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देश के कई हिस्सों में भारी बारिश और ओलावृष्टि, गेहूं, सरसों समेत कई फसलों को भारी नुकसान

देश के कई हिस्सों में रविवार को बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि से गेहूं, सरसों समेत कई फसलों को नुकसान पहुंचा है। 15 और 16 नवंबर दो दिन बारिश से कई राज्यों में रबी की बुवाई भी पिछड़ गई है, देखिए तस्वीरें

hailstorm, rainहरियाणा के हिसार में अलावृष्टि के बाद का मंजर दिखाता किसान। (फोटो- विपिन चहल और सोशल मीडिया से साभार।)

देश के कई हिस्सों में बारिश और ओलावृष्टि से कई फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। धान कटाई के बाद गेहूं बुवाई की तैयारी कर रहे किसानों को और इंतजार करना पड़ सकता है तो वहीं सरसों, फूल गोभी, गाजर, टमाटर कई अन्य फसलों को नुकसान पहुंचा है।

रविवार 15 नवंबर को पंजाब, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश के साथ-साथ ओलावृष्टि भी हुई। मौसम विभाग ने पहले ही 15 और 16 नवंबर को दिल्ली के आसपास के इलाकों में बारिश होने का अंदेशा जताया था।

भारत मौसम विज्ञान विभाग की ओर से कहा गया कि ताजा पश्चिमी विक्षोभ के कारण बारिश हुई। सबसे ज्यादा नुकसान हरियाणा के हिसार जिले में होने की खबर है। इसके अलावा जींद, सोनीपत में भी आलू, सरसों गेहूं और सब्जियों की फसलों को नुकसान पहुंचा है। बारिश का दौर उत्तर प्रदेश में भी चला लेकिन यहां पर फसलों को ज्यादा नुकसान की खबर नहीं है। उत्‍तर प्रदेश के नोएडा, अलीगढ़, लखनऊ, आगरा, सीतापुर और बाराबंकी समेत कई जिलों में बारिश हुई। जबकि कुछ जगहों से ओले गिरने की भी खबर आ रही है।

लोगों से सोशल मीडिया के माध्यम से बताया कि जहां हरियाणा के हिसार, जींद, पानीपत और रेवाड़ी में बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई तो वहीं पंजाब के लुधियाना, फिरोजपुर, पठानकोट, संगरूर, मुक्तसर और अमृतसर में बारिश हुई है।

हरियाणा के जींद जिले में बड़ौदा गांव के विपिन चहल ने गांव कनेक्शन को फोन पर बताया कि आज शाम को करीब 4 से 5 भी के बीच तेज हवा के साथ ओले गिरे और बारिश हुई। पता चला है कि हिसार में भीषण ओलावृष्टि हुई है।"

मौसम के इस तरफ करवट लेने से आलू, गेहूं, सरसों, गाजर, फूल गोभी, टमाटर समेत कई फसलों को भारी नुकसान हुआ है।

विपिन चहल आगे बताते हैं, "हमारे यहां अभी तीन चार दिन पहले गेहूं की बुवाई हुई थी, अब ये गेहूं नहीं जमेगा, किसान को दोबारा ट्रैक्टर चलवाकर नया बीज बोना होगा, किसानों को काफ़ी नुकसान हो गया। ओले गिरने से सरसों तो बिल्कुल नहीं बचेगी।"

हरियाणा के करनाल जिले में रहने वाले किसान रवींद्र काजल ने फेसबुक पर लिखा,"गेहूं बोया था, बारिश ने अपना काम कर दिया। जो खाद, बीज और दवाई पर खर्चा किया था सब बर्बाद कर दिया।"

हिसार जिले के कई क्षेत्रों में ओलावृष्टि से किसानों का भारी नुकसान हुआ है। युवा कांग्रेस के प्रदेश सचिव मनोज टाक माही ने गांव कनेक्शन को फोन पर बताया, "हिसार के टोकस पातन लुदास, गंगवा, हिन्दवान, रावलवास, धीरणवास सहित अन्य कई गांवों में भारी बारिश और ओलावृष्टि हुई है। तेज तूफान के कारण सरसों की फसलों में 80 से 100% तक नुकसान पहुंचा है।"

हिसार में सरसों की फसलों को ओलावृष्टि से काफी नुकसान पहुंचा है। फोटो- किसानों के वाट्सग्रुप से साभार

उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा कि जल्द से जल्द सरसों की फसल की गिरदावरी (सर्वे) करवाई जाए व किसानों को उचित मुवावजा दिया जाए।

मौसम विभाग ने 16 नवंबर को सुबह ही अनुमान जताया है कि देश के कई हिस्सों में आंधी-तूफान के साथ बारिश हो सकती है।

राजस्थान में भी ओलावृष्टि

राजस्थान की राजधानी सहित प्रदेश के कई दूसरे जिलों में रविवार को बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। स्काईमेट वेदर की एक रिपोर्ट के अनुसार 16 और 17 नवंबर को भी राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है। भरतपुर, झुंझुनू, अलवर, सीकर, जयपुर, दौसा जिलों में बारिश की संभावना है।

जयपुर और चित्तौड़गढ़ सहित कई शहरों में न्यूनतम सामान्य से ऊपर पहुंच गया है। राजस्थान के अधिकांश शहरों में न्यूनतम तापमान 12 से 16 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा जबकि अधिकतम तापमान 29 से 32 डिग्री के बीच रिकॉर्ड किया जा सकता है।

उत्तर प्रदेश में कई जिलों में बारिश, गेहूं बुवाई में हो सकती है देरी

उत्तर प्रदेश के सीतापुर, बाराबंकी और उन्नाव में रविवार देर रात तक बारिश हुई। सीतापुर के महौली तहसील के आसपास रात करीब 9 बजे तेज बारिश हुई। धान कटाई के बाद गेहूं बोने की तैयारी कर हे किसानों को अब थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है। गेहूं की बुवाई 7 से 10 दिन तक लेट हो सकती है।

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में बारिश के पानी से भरा खेत।

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