इंग्लैंड में में पढ़ाया जाएगा डाकू फूलन देवी का इतिहास 

इंग्लैंड में में पढ़ाया जाएगा डाकू फूलन देवी का इतिहास फूलन देवी

वरुण द्विवेदी

स्वयं कम्युनिटी जर्नलिस्ट

जालौन। एक समय ऐसा था जब लोग फूलन देवी के नाम से डर जाते थे, जल्द ही फूलन देवी के बारे में ब्रिटेन में पढ़ाया जाएगा।

फूलन देवी से जुड़ी सुनी और अनुसुनी बातों का इतिहास ब्रिटेन में पढ़ाया जाएगा। इसके लिए लन्दन से भारतीय मूल के ब्रिटिश प्रोफ़ेसर मुकुल लाल और आगरा के मुकुल सब्बरवाल जिला जालौन के कालपी तहसील पहुंचे। उन्होंने पुलिस को बताया कि वह इंग्लैंड के सफक प्रांत से आए हैं और यूनिवर्सिटी आफ इंस्टागिलियर में गणित के प्रोफेसर हैं।

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उन्होंने पुलिस को वीजा और लीगल डाक्यूमेंट्स भी दिखाए और कहा कि वह फूलन देवी के जीवन पर शोध कर रहे हैं और इस वजह से में फूलन की मां मुला देवी से मिलना चाहते हैं। इस पर उन्हें पुलिस सुरक्षा में फूलन के गांव शेखपुर गुढ़ा भेज दिया।

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डाकू फूलन देवी का गाँव कालपी तहसील से छह किलोमीटर दूर बीहड़ जंगल में है। गाँव में फूलन के घर पहुंचते ही जैसे ही प्रोफेसर ने फूलन की मां मुला देवी से फूलन के बारे में जिक्र किया तो फूलन की मां किसी बात पर गुस्सा हो गई और प्रोफेसर पर बरस पड़ी। बड़ी मुश्किल से पुलिस ने उन्हें बचाया गाँव वालों के समझाने पर मुला देवी शांत हुई और फिर फूलन की बहन रामकली ने प्रोफेसर से बात की और उन्हें फूलन के बीहड़ से लेकर संसद तक पहुंचने की कहानी बताई। इसके बाद प्रोफेसर ने फूलन के परिवार को आर्थिक सहायता भी दी। हालांकि चर्चा प्रोफेसर को दौड़ाने की भी रही लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो सकी। विदेशी नागरिक को देखने के लिए बड़ी संख्या में गांव में लोगो की भीड़ इक्कठा हो गयी।

जालौन जिले से डाकू फूलन देवी का गहरा नाता रहा हैं। फूलन का जन्म एक गरीब मल्लाह के परिवार में हुआ था। बचपन में ही उसकी शादी उससे 12 वर्ष बड़े एक व्यक्ति के साथ करा दी गई थी। फूलन दो बार अपने ससुराल से भाग आई। बाद में सास-ससुर ने उसके पिता से गुजारिश की वे उसे अपने पास ही रखें।

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