दौसा में राजस्थान सरकार ने इस तरह उड़ाया गरीबों का मज़ाक

दौसा में राजस्थान सरकार ने इस तरह उड़ाया गरीबों का मज़ाकदौसा में लोगो‍ं के घरों के बाहर इस तरह पेंट कर उड़ाया गया गरीबों का मजाक (साभार: न्यूज एजेंसी एएनआई)

लखनऊ। अपनी योजना के प्रचार के लिए राज्य सरकारें किस तरह आम आदमी और गरीबों का मजाक उड़ाती है इसका सबूत है राजस्थान का दौसा जिला। यहां नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट के तहत राशन लेने वाले लोगों के घर के बाहर दीवारों पर लिखा गया है, ‘मैं गरीब परिवार से हूं और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के तहत राशन लेता हूं।’ यही नहीं प्रशासन ने लाभार्थियों का नाम भी लिखा है।

दौसा जिले के सिकरई और बंदीकुई तहसील में करीब 50,000 आवास हैं जहां के स्थानीय अधिकारियों को सरकार की तरफ से ये आदेश दिया गया है कि वे उन लोगों की जांच करें जो सरकार की इस योजना का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं लेकिन इसे अनिवार्य करके अभियान से प्रशासन ने गरीब परिवारों को पूरी तरह से शर्मनाक स्थिति में डाल दिया है।

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यहां तक कि एक उदाहरण ऐसा भी आया है जहां प्रशासन ने एक घर की चार दीवारों पर एक ही संदेश को पेंट किया है।

कुंदर डुंगर पंचायत में एक घर में रहने वाले परिवार को शर्मनाक स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने उनके घर की 20 फीट लंबी दीवार के हर कोने पर ये संदेश पेंट कर दिया है। वहीं कई परिवार ऐसे भी है जो अपनी किस्मत के आगे झुककर प्रशासन को इस तरह के बोर्ड उनके घर के आगे लगाने के लिए हामी दे रहे हैं। वहीं इसके बदले में उन्हें इस योजना का पूरा लाभ भी नहीं मिल रहा है।

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इस पर दौसा जिला परिषद के सीईओ सुरेंद्र सिंह का कहना है, ‘यह मुहिम बीपीएल के अंतर्गत आने वाले परिवारों की पहचान के लिए किया गया है, हमें इसके लिए आदेश दिया गया है।’

स्वराज इंडिया के संयोजक योगेंद्र यादव ने इस खबर पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।

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