेयर में खेती, 4469 हजार मीट्रिक टन उत्पादन

साल 2019-20 में 292 हजार हेक्टेयर में अमरुद (बाग) रकबा था और 4361 हजार मीट्रिक टन का उत्पादन हुआ था वहीं साल 2020-21 में तीसरे अग्रिम अनुमान के मुताबिक रकबा 310 हजार हेक्टेयर और उत्पादन 4469 हजार मीट्रिक टन हो सकता है। राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड के मुताबिक साल 1991-21 में महज 94 हजार हेक्टेयर में अमरुद की खेती होती थी जो 2001-02 में बढ़कर 155 हजार हेक्टेयर जबकि उत्पादन इस अवधि में बढ़कर 11 लाख टन से बढ़कर 17 लाख टन हो गया था।

अमरूद ग्रोअर एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने जताई खुशी

निर्यात के बढ़ते आंकड़ों पर खुशी जताते हुए अमरूद ग्रोअर एसोसिएशन ऑफ इंडिया (Guava Grower Association of India) के अध्यक्ष वीडी दंडवाटे (V.B Dandwate) ने गांव कनेक्शन से कहा, "ये हम सबके लिए अच्छा है। नई वैरायटी ताईवान, वीएनआर, थाई गुआवा, ताईवान पिंक, डायमंड और जापानी गुआवा के अमरुद की विदेशों में मांग है। कुछ राज्यों को छोड़कर अमरुद अब लगभग पूरे देश में होने लगा है।" दंडवाटे महाराष्ट्र के अहमदनगर में रहते हैं। उनके मुताबिक अमरूद ग्रोअर एसोसिएशन ऑफ इंडिया के साथ 2000 किसान जुड़े हैं।

सबसे ज्यादा अंगूर का होता है निर्यात

भारत से ताजे फलों के निर्यात में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। सभी ताजे खाद्य पदार्थों की श्रेणी में सर्वाधिक निर्यात ताजे अंगूर का होता है। वर्ष 2020-21 के दौरान ताजे अंगूर का निर्यात कुल मिलाकर 314 मिलियन अमेरिकी डॉलर का हुआ। अन्य ताजे फलों का निर्यात 302 मिलियन अमेरिकी डॉलर, ताजे आम का निर्यात 36 मिलियन अमेरिकी डॉलर और अन्य (पान के पत्ते और मेवा) का निर्यात 19 मिलियन अमेरिकी डॉलर का हुआ। वर्ष 2020-21 के दौरान भारत से ताजे फलों के कुल निर्यात में ताजे अंगूर और अन्य ताजे फलों की हिस्सेदारी 92 प्रतिशत थी।

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