पीएम मोदी ने किसानों से कहा- धरती माँ को तबाही से बचाने के लिए कम करना होगा रासायनिक उर्वरकों का इस्तेमाल

पीएम मोदी ने किसानों से कहा- धरती माँ को तबाही से बचाने के लिए कम करना होगा रासायनिक उर्वरकों का इस्तेमाल

  • तेजी से बढ़ती जनसंख्या पर सोचना होगा- पीएम मोदी
  • 'सीमित परिवार से देश का भी भला होने वाला है'
  • छोटा परिवार रखने वाले देशभक्त की तरह हैं- प्रधानमंत्री मोदी

भारत के 73वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के किसानों से कहा कि हम अपनी धरती मां को तबाह कर रहे हैं। इन्हें बचाने के लिए हमें केमिकल युक्त फर्टिलाइजर का इस्तेमाल कम करना होगा। अपने भाषण में उन्होंने एक देश एक चुनाव का सपना भी दिखाया। उन्होंने कहा, "एक देश एक संविधान, एक देश एक टैक्स, को चुका है तो एक देश एक चुनाव पर लोकतांत्रिक तरीके से चर्चा होनी चाहिए।

लाल किले से देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने देश के किसानों से अपील की। उन्होंने कहा कि किसान भाइयों से भी कुछ मांगना चाहता हूं। यह धरती हमारी मां है। क्या कभी हमने इस धरती मां के स्वस्थ्य की चिंता की है। हम जिस तरह केमिकल फर्टिलाइजर्स का इस्तेमाल कर रहे हैं हम अपनी धरती मां को तबाह कर रहे हैं। मुझे इस धरती मां को तबाह करने का कोई हक नहीं है। क्या हम 10%, 20%, 25% केमिकल फर्टिलाइजर का प्रयोग कम करेंगे। वंदे मातरम कहकर जो फांसी के तख्त पर चढ़ गया, उसका काम पूरा करना भी हमारी जिम्मेदारी है। मेरे किसान मेरी इस मांग को पूरा करेंगे यह मेरा विश्वास है

इसके बाद उन्होंने अनुच्छेद 370 जा जिक्र करते हुए कहा, "हमारी सरकार के 10 हफ्ते के अंदर ही धारा 370 और 35ए का हटना सरदार पटेल के सपनों को पूरा करने का अहम कदम है।" विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा, "अगर 370 भाग्य बदलने वाला था तो इसे स्थाई क्यूं नहीं किया?"

इसी तरह तीन तलाक पर कानून बनाने पर कहा, देश की मुस्लिम बेटियां डरी हुई थीं। भले ही वो तीन तलाक की शिकार नहीं बनी हों लेकिन डर रहता था। तीन तलाक को कई इस्लामिक देशों ने भी खत्म कर दिया था, तो हमने क्यों नहीं किया। भारत में सती प्रथा, दहेज और भ्रूण हत्या के खिलाफ कानून बन सकते हैं, तो तीन तलाक के खिलाफ क्यों नहीं?

देश में बढ़ते जल संकट पर चिंता जाहिर करते हुए कहा, "सरकार आने वाले दिनों में साढ़े तीन करोड़ रुपये इस पर खर्च करेगी। इसमें जल संचय, जल सिंचन, वर्षा के पानी को रोकना, खराब पानी को शुद्ध करना, समुद्री जल को पीने योग्य बनाना, पानी बचाने के काम करना शमिल होगा। जल संरक्षण का अभियान को स्वच्छ भारत अभियान की तरह जन-जन तक पहुंचाएंगे।"

भारत की बढ़ती जनसंख्या पर चिंता जताते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जनसंख्या विस्फोट एक संकट है, परिवार सीमित करने में ही देश का भला है। "स्वयंप्रेरणा से एक छोटा वर्ग परिवार को सीमित करता है अपने परिवार का भी भला करता है, और देश का भी भला करता है। छोटे परिवार को रखकर वह देशभक्ति को अभिव्यक्त करते हैं। ऐसे लोग सम्मान के अधिकारी हैं," मोदी ने कहा।

देश की जनता को पांच ट्रिलियन डालर अर्थव्यवस्था का सपना दिखाते हुए मोदी ने कहा, "देशवासी साथ चलें तो पांच ट्रिलियन डालर की अर्थव्यवस्था मुस्किल नहीं है। दुनिया भारत को बाजार मानती है लेकिन अब हमें भी दुनिया के लिए तैयार रहना होगा। देश के उत्पाद को ग्लोबल मार्केट तक पहुंचाना जरूरी है।"

सेना को सशक्त करने का ऐलान करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, "सेना को और सशक्त करने के लिए चीफ ऑफ डिफेंस स्टॉफ का पद बनाया जाएगा। इससे हमारी सेना को नया नेतृत्व मिलेगा। जो तीनों सेना प्रमुखों के ऊपर होगा।"

देश में प्लास्टिक के उपयोग को बंद करने और डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया।

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