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हिंदी दिवस : हिंदी के बारे में कुछ ऐसी बातें जिन्हें जानकर आपको अच्छा लगेगा

लखनऊ। 14 सितंबर 1949 को हिंदी भाषा को राज भाषा का दर्जा मिलने के बाद से हर साल 14 सितंबर के दिन को हम हिंदी दिवस के रूप में मनाते है। आज हम आपको हिंदी से जुड़े कुछ ऐसे तथ्यों के बारे में बताने जा रहे हैं जिनके बारे में आपने शायद पहले नहीं सुना होगा...

1. 1950 में हिंदी भाषा को भारत की आधिकारिक भाषा का दर्जा मिला था। 1954 में भारत सरकार ने हिंदी व्याकरण तैयार करने के लिए समिति का गठन किया।

2. भारत के बाहर, हिंदी बोलने वाले लोग संयुक्त राज्य अमेरिका में 648,983, मॉरीशस में 685,170, दक्षिण अफ्रीका में 890,292, यमन में 232,760, युगांडा में 147,000, सिंगापुर में 5,000, नेपाल में करीब 8 लाख, न्यूजीलैंड में 20,000, जर्मनी में 30,000 हैं। 20 से ज्यादा देशों में हिंदी भाषा का इस्तेमाल किया जाता है।

3. इंटरनेट पर 94% हिंदी की मांग

सात भाषाएं ऐसी हैं जिनका इस्तेमाल वेबएड्रस बनाने में किया जाता है, उनमें से हिंदी एक है। हिंदी की लोकप्रियता का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि हर साल इंटरनेट पर हिंदी कंटेंट की मांग 94 फीसद बढ़ रही है।

4. दुनियाभर में हिंदी का इस्तेमाल

हिंदी सबसे ज्यादा बोले जाने वाली भाषाओ में से एक है। 2001 की जनगणना के हिसाब से 42 करोड़ 60 लाख लोग हिंदी को पहली बोली के रूप में एवं 1999 की गणना के अनुसार 12 करोड़ लोग द्धितीय बोली के रूप में जानी जाती है।

5. 176 विश्वविद्यालयों में हिंदी की पढ़ाई

दुनिया के 176 विश्वविद्यालयों में हिंदी पढ़ाई जाती है, जिसमें से 45 विश्वविद्यालय अमेरिका के हैं। इतना ही नहीं विदेश में 25 से ज्यादा पत्र-पत्रिकाएं रोज हिंदी में निकलती हैं।

6. अंग्रेजी के ये शब्द लिए गए हिंदी में

जंगल, कर्मा, योगा, बंगला, चीता, लूट, ठग और अवतार जैसे अंग्रेजी में जैसे प्रचलित शब्द हिंदी भाषा में लाए गए।

7. 1805 में प्रकाशित लल्लू लाल द्वारा लिखित श्रीकृष्ण पर आधारित किताब प्रेम सागर को हिन्दी में लिखी गई पहली किताब माना जाता है।

8. हिंदी को अपना नाम एक परसियन शब्द हिन्दू से मिला, जिसका मतलब है पवित्र नदी की भूमि। यह भी कहा जाता है कि सि़ंधु नदी के पास जो सभ्यता फैली उसे सिंधु सभ्यता और उस क्षेत्र के लोगों को हिन्दू कहा जाने लगा जो कि सिंधु शब्द से ही बना। और इनके द्वारा बोली जाने वाली भाषा हिंदी कहलाई।

9. सरकार ने संयुक्त राष्ट्र की आधिकारिक भाषाओं में हिंदी को शामिल कराने के लिए सालाना 250 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।

10. बिहार वो पहला राज्य है जिसने हिंदी को अपनी आधिकारिक भाषा के तौर पर स्वीकार किया। साल 1881 तक बिहार की आधिकारिक भाषा उर्दू हुआ करती थी जिसके स्थान पर हिंदी को अपनाया गया।

हिंदी दिवस पर नीलेश मिसरा की आवाज़ में सुनिए केदारनाथ सिंह की कविता ‘मातृभाषा’

उर्दू को देवनागरी में लिखकर हिंदी के पास लाएं

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