संसद के अगले सत्र में तीन दर्जन से ज्यादा विधेयक पारित कराना चाहती है सरकार, घेरेंगे विपक्षी

राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने संसद का सत्र शुरू होने के एक दिन पहले 10 दिसंबर को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। वहीं 11 दिसंबर को लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन भी सर्वदलीय बैठक करेंगे।

संसद के अगले सत्र में तीन दर्जन से ज्यादा विधेयक पारित कराना चाहती है सरकार, घेरेंगे विपक्षीसाभार: इंटरनेट

नई दिल्ली (भाषा)। संसद में शुरू होने वाला अगले सप्ताह का शीतकालीन सत्र और हंगामेदार होने वाला है। संसद के इस सत्र में सरकार लगभग तीन दर्जन विधेयक पारित कराना चाहती है। इनमें तीन तलाक, उपभोक्ता संरक्षण, चिट फंड, डीएनए, गैर कानूनी गतिविधियां रोकथाम जैसे विधेयक भी शामिल हैं। इनमें से 20 विधेयक नये हैं जबकि बाकी के सदन में पहले से ही पेश कये जा चुके हैं।

इन मुद्दों को लेकर सरकार को घेरेंगे विपक्षी

भुवनेश्वर कालिता (कांग्रेस के सचेतक) ने कहा "हम संसद सत्र के दौरान राफेल समेत अन्य महत्वपूर्ण मुद्दे उठायेंगे और सरकार से जवाब मांगेंगे।" कांग्रेस के अलावा विपक्षी दल कृषि एवं किसानों की समस्याओं, राफेल मुद्दा, सीबीआई में उच्च पदों पर बैठे अधिकारियों के बीच झगड़े जैसे मुद्दे उठाकर सरकार को घेरने का प्रयास करेंगे।

भुवनेश्वर कालिता ने कहा, "संसद में उठाये जाने वाले विषयों की रूपरेखा पार्टी की बैठक में तय की जाएगी लेकिन किसानों के मुद्दे, सीबीआई में वर्तमान स्थिति, साम्प्रदायिक सौहार्द के समक्ष चुनौती जैसे विषय निश्चित तौर पर उठेंगे।"

संसद बैठकसाभार: इंटरनेट

लोकसभा में 15 और राज्यसभा में 9 विधेयक होने हैं पारित

विजय गोयल (संसदीय कार्य मंत्री) ने कहा कि "सरकार के लिये यह सत्र महत्वपूर्ण है। तीन अध्यादेश के संबंध में विधेयक आने हैं। हम तीन तलाक संबंधी विधेयक पारित कराना चाहते हैं।" उन्होंने कहा कि "लोकसभा में पेश किये गए करीब 15 विधेयक और राज्यसभा में पेश 9 विधेयक पारित होने हैं। अन्य महत्वपूर्ण नये विधेयक भी पेश किये जाने हैं और पारित होने हैं।"

गोयल से जब यह पूछा गया कि, विपक्ष राफेल समेत कई मुद्दों पर सरकार को घेरने का प्रयास करेगा तो उन्होंने कहा, "विपक्ष नियमों के तहत कोई भी मुद्दा उठा सकता है और सरकार इसके लिये तैयार है। सरकार का दामन और नियम दोनों साफ हैं। हम नियमों के तहत चर्चा कराने को तैयार हैं।"

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इन राज्यों के चुनावी नतीजों में शुरू होगा संसद का सत्र

मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, तेलंगाना मिजोरम की विधानसभा चुनाव के नतीजे आने वाले हैं। इसी माहौल में संसद का शीतकालीन सत्र भी शुरू हो रहा है। इन पांच राज्यों में से मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी कांग्रेस के लिये महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। संसद सत्र को चुनाव परिणामों द्वारा प्रभावित करने की संभावना भी बनी हुई है।

वेंकैया नायडू ने 10 दिसंबर को बुलाई सर्वदलीय बैठक

राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने एक दिन पहले 10 दिसंबर को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। जबकि 11 दिसंबर से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने सर्वदलीय बैठक बुलाई है। इन बैठकों का उद्देश्य सदन के कामकाज को सुचारु रूप से चलाने के लिए सर्वसम्मति बनाना है।

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लोकसभा में यह नए विधेयक होंगे पेश

सत्र के दौरान लोकसभा में पेश होने वाले नये विधेयकों में तीन तलाक संबंधी विधेयक, कंपनी संशोधन विधेयक, भारतीय चिकत्सिा परिषद संशोधन विधेयक, भारतीय औषधि प्रणाली के लिये राष्ट्रीय आयोग संबंधी विधेयक, राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग विधेयक, राष्ट्रीय योग एवं प्राकृतिक चिकत्सिा आयोग विधेयक, राष्ट्रीय विमान संशोधन विधेयक, जलियांवाला बाग राष्ट्रीय स्मारक संशोधन विधेयक, सूचना प्रौद्योगिकी संशोधन विधेयक, राष्ट्रीय जांच एजेंसी संशोधन विधेयक, गैर कानूनी गतिविधि रोकथाम संशोधन विधेयक, बांध सुरक्षा विधेयक, एनसीईआरटी विधेयक आदि शामिल हैं।

इसके अलावा सार्वजनिक परिसर अनधिकृत कब्जा हटाने संबंधी विधेयक, दंत चिकत्सिक संशोधन विधेयक, उपभोक्ता संरक्षण विधेयक, नयी दिल्ली अंतरराष्ट्रीय पंचाट केंद्र विधेयक, भारतीय हवाई अड्डा आर्थिक नियामक प्राधिकार संशोधन विधेयक, किशोर वय्य: बाल देखरेख एवं संरक्षण: संशोधन विधेयक, डीएनए प्रौद्योगिकी: उपभोक्ता एवं व्यवहार: नियामक विधेयक, मानवाधिकार संरक्षण संशोधन विधेयक, ट्रांसजेंडर अधिकार संरक्षण विधेयक, किराये की कोख संबंधी नियामक विधेयक, चिटफंड संशोधन विधेयक, बिना नियमन की जमा योजना को प्रतिबंधित करने संबंधी विधेयक आदि शामिल है।

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