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20 साल में 3 लाख 30 हजार किसान खुदकुशी कर चुके हैं, अब तो किसान आय आयोग बने

Mithilesh DharMithilesh Dhar   28 July 2017 8:05 AM GMT

20 साल में 3 लाख 30 हजार किसान खुदकुशी कर चुके हैं, अब तो किसान आय आयोग बनेकिसानों की आय निश्चित करने की उठी मांग।

लखनऊ। देश में किसानों की दयनीय स्थिति को देखते हुए किसान आय आयोग के गठन को लेकर मांग तेज हो गई है। 21 साल में 3 लाख 30 हजार किसान ने खुदकुशी कर चुके हैं। कारण सभी के लगभग एक ही हैं। निश्चित आय का न होना।

ऐसे में अब पहले से की जा रही किसान आयोग के गठन की मांग गति पकड़ रही है। किसानों की समस्याएं और उनके निदान को लेकर भोपाल के गांधी भवन में विचार मध्य प्रदेश द्वारा बुधवार को में कृषि संसद का आयोजन किया गया। बैठक में एकमत से राय बनी कि देश में किसान आय आयोग का गठन किया जाए, जिसमें हर किसान की एक निश्चित आय तय की जाये।

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सभा को संबोधित करते कृषि नीति विश्लेषक देविंदर शर्मा।

देश में किसान अपनी मांगों को लेकर लगातार आंदोलन कर रहे हैं। इन्हीं सब मुद्दों पर चर्चा करने के लिए मप्र के 150 से ज्यादा किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने कृषि विशेषज्ञ देविंदर शर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में किसान आय आयोग को लेकर सहमति जताई।

बैठक में देविंदर शर्मा ने कहा कि वेतनभोगी सरकारी कर्मचारियों की संख्या आबादी का एक फीसदी है। सातवें वेतन आयोग में इन्हें 4 लाख 80 हजार करोड़ का फायदा सरकार ने दिया। देश में 60 करोड़ किसान हैं। यह रकम इन्हें मिलनी चाहिए थी। सरकारी नौकर वैसे भी 108 प्रकार के अलाउंस पाते हैं, जो पहले 196 थे। इन्हें वेतन की जरूरत ही नहीं, लेकिन पाश्चात्य ढंग से सोचने और देखने वाले हमारे अर्थशास्त्रियों की औकात ही नहीं है। वे किसानों के नजरिए से भी अर्थव्यवस्था को देखें।

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किसान संसद की बैठक में किसान संगठनों के प्रतिनिधि।

शर्मा ने आगे कहा कि शहरी लोग भी इसी सोच के हैं। किसी के कानों पर जूं नहीं रेंगती, 20 में 3 लाख 30 हजार किसानों ने खुदकुशी की है। वे बच्चों के साथ आत्महत्या कर रहे हैं। उनके बच्चे खुदकुशी कर रहे हैं। देश के दो बिजनेसमैन भी कर्ज से खुदकुशी कर लेते तो कोहराम मच जाए, लेकिन यूपी सरकार ने किसानों के 36 हजार करोड़ के कर्ज माफी की घोषणा भर की तो अरुंधति भट्‌टाचार्य और उर्जित पटेल के बयान आ गए-ऐसे कदम क्रेडिट इन्डिसिपिलिन पैदा करेंगे।

पहली बार किसानों ने अपने आंदोलन में शहरों की सप्लाई रोकी व लोगों को समझ आ गया कि किसान मतलब क्या? महाराष्ट्र की दो हजार ग्राम सभाओं ने शहरों में सप्लाई रोकने के फैसले लिए। किसान जब ऐसा करेंगे तो ही हमारा ध्यान उनकी तरफ जाएगा। शहरी समाज को भी किसानों की मुश्किलों को समझना चाहिए।

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किसान आय आयोग का मसौदा सरकार को सौंपेंगे

विचार मप्र की पहल पर कृषि संसद में किसान आय आयोग के गठन की मांग की गई। न्यूनतम आय और कृषि विशेषज्ञ आयोग के गठन का मसौदा सरकार को सौंपा जाएगा। इसके अलावा बैठक में बिजली को भी लेकर आवाज उठी। बैठक में मौजूद लोगों का मानना था कि जब देश एक समान टैक्स लिया जा रहा है तो बिजली भी एक सामान मिलनी चाहिए।

किसान आय आयोग बनवाने को लेकर मांग तेज की जाएगी। मांगें नहीं मानी गईं तो किसान आंदोलन करेंगे।
केदार सिरोही, अध्यक्ष, आम किसान यूनियन

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