नीतीश का फैसला-खुले में शौच करने वालों की फोटो क्लिक करेंगे बिहार के स्कूल टीचर  

नीतीश का फैसला-खुले में शौच करने वालों की फोटो क्लिक करेंगे बिहार के स्कूल टीचर  प्रतीकात्मक तस्वीर 

लखनऊ।बिहार के शिक्षकों के लिए नया चौंकाने वाला आदेश जारी किया गया है।मिली जानकारी के मुताबिक, सूबे के सभी ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर (बीईओ) की तरफ से जारी नए आदेश के अनुसार अब शिक्षक छात्रों को पढ़ाने के साथ-साथ खुले में शौच करने वालों लोगों की भी निगरानी करेंगे।इतना ही नहीं, खुले में शौच करने वालों के साथ शिक्षकों को सेल्फी लेने के भी निर्देश दिए गए हैं। बताया जा रहा है कि हर दिन सुबह और शाम को शिक्षकों को निगरानी करनी होगी।इस काम में स्कूल के प्रधानाचार्यों को बतौर पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पंचायत स्तर पर खुले में शौच रोकने के लिए शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है।बीईओ की ओर से जारी आदेश के तहत शिक्षकों को निर्देश दिया गया है कि वे सुबह 6 से 7 बजे और शाम 5 से 6 बजे रोजाना खुले में शौच जाने वाले लोगों पर निगरानी रखेंगे।जो लोग उन्हें खुले में शौच करते मिलेंगे, शिक्षक उनके साथ सेल्फी लेंगे और अधिकारियों को भेजेंगे। बीईओ के इस आदेश से शिक्षकों में काफी आक्रोश है।शिक्षकों को इस काम की निगरानी सौंपे जाने के सरकारी फरमान पर अब सवाल उठने लगे हैं।

ये भी पढ़ें-उत्तराखंड और हरियाणा बने खुले में शौच मुक्त प्रदेश

सरकार के फैसले की आलोचना

माध्यमिक शिक्षक संघ के महासचिव ने सरकार के इस फैसले की आलोचना की है। महासचिव शत्रुध्न प्रसाद सिंह ने कहा कि शौच अभियान में शिक्षकों को शामिल करना पागलपन है और शिक्षकों के पद का अपमान है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार अपने घिनौने फरमान को तुरंत वापस ले, क्योंकि वे शिक्षकों को ये काम कभी नहीं करने देंगे। शिक्षक संघ फरमान को वापस लेने के लिए सीएम को पत्र लिखेगा।

ये भी पढ़ें-देश में 100 से ज्यादा जिले हो चुके हैं खुले में शौच से मुक्त: प्रधानमंत्री मोदी

शिक्षकों के जिम्मे हैं 30 तरह के काम

इस जिम्मेवारी के पहले ही पढ़ाई के साथ-साथ 30 अलग-अलग तरह के काम बिहार के शिक्षकों को मिला हुआ है। इनमें चुनाव कराने से लेकर वोटर लिस्ट बनाने और जनगणना जैसे काम हैं।

More Stories


© 2019 All rights reserved.

Top