मथुरा में शहीद पंकज की अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब, देखें तस्वीरें...

शहीद पंकज की पत्नी मेघा और उनके परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल था। अंतिम यात्रा में लोगों के सिर शहीद पंकज के सम्मान में झुक गए। शहीद पंकज के डेढ़ साल के बेटे ने उनको मुखाग्नि दी।

Seema SharmaSeema Sharma   2 March 2019 10:03 AM GMT

मथुरा में शहीद पंकज की अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब, देखें तस्वीरें...

सीमा शर्मा, कम्यूनिटी जर्नलिस्ट, गाँव कनेक्शन

मथुरा। कश्मीर के बड़गाम में वायु सेना के एक स्पेशल ऑपरेशन के दौरान उड़ान भरते वक्त शहीद हुए जांबाज जवान पंकज नौहवार की अंतिम यात्रा में जनसैलाब उमड़ पड़ा। तिरंगे में लिपटकर जब जांबाज का पार्थिव शरीर मथुरा के जरेलिया गाँव पहुंचा तो हर आंख नम हो गई।

जरेलिया गाँव निवासी पंकज नौहवार वायुसेना में एयरमैन टेक्निकल के पद पर तैनात थे और बीते तीन फरवरी को ही पंकज अपनी छुट्टी खत्म कर ड्यूटी पर वापस पहुंचे थे।

उनका पार्थिव शरीर गुरुवार की शाम तिरंगे में लिपटकर मथुरा पहुंचा। शुक्रवार सुबह पंकज का पार्थिव शरीर पहले उनके बालाजीपुरम आवास और फिर जरेलिया गाँव पहुंचा, जहां उनकी अंतिम यात्रा को श्रद्धांजलि देने हजारों की संख्या में लोग पहुंचे।


जरेलिया गाँव में उनका पार्थिव शरीर पहुंचने से पहले पूरे गाँव को तिरंगे से पाट दिया गया और बाजना कस्बे का बाजार बंद रखा गया। गाँव में उनकी अंतिम यात्रा में पांच किलोमीटर तक युवाओं ने जांबाज पंकज के सैन्य सम्मान में तिरंगा यात्रा निकाली। उनके अंतिम दर्शन करने के लिए हर तरफ जनसमुदाय दिखाई दिया। भारत माता की जय और हिन्दुस्तान जिंदाबार के जयकारों के साथ शहीद पंकज की अंतिम यात्रा निकाली गई।

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यमुना एक्सप्रेस-वे के किनारे बाजना कट के समीप शहीद पंकज का अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम यात्रा में उनकी पत्नी मेघा और परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल था। लोगों के सिर शहीद पंकज के सम्मान में झुक गए। शहीद पंकज के डेढ साल के बेटे ने उनको मुखाग्नि दी।

इससे पहले आगरा खेरिया हवाई अड्डे पर ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा समेत सैन्य अधिकारियों ने उनको श्रद्धांजलि अर्पित की। वहीं श्रद्धांजलि देने के लिए सांसद हेमा मालिनी, विधायक श्याम सुंदर शर्मा, रालोद के उपाध्यक्ष जयंत चौधरी, एमएलसी संजय लाठर, ब्रज फाउंडेशन के संस्थापक विनीत नारायण, संयुक्त जाट आरक्षण समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष एचपी सिंह परिहार समेत कई नेता शहीद का अंतिम विदाई देने के लिए पहुंचे।

वहीं गाँव में पहुंचे कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने शहीद के परिजनों को 25 लाख रुपये, शहीद का दर्जा और जमीन उपलब्ध होने पर पट्टा दिलवाने का एलान किया।

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