GST से सोना होगा महंगा, बिस्कुट, गारमेंट और फुटवियर होंगे सस्ते

GST से सोना होगा महंगा, बिस्कुट, गारमेंट और फुटवियर होंगे सस्तेवित्त मंत्री अरुण जेटली।

नई दिल्ली। देश में वस्तु और सेवाकर (जीएसटी) व्यवस्था को एक जुलाई से लागू करने की दिशा में शनिवार को एक और बड़ी पहल हुई है। जीएसटी परिषद ने सोने पर तीन प्रतिशत की दर से जीएसटी लगाने का फैसला कर दिया है। आम जनता के उपयोग वाले 500 रुपये तक के चप्पल-जूते पर पांच प्रतिशत की दर से जीएसटी लगाया जाएगा जबकि बिस्कुट को 18 प्रतिशत जीएसटी की श्रेणी में रखा गया है।

वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में हुई जीएसटी परिषद की 15वीं बैठक में सोना, चप्पल-जूते, बिस्कुट के अलावा धागे, कृषि मशीनरी, परिधान और बिना तराशे हीरों सहित कुछ अन्य वस्तुओं के लिए भी जीएसटी दरें तय की गईं। जेटली ने यह भी कहा कि परिषद ने जीएसटी व्यवस्था को लागू करने और उसकी सफलता के लिये जरूरी सूचना प्रौद्योगिकी तैयारियों को लेकर भी अवगत किया।

सोने पर तीन फीसदी जीएसटी तय

अरुण जेटली ने कहा, 'सोना पर वर्तमान में एक फीसदी उत्पाद शुल्क और राज्यों द्वारा एक फीसदी वैट लगाया जाता है। इन दरों को ध्यान में रखते हुए परिषद ने काफी विचार-विमर्श के बाद सोना और सोने के जेवरों पर सर्वसम्मति से 3 फीसदी कर लगाने का फैसला किया है'। उन्होंने कहा कि इसके अलावा अपरिष्कृत हीरे पर 0.25 फीसदी का मामूली कर लगाया गया है, 'ताकि लेन-देन का हिसाब रखा जा सके।'

बीड़ी पर 28 फीसदी टैक्स को मंजूरी

जीएसटी के तहत बीड़ी पर 28 फीसदी कर वसूला जाएगा। जबकि बीड़ी पत्तों या 'तेंदू' पर 18 फीसदी तक लगाया गया है। जेटली ने बताया, 'बीड़ी या बीड़ी पत्तों पर कोई उपकर नहीं लगाया जाएगा, लेकिन सिगरेट पर उपकर लगेगा।'

सूती के रेडिमेट कपड़े पर पांच फीसदी टैक्स

वित्त मंत्री ने कहा कि रेडिमेड कपड़े जिनकी कीमत 1,000 रुपये से कम होगी, उस पर पांच फीसदी कर लगेगा। इससे अधिक दाम के कपड़ों पर 12 फीसदी GST लगेगा। सूती कपड़ों और सूती धागे को पांच फीसदी की श्रेणी में रखा जाएगा। जीएसटी के तहत सोलर पैनल पर पांच प्रतिशत का टैक्स लगेगा। वहीं पैकिंग वाले खाद्य उत्पादों पर पांच प्रतिशत की दर से टैक्स वसूला जाएगा। जीएसटी परिषद की अगली बैठक 11 जून को होगी।

फुटवियर और बिस्कुट पर 18 फीसदी तक

देश में एक जुलाई से वस्तु और सेवाकर (जीएसटी) व्यवस्था के लागू होने पर 500 रुपये से कम कीमत वाले जूते-चप्पल पर पांच प्रतिशत की दर से जीएसटी लगेगा जबकि इससे अधिक दाम के फुटवियर पर 18 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगाया जाएगा। वर्तमान में 500-1000 रुपये की कीमत वाले चप्पल-जूते पर 6 फीसद उत्पाद शुल्क लगता है, उसके अलावा राज्य सरकारें वैट भी लगाती है। बिस्कुट पर 18 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगाया जाएगा।

जेटली की अध्यक्षता में हुई बैठक

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि उनकी अध्यक्षता में हुई जीएसटी परिषद की बैठक में फुटवियर, कपड़े, बिस्कुट और सोने समेत छह वस्तुओं के लिए कर की दरें तय की. परिषद ने शनिवार को अपनी 15वीं बैठक में बाकी वस्तुओं पर कराधान को लेकर चर्चा की। इससे पहले दिन में उसने रिटर्न भरने और बदलाव के दौर से गुजरने संबंधी तमाम नियमों सहित लंबित नियमों को मंजूरी दे दी। जीएसटी में 16 विभिन्न कर समाहित हो जाएंगे और इससे समूचा देश एकल बाजार बन जाएगा। जीएसटी एक जुलाई से लागू होगा।

1200 वस्तुओं और 500 सेवाओं पर जीएसटी तय

गौरतलब है कि जीएसटी परिषद ने पिछले ही महीने 1,200 वस्तुओं और 500 सेवाओं को 5, 12, 18 और 28 फीसदी के कर ढांचे में फिट किया है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने शनिवार को जीएसटी परिषद की बैठक खत्म होने पर यह जानकारी दी। इसके साथ ही जीएसटी परिषद ने सभी सामानों और सेवाओं को जीएसटी के चार स्लैब के अंतर्गत रखने का कार्य पूरा कर लिया।

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