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हाथरस गैंगरेप: मौत से नहीं जीत सकी हाथरस की बेटी, 15 दिन पहले गैंगरेप के बाद हैवानों ने काट दी थी जीभ, तोड़ दी थी रीढ़ की हड्डी

हाथरस रेप मामले में आरोपियों ने यूपी की इस बेटी को गैंगरेप के बाद इस स्थिति में छोड़ा जिससे न वो चल सके और न बोल सके। आरोपियों ने उसकी जीभ काट दी और रीढ़ की हड्डी तोड़ दी।

यूपी के हाथरस जिले में 15 दिन पहले गैंगरेप का शिकार हुई एक लगभग 19 वर्षीय दलित युवती ने आज सुबह दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में दम तोड़ दिया। पीड़िता को सोमवार को ही अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी मेडिकल कॉलेज से दिल्ली एम्स में लाया गया था। मेडिकल कॉलेज में पीड़िता 13 दिनों से वेंटिलेटर पर थी।

पीड़िता तीन बहन और दो भाईयों में सबसे छोटी थी। पीड़िता के जीजा ने गाँव कनेक्शन को फोन पर बताया, "चारो आरोपी ठाकुर समाज के हैं, तीन के घर हमारे घर (पीड़िता के घर) के ठीक सामने हैं एक आरोपी का बगल में है। आज जब वो मर गयी तब पूरे गाँव में पुलिस और पीएसी तैनात है। हर कोई फोन कर रहा है। इतने दिनों से वो अस्पताल में थी तब किसी ने खबर नहीं ली।"

पीड़िता की मौत के बाद पूरा गाँव छावनी में तब्दील हो गया है। जिले की सीमाएं सील कर दी गयी हैं। पुलिस के बिना मर्जी के अभी गाँव में कोई बाहरी व्यक्ति नहीं जा सकता है।

हाथरस गैंगरेप मामले का पूरा वीडियो यहाँ देखें:

हाथरस जिले के चंदपा थाना क्षेत्र में 14 सितंबर की सुबह ये बेटी अपनी माँ के साथ खेत में चारा काटने के लिए गयी थी। गाँव के ही चार आरोपियों ने इस बेटी के साथ गैंगरेप करके उसे इस स्थिति में छोड़ा जिससे न वो चल सके और न बोल सके। परिजनों का आरोप है कि आरोपियों ने जीभ काट दी जिससे वो अपनी जुबान न खोल सके और रीढ़ की हड्डी तोड़ दी जिससे वो एक कदम चल न सके।

हाथरस गैंगरेप मामले में जब इस बेटी को 9 दिन बाद होश आया तब उसने इशारों में कागज और पेन मांगकर अपने साथ हुई दरिंदगी को बयाँ किया। जब इस बेटी की आपबीती सबको पता चली तो तब इस मामले ने तूल पकड़ा।

पीड़िता के परिवार ने आरोप लगाया कि घटना के कई दिनों तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया। पहले छेड़खानी और हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। पीड़िता कई दिनों तक बेहोश रही इसलिए किसी को पता नहीं चल सका कि उसके साथ क्या हुआ है। घटना पता चलने के बाद जब इस मामले पर सियासत तेज हुई तब पुलिस सक्रिय हुई। चारो आरोपी गाँव के ही हैं जो अभी तक गिरफ्तार हो चुके हैं।

हाथरस जिलाधिकारी ने ट्वीट कर पीड़िता के परिजनों को हर संभव मदद करने का भरोसा दिलाया है। उन्होंने ट्वीट पर लिखा है, "चंदपा थाना वाले प्रकरण में पीड़िता के परिजनों को पूर्व में 4,12,500 रुपए की आर्थिक सहायता दी गई थी। आज 5,87,500 रुपए की सहायता और दी जा रही है। इस प्रकार कुल 10 लाख रुपए की आर्थिक सहायता की गई है।"

जिलाधिकारी ने यह भी लिखा है, "हम पीड़ित परिवार के साथ है। उनकी यथा संभव पूरी मदद की जाएंगी। फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कराकर दोषियों को शीघ्र सज़ा दिलवाई जायेगी।"

पीड़िता की मौत के बाद लोगों में खासा आक्रोश है। दिल्ली के सफ़दरजंग अस्पताल से लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में लोगों ने धरना प्रदर्शन करके अपनी नाराजगी जताई है और पीड़िता के इन्साफ की मांग की है। सफ़दरजंग अस्पताल के बाहर बैठे पीड़िता के परिजनों को नहीं पता कि पीड़िता का शव कहाँ है?

पीड़िता के भाई ने गाँव कनेक्शन को बताया, "पुलिस वाले कह रहे हैं डेड बॉडी नोयडा निकल चुकी है.हम परिवार के लोग यहाँ बैठे हैं हमसे बिना पूछे डेड बॉडी को कैसे भेज दिया? डेड बॉडी के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है। हम यहाँ से तबतक नहीं उठेंगे जबतक योगी जी या कोई बड़ा नेता आकर हमें यह भरोसा नहीं देता कि हमें जल्द से जल्द न्याय मिलेगा।"

सफ़दरजंग अस्पताल के बाहर पीड़िता के परिवार के साथ धरने पर बैठे भीम आर्मी के प्रमुख चन्द्रशेखर को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। हिरासत में लेने से पहले चन्द्रशेखर ने गाँव कनेक्शन को बताया, "अगर अपराधियों को सजा नहीं मिली तो अपराधियों का मनोबल बढ़ेगा और अपराध बढ़ेंगे। न्याय न मिलने से पीड़ित परिवार कमजोर पड़ जाएगा। मामले की सीबीआई जांच हो। फास्ट ट्रैक में मुकदमा चलना चाहिए और 30 दिन में फैसला आना चाहिए। पीड़ित परिवार को दो करोड़ की आर्थिक मदद की जाए, परिवार के एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी दी जाए।"

वहीं हाथरस के एसपी विक्रांत वीर ने जीभ काटने की बात का खंडन किया है। आज सोशल मीडिया पर दिनभर पीड़िता के साथ हुई घटना पर लोगों का गुस्सा दिखा। कुछ हैशटैग ट्रेंड कराकर लोगों ने जल्द से जल्द आरोपियों पर सख्त कार्रवाही की मांग की है।

बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने ट्वीट किया, "यूपी के हाथरस में गैंगरेप के बाद दलित पीड़िता की आज हुई मौत की खबर अति-दुःखद। सरकार पीड़ित परिवार की हर संभव सहायता करे व फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर अपराधियों को जल्द सजा सुनिश्चित करे, बीएसपी की यह मांग है।"

वहीं प्रियंका गांधी ने लगातार दो ट्वीट किए। उन्होंने अपने एक ट्वीट में लिखा है, "यूपी में कानून व्यवस्था हद से ज्यादा बिगड़ चुकी है। महिलाओं की सुरक्षा का नाम-ओ-निशान नहीं है।अपराधी खुले आम अपराध कर रहे हैं।

इस बच्ची के क़ातिलों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। योगी आदित्यनाथ यूपी की महिलाओं की सुरक्षा के प्रति आप जवाबदेह हैं।"

इनपुट: अमित पाण्डेय, कम्युनिटी जर्नलिस्ट, दिल्ली

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