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भारत में सबसे ज्यादा हैं वीआईपी, अमेरिका और चीन भी इस मामले में पीछे

लखनऊ। केंद्र सरकार ने वीआईपी कल्चर खत्म करने का फैसला किया है। यूपी में भी आज से लाल और नीती बत्तियां गाड़ियों से हटा दी गईं। इसके लिए संविधान में मोटर व्हीकल एक्ट में भी बदलाव किया जाएगा। नए नियम के अनुसार अब देश में सिर्फ पांच लोग राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस और लोकसभा स्पीकर ही लालबत्ती गाड़ी का इस्तेमाल कर सकेंगे।

इस फैसले के बाद एक मई से गाड़ियों में लालबत्ती के इस्तेमाल पर रोक लगाई जाएगी। यूपी के अलावा एक हफ्ते पहले पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी वाहनों में लालबत्ती न लगाने का आदेश जारी किया था।

यह हैरानी वाली बात है कि भारत में सबसे ज्यादा वीआईपी स्टेटस वाले लोग हैं जबकि चीन और अमेरिका जैसे विकसित देश इस मामले में भारत से पीछे हैं। इसके अलावा बेहद चिंताजनक बात यह है कि पुलिस रिसर्च एंड डेवलेपमेंट के आंकड़ों के अनुसार भारत में 253 लोगों पर एक पुलिस है और एक वीआईपी पर लगभग 17 पुलिसवाले हैं। भारत में प्रति एक लाख लोगों पर 176 पुलिसवाले ही हैं।

450 से ज्यादा लोग वीआईपी स्टेटस वाले

इंडियाटाइम्सडॉटकॉम के अनुसार देश में 450 से ज्यादा लोग वीआईपी स्टेटस वाले हैं। ये वे लोग हैं जिन्हें वीआईपी सिक्योरिटी मिली हुई है। ऐसे लोगों की संख्या बहुत अधिक है जो वीआईपी स्टेटस होने का दावा करते हैं।

बताते चलें कि 2015 में भारतीय सरकार ने वीआईपी स्टेटस वाले लोगों की लिस्ट तैयार की थी ताकि उन्हें यूएस एयरपोर्ट में आसानी से एंट्री मिल जाए। शुरुआत में सरकार ने 2000 नामों की लिस्ट बनाई थी जो बाद में 15000 तक हो गई।

ऐसा कहा जा सकता है कि भारत की जनसंख्या ज्यादा है इसलिए वीआईपी कल्चर वाले लोग भी ज्यादा हैं लेकिन चीन में सबसे ज्यादा जनसंख्या होते हुए भी वीआईपी की संख्या कम है।

अलग-अलग देशों में वीआईपी स्टेटस वाले लोगों की संख्या

  • ब्रिटेन- 84
  • फ्रांस - 109
  • जापान - 105
  • जर्मनी - 142
  • ऑस्ट्रेलिया - 205
  • यूएस- 252
  • साउथ कोरिया - 282
  • रूस -312
  • चीन- 435

बात करें वीआईपी कल्चर के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों की तो दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने लालबत्ती के साथ वीआईपी कल्चर खत्म करने की बात कही थी।

आम आदमी पार्टी की थी लालबत्ती हटाने की वकालत

2014 में सरकार बनने के बाद आम आदमी पार्टी ने वीवीआईपी गाड़ियों से लालबत्ती हटाई थी। केजरीवाल ने सरकार बनने के बाद रामलीला मैदान में शपथ लेते हुए कहा था कि जब विकसित देशों में प्रधानमंत्री बस स्टैंड में खड़े होकर इंतजार कर सकता है तो यहां ऐसा क्यों नहीं है? हम वीआईपी कल्चर को भारत से खत्म करना चाहते हैं।

वकील हरीश साल्वे ने भी किया था सपोर्ट

वहीं इससे पहले जनहित याचिका के जरिये विशिष्ट जन को लालबत्ती लगाने का हक देने वाले कानून को साल 2014 में सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी। यह याचिका उत्तर प्रदेश के अभय सिंह ने दाखिल की थी। इसके बाद वकील हरीश साल्वे ने मोटर व्हीकल एक्ट के नियम-108 के उपबंध-तीन को रद करने की मांग की। यह नियम विशिष्ट जन को लालबत्ती लगाने का हक देता है।