माँ और भगवान का ‘विकल्प’ है गाय: हैदराबाद हाईकोर्ट

माँ और भगवान का ‘विकल्प’  है गाय: हैदराबाद हाईकोर्टप्रतीकात्मक तस्वीर

लखनऊ। हैदराबाद हाईकोर्ट के जज ने शुक्रवार को गाय पर एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि गाय देश की पवित्र संपदा है।

जस्टिस बी शिवाशंकर राव ने कहा कि गाय माँ और भगवान का 'विकल्प' है। जस्टिस शिवशंकर ने गाय को पवित्र धरोहर बताते हुए कहा कि गाय को राष्ट्रीय पशु का दर्जा मिलना चाहिए।

शिवाशंकर ने सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर को संज्ञान में लेते हुए कहा कि बकरीद के मौके पर मुस्लिम धर्म के लोगों को सेहतमंद गाय को काटने का कोई मौलिक अधिकार नहीं है।

दरअसल जस्टिस बी शिवा शंकर ने यह टिप्पणी एक पशु कारोबारी की याचिका पर सुनवाई करते हुए की। रामावथ हनुमा नाम के एक शख्स की 63 गाय और दो बैल जब्त किए गए थे। जिनको छुड़ाने की याचिका लेकर वह हाईकोर्ट पहुंचा था। वहां ‍शिवाशंकर ने हनुमा की दलील यह कहकर ठुकरा दी कि वह ट्रायल कोर्ट के फैसले में दखल नहीं देना चाहते। हाईकोर्ट आने से पहले वह ट्रायल कोर्ट भी गया था लेकिन वहां उसकी याचिका ठुकरा दी गई थी।

जज ने जानवर के साथ होने वाली क्रूरता को रोकने वाले अधिनियम, 1960 के सेक्शन 11 और 26 में बदलाव की बात कही। जज ने कहा कि उसके तहत सजा को बढ़ाकर पांच साल कर देना चाहिए।

जज ने बाबर का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने गौहत्या पर पाबंदी लगाई थी। जज ने कहा कि बाबर ने अपने बेटे हूमायूं को भी ऐसा ही करने को कहा था। जज ने कहा कि अकबर, जहांगीर और अहमद शाह ने भी गौहत्या पर पाबंदी रखी थी।

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