हरियाणा में फिर रोके गए किसान, विरोध में जला दीं बजट और ज्ञापन की प्रतियां

हरियाणा में फिर रोके गए किसान, विरोध में जला दीं बजट और ज्ञापन की प्रतियांचंडीगढ़ में हरियाणा विधानसभा की ओर कूच करते किसान, अंत में पंचकूला में जला दी ज्ञापन और बजट की प्रतियां।

बीते महीने फरवरी में अपनी मांगों को लेकर दिल्ली घेराव के लिए जा रहे देशभर से आ रहे किसानों को हरियाणा में सुरक्षा बलों ने रोकने के बाद एक बार फिर हरियाणा सरकार से नाराज किसानों को सुरक्षा बल ने रोक लिया। नाराज किसानों ने पंचकूला में न सिर्फ हरियाणा बजट की प्रतियों को, बल्कि अपने ज्ञापन की प्रति को भी जलाकर फेंक दिया।

न सिर्फ किसानों की कर्जमाफी और स्वामीनाथन रिपोर्ट की सिफारिशों को लागू करने, बल्कि किसानों पर किए गए झूठे मुकदमे वापस लेने, किसान को ट्रैक्टर-ट्रॉली छोड़ने और मध्य प्रदेश के बराबर गेहूं पर बोनस दिए जाने की मांगों को लेकर हरियाणा के किसान शुक्रवार को हरियाणा विधानसभा घेराव के लिए कूच किया।

भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के प्रदेश अध्यक्ष गुरुनाम सिंह चढूनी की अध्यक्षता में पंचकूला नाडा साहिब से कूच किया गया। इससे पहले हरियाणा सरकार ने बजट में कृषि बजट को बढ़ाकर 2700 करोड़ से बढ़ाकर 4000 हजार करोड़ कर दिया।

मगर भाकियू प्रदेश अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने राज्य सरकार पर आरोप लगाते हुए किसानों को संबाेधित करते हुए कहा, “राज्य सरकार के बजट में हम किसानों के लिए कुछ भी नहीं है। जिन योजनाओं को पहले से चलाया जा रहा है, सिर्फ उन्हीं का जिक्र बजट में किया गया है। स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू करने के बारे में भी कहीं भी जिक्र नहीं है।“ उन्होंने आगे कहा, "किसानों के नाम पर भले ही भाजपा ने वोट ले लिए हैं, मगर किसानों के लिए कोई नीति नहीं बनाई है।“

हरियाणा विधानसभा घेराव के लिए पैदल निकले राज्य के हजारों किसानों को पुलिस बल ने रास्ते में ही रोक लिया। पुलिस बल के रोके जाने पर प्रदर्शनकारी किसान उसी स्थान पर भूख हड़ताल पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी किसानों ने बजट और ज्ञापन की प्रतियों को जलाकर आखिरकार शाम को भूख हड़ताल खत्म की।

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