सीमा पर रहने वाले लोगों के लिए सरकार बनाएगी 5400 बंकर, मिलेगा फसल मुआवजा

सीमा पर रहने वाले लोगों के लिए सरकार बनाएगी 5400 बंकर, मिलेगा फसल मुआवजाबंकर में रहता परिवार

जम्मू-कश्मीर सीमा पर पाकिस्तान की तरफ से गोलीबारी होती रहती है। ऐसी स्थिति में वहां रहने वाले लोगों को जान पर आए संकट के साथ-साथ दूसरी मुसीबतें भी झेलनी पड़ती हैं। इसके मद्देनजर सरकार सीमा पर रहने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए बंकरों का निर्माण करने जा रही है।

पीटीआई की एक खबर के मुताबिक सरकार जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती राजौरी जिले में पाकिस्तानी सेना की तरफ से अक्सर होने वाली गोलीबारी को ध्यान में रखते हुए स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सरकार करीब 54 हजार लोगों के लिए 5390 से ज्यादा व्यक्तिगत एवं सामुदायिक बंकर बनाएगी। इन बंकरों से पाकिस्तान की तरफ से होने वाली गोलीबारी की स्थिति में वे सुरक्षित रह सकें।

ये भी पढ़ें:- जम्मू कश्मीर: आईईडी ब्लास्ट से 4 पुलिसकर्मी शहीद, दो घायल

राजौरी के जिला विकास आयुक्त शाहिद इकबाल ने बताया, "इस समय 100 बंकरों का निर्माण किया जा रहा है( इनके अलावा सरकार ने करीब 5390 और बंकर बनाने की स्वीकृति दे दी है। इनमें 4918 बंकर एक व्यक्ति के छिपने के लिए और 372 बंकर कई लोगों के छिपने के लिए बनाए जाएंगे। इकबाल ने बताया कि बड़े बंकर में 40 लोगों के रहने लायक जगह होगी। ऐसे बंकर का आकार 800 वर्ग फुट का होगा। वहीं एक व्यक्ति वाले बंकर का साइज 60 वर्ग फीट होगा।

फसलों के नुकसान और पशु की मृत्यु पर मिलेगा मुआवजा

जिला प्रशासन की तरफ से सीमा के नजदीक रहने वाले लोगों और प्रवासियों के लिए राज्य आपदा राहत निधि के तहत राहत और मुआवजा दिए जाने का प्रस्ताव भी दिया गया है। शाहिद इकबाल ने बताया कि इससे सीमा पर रहने वालों को बड़ी राहत मिलेगी जिन्हें युद्धविराम के उल्लंघन की स्थिति में अपने घर छोड़ने पड़ते हैं। उन्होंने बताया कि ऐसे हर वयस्क को 1800 रुपये और हर बच्चे को 1325 रुपये प्रति महीना मिलेंगे। इसके अलावा फसलों को होने वाले नुकसान के बदले 37500 रुपये प्रति हेक्टेयर के हिसाब से मुआवजा मिलना स्वीकृत हुआ है। वहीं, पशुओं के मारे जाने पर भी राहत दी जाएगी। बड़े पशु की मृत्यु पर 30 हजार और छोटे पशु की मौत पर तीन हजार रुपये दिए जाएंगे।

ये भी पढ़ें:- जम्मू कश्मीर: तंगधार में हिमस्खलन से एक ऑफिसर समेत 4 लोगों की मौत

Share it
Share it
Share it
Top