80 रुपए से 800 करोड़ रुपए तक सफर, लिज्जत पापड़ की प्रेरणादायक कहानी

80 रुपए से 800 करोड़ रुपए तक सफर, लिज्जत पापड़ की प्रेरणादायक कहानी

बात 1959 की है जब जसवंती बेन का मकसद सिर्फ परिवार की आमदनी बढ़ाने के लिये कुछ पैसे कमाना था और उन्होनें अपने साथ और बेरोजगार महिलाओं को जोड़कर 100 रुपये का कर्ज लिया और पापड़ बनाने का काम शुरु किया।और आज उनके यहाँ 40,000 महिलाएं काम करती हैं और हर साल 200 करोड़ रुपये का वार्षिक कारोबार है। सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि पूरे भारतवर्ष मे जसवंती बेन के लिज्जत पापड़ फेमस हैं। और इसी वजह से इन्हें इकनोमिक टाइम्स अखबार ने सन् 2002 में महिला उद्यमी के तौर पर पुरस्कृत भी किया।

आम तौर पर लगभग सभी मौकों और त्यौहारों में भोजन के बाद पापड़ परोसा जाता है। अत: इनकी खपत हर देश के हर शहर और गांव के हर घर में होती है, यानी इस उद्योग में करियर उज्ज्वल है। कोई भी व्यक्ति छोटा-बड़े पैमाने पर पापड़ व्यवसाय घर से शुरू कर सकता है। यह कम लागत में शुरू होने बाला बहुत ही लाभदायक उद्योग है।

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कितनी संभावनाएं हैं पापड़ बनाने के बिज़नस में

भारत के गाँव व शहरों में पापड़ समान रूप से लोकप्रिय हैं। भारत के अतिरिक्त पापड़ को विदेशों में भी निर्यात किया जाता हैं।ब्रिटेन, अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात, सिंगापुर, नाइजीरिया, ओमान, मलेशिया, कुवैत, कनाडा, बहरीन और ऑस्ट्रेलिया ऐसे कुछ देशों के नाम हैं जहाँ, हमारे यहाँ बने पापड़ की अधिक मांग होती हैं।इस लिहाज से देखें तो पापड़ उद्योग अवसरों से भरा हुआ हैं। साथ ही पापड़ बनाने में किसी एक ब्रांड या कंपनी का नाम नहीं चलता।कुछ कंपनियां पूरे देश में फैली हुई हैं, लेकिन 60 प्रतिशत व्यवसाय लोकल पापड़ निर्माता द्वारा ही किया जाता हैं।अपने व्यवसाय को मजबूत आधार देने के लिए पापड़ के ब्रांड के विकास पर ध्यान केंद्रित करना महत्वपूर्ण है।

कैसे करें तैयारी व निवेश

पापड़ बनाने का उद्योग लगाने के लिए आपको लोकल लोगों की पसंद की जानकारी होना आवश्यक हैं।साथ ही आपके क्षेत्र में एक अनुभवी डिस्ट्रीब्यूटर का भी आपको साथ चाहिए।पापड़ उद्योग लघु उद्योगों में गिना जाता हैं इसलिए इसमें बहुत अधिक निवेश की आवश्यकता नहीं होती, और आपको बैंक, ग्राम पंचायत आदि संस्थानों से आसानी से लोन मिल भी सकता हैं। इसके लिए आप प्राइवेट स्तर पर या सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न स्कीमों के तहत नजदीकी बैंक में आवेदन कर सकते हैं। बैंक से भी आपको लोन इसी शर्त पर मिलेगा जब आपके पास उचित बिज़नस प्लान होगा, जिसमें आपकी उत्पादक क्षमता आदि की जानकारी दी गयी हो।

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ऋण

किसी भी बैंक से ऋण लिया जा सकता है। इसके लिए आप प्राइवेट स्तर पर या सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न स्कीमों के तहत नजदीकी बैंक में आवेदन कर सकते हैं। खादी ग्रामोद्योग से ट्रेनिंग लेने वाले लोग अपने ट्रेनिंग संस्थान, खादी बोर्ड या अपने क्षेत्र की बैंक शाखा, जहां आपका खाता खुला हो, में आवेदन कर सकते हैं।

शुरुआत

पापड़ की सप्लाई आज बड़े महानगरों में ही नहीं, बल्कि गांवों में भी खूब हो रही है। अत: व्यक्ति इस उद्योग की शुरुआत कहीं भी रह कर, कर सकता है। पापड़ बनाने के लिए करीब 35-40 वर्ग गज जगह व सुखाने के लिए करीब 50 वर्ग गज जगह चाहिए, इस कार्य को 10 हज़ार रुपए से शुरू किया जा सकता है।

उपकरण

पापड़ बनाने के लिए ग्राइंडर मशीन, पापड़ मेकिंग मशीनों आदि की जरूरत होती है। ये मशीनें दिल्ली, मुंबई आदि शहरों में मिल जाती हैं।

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आमदनी

इस उद्योग में जितनी ज्यादा मेहनत होगी, उतना ही अधिक उत्पादन भी होगा। यह भी कह सकते हैं कि मेहनत जितनी ज्यादा होगी, आमदनी उतनी ही अधिक होगी।

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