डेरा सच्चा सौदा को हरियाणा सरकार ने दिया तगड़ा झटका, 51 लाख की सरकारी घोषणा वापस ली 

डेरा सच्चा सौदा को हरियाणा सरकार ने दिया तगड़ा झटका, 51 लाख की सरकारी घोषणा वापस ली बाबा राम रहीम 

चंडीगढ़ (भाषा)। हरियाणा सरकार ने कहा कि बलात्कार के मामले में डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम के अदालत से दोषी पाये जाने के चलते उसने डेरा के लिए पहले से घोषित 51 लाख रुपये की सहायता रोक दी है जबकि पुलिस ने उम्मीद जतायी कि गिरफ्तार डेरा अधिकारी से पूछताछ के बाद उसे अहम सुराग हाथ लगेगा।

एक बयान में शिक्षा मंत्री रामविलास शर्मा ने कहा कि उनके विवेकाधीन कोटे से डेरा सच्चा सौदा के खेल गांव के लिए 51 लाख रुपये देने की घोषणा वापस ली जाती है। बलात्कार के मामलों में डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को सीबीआई अदालत द्वारा 25 अगस्त को दोषी ठहराए जाने के मद्देनजर यह कदम उठाया गया है।

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मंत्री ने डेरा प्रमुख के हफ्ते भर चले जन्मदिन समारोह के दौरान 16 अगस्त को डेरा मुख्यालय की यात्रा के समय इस रकम की घोषणा की थी।

इस बीच पंचकूला के पुलिस उपायुक्त मनबीर सिंह ने बताया कि बलात्कार मामलों में डेरा सौदा सच्चा गुरमीत राम रहीम सिंह की दोषसिद्धि के बाद हिंसा भड़काने के आरोप में गिरफ्तार डेरा प्रवक्ता दिलावर इंसां को आज सात दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया।

डेरा के प्रमुख सदस्य दिलावर को कल सोनीपत से गिरफ्तार किया गया था। वह डेरा प्रमुख की दोषसिद्धि के बाद भूमिगत हो गया था और उसके खिलाफ भादंसं की धाराओं के तहत मामला दर्ज हुआ है।

हरियाणा के पुलिस महानिदेशक बी एस संधू ने कहा कि दिलावर से पूछताछ कर हनीप्रीत और आदित्य इंसां सहित महत्वपूर्ण सदस्यों का पता लगाने में मदद मिल सकती है। इन लोगों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी हुआ है।

पुलिस ने बताया कि उससे पूछताछ से पंचकूला और सिरसा में हिंसा और आगजनी की घटनाओं की साजिश का भी पता चलेगा। इस हिंसा में 41 लोगों की जान चली गयी थी और कई अन्य घायल हो गए थे।

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डेरा प्रमुख को बलात्कार के मामलों में 28 अगस्त को 20 साल की सजा सुनायी गयी थी और वह फिलहाल रोहतक की सुनारिया जेल में है। इस बीच हत्या के दो मामलों में डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह के खिलाफ कल होने वाली सुनवाई से पहले पंचकूला में अर्द्धसैनिक बलों और हरियाणा पुलिस की टुकड़ियों को तैनात किया गया है। सीबीआई अदालत पत्रकार रामचंद्र छत्रपति और पूर्व डेरा प्रबंधक रणजीत सिंह की हत्या के मामलों की सुनवाई कर रही है।

हरियाणा के पुलिस महानिदेशक बी एस संधू ने आज यहां कहा, "मामलों में सुनवाई से पहले हमने सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए हैं।" सीबीआई के वकील एच पी एस वर्मा ने कहा, "हत्या के दो मामलों में अंतिम जिरह कल शुरू होगी।" अभियोजन के मुताबिक सिरसा के पत्रकार छत्रपति की अक्तूबर 2002 में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उनके अखबार "पूरा सच" ने एक गुमनाम पत्र छापा था जिसमें बताया गया था कि किस तरह से सिरसा स्थित डेरा मुख्यालय में महिलाओं का यौन उत्पीड़न होता था।

दूसरा मामला डेरा के प्रबंधक रणजीत सिंह की हत्या से जुड़ा हुआ है जिनकी 2002 में हत्या हुई थी। अज्ञात पत्र को प्रसारित करने में उनकी संदिग्ध भूमिका को लेकर उनकी हत्या की गई थी।

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