सरकार ने तोड़ी चुप्पी, कंडोम के विज्ञापन बंद करने का बताया कारण

सरकार ने तोड़ी चुप्पी, कंडोम के विज्ञापन बंद करने का बताया कारणसूचना एवं प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी

नई दिल्ली (भाषा)। किरण खेर और के नारायण राव के प्रश्न के लिखित उत्तर में सूचना एवं प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी ने आज बताया कि किन कारणों की वजह से कंडोम विज्ञापनों का प्रसारण समय फिक्स किया गया है।

स्मृति ईरानी ने कहा, मंत्रालय को कंडोम के उन विज्ञापनों के संदर्भ में जनता से कई शिकायतें मिलीं जो बच्चों की लिहाज से कथित तौर पर अभद्र और अनुचित थे।

इन शिकायतों को भारतीय विज्ञापन मानक परिषद (एएससीआई) को भेजा गया। एएससीआई ने सुझाव दिया कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय सभी चैनलों को परामर्श दे सकता है कि वे रात 10 बजे और सुबह छह बजे के बीच कंडोम के ऐसे विज्ञापनों का प्रसारण करें जो वयस्कों को देखने के लिए बने हैं।

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उन्होंने कहा, इसके मुताबिक मंत्रालय ने 11 दिसंबर, 2017 को परामर्श जारी कर सभी चैनलों को सुझाव दिया कि उन विज्ञापनों का प्रसारण रात 10 बजे और सुबह छह बजे के बीच किया जाए जो एक निश्चित आयुवर्ग के लिए हैं और बच्चों के देखने के लिहाज से अनुचित हो सकते हैं। भारत में कंडोम का बाजार लगभग 800 करोड़ रुपए का है।

गर्भनिरोधक बाजार में कंडोम की हिस्सेदारी महज 5 फीसदी ही है। जबकि ब्रिटेन में यह आंकडा 30 फीसदी का है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे के मुताबिक, केवल 5.6 फीसदी लोग ही गर्भनिरोधक के लिए कंडोम का इस्तेमाल करते हैं। कर्नाटक जैसे शिक्षित और विकसित राज्य में तो यह स्तर महज 1.7 फीसदी ही है। कोलकाता में 19 फीसदी, बेंगलुरू में 3.6 और दिल्ली में यह आंकड़ा 10 फीसदी का है।

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