आज ही के दिन भारत ने पाक से लिया था उरी का बदला, पढ़िए सर्जिकल स्ट्राइक की पूरी कहानी

आज ही के दिन भारत ने पाक से लिया था उरी का बदला, पढ़िए सर्जिकल स्ट्राइक की पूरी कहानीभारतीय सेना। (फाइल फोटो)

लखनऊ। सर्जिकल स्ट्राइक के तहत एक साल पहले आज ही के दिन पाकिस्तान में घुस कर आतंकियों के कैंप को भारतीय सेना ने ध्वस्त कर दिया था। इसके एक साल पूरे होने पर रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण और सेना प्रमुख बिपिन रावत उरी का दौरा करेंगे जहां पर सेना ने आतंकियों को मौत के घाट उतारा था। वहीं सेना की इस कार्रवाई को देश आज भी याद करके जवानों की बहादुरी को सलाम कर रहा है।

सोए सैनिकों को आतंकियों ने बनाया था निशाना

आतंकियों ने तड़के सुबह सेना के कैंप पर हमला किया था। इस आत्मघाती धमाके से टेंटों में आग लग गई और कई जवान झुलस गए थे। यह अब तक का सबसे बड़ा आतंकी हमला था। आतंकवादियों का ताल्लुक जैश-ए-मोहम्मद से था। हमला सुबह 5.30 बजे हुआ, तब कुछ जवान अपनी ड्यूटी करके आराम करने के लिए कैंप में आए थे उस समय आतंकियों ने उरी कस्बे के इन्फैंट्री बटालियन के पिछले आधार शिविर को निशाना बनाया। हमले के बाद आतंकियों और जवानों के बीच भारी गोलीबारी हुई, जो करीब चार घंटे चली। आतंकियों का पाकिस्तान से संबंध है इसके पुख्ता सबूत भारत के पास मौजूद थे जो पड़ोसी देश को दिखाए भी गए।

ये भी पढ़ें- सर्जिकल स्ट्राइक के बाद आतंकी घटनाओं में 25 फीसदी की कमी : केंद्र

सेना ने ऐसे लिया बदला

पठानकोट, पुंछ और उरी में पाकिस्तान ने जब हद पार कर दी तो भारतीय सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक कर इसका कड़ा जवाब दिया। पिछले साल 28-29 सितंबर की दरमियानी रात को भारतीय सेना ने एलओसी पार करके आतंकी लॉन्च पैड पर हमले किए थे, इनमें पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा को बहुत नुकसान हुआ था। सर्जिकल स्ट्राइक में करीब 50 आतंकी मारे गए थे और कई आतंकी कैंप पूरी तरह से तबाह भी हुए थे। ऐसा पहली बार हुआ था कि भारतीय सेना ने पाकिस्तानी कैंपों पर हमला किया और इसका ऐलान भी किया।

पीएम मोदी ने ऐसे बनाई पूरी प्लानिंग

21 सितंबर, 2016- पाकिस्तान के उच्चायुक्त अब्दुल बासित को विदेश सचिव जयशंकर ने दिल्ली में तलब किया। जयशंकर ने उरी हमले के पीछे पाकिस्तानी आतंकवादियों का हाथ होने के तमाम पुख्ता सबूत बासित को सौंपे।

22 सितंबर, 2016- पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने संयुक्त राष्ट्र की आम सभा में लश्कर के आतंकवादी बुरहान वानी को हीरो बताया। शरीफ यहीं नहीं रुके और उन्होंने उरी हमले पर कोई सफाई देने के बजाए उलटे भारत को ही कश्मीर मुद्दे पर घेरने की कोशिश की।

ये भी पढ़ें- सर्जिकल स्ट्राइक से दुनिया को कराया ताकत का एहसास: मोदी

22 सितंबर, 2016- दिल्ली में आर्मी चीफ जनरल दलबीर सिंह सुहाग और डायरेक्टर जनरल मलिट्री ऑपरेशन लेफ्टिनेंट जनरल रनबीर सिंह ने पीएम मोदी के साथ NSA अजित डोभाल को पाकिस्तान के खिलाफ मिलिट्री और दूसरे ऑपरेशन की जानकारी दी।

23 सितंबर, 2016- पीएम मोदी पहली बार अजित डोभाल के साथ साउथ ब्लॉक पर आर्मी के अंडरग्राउंड वॉर रूम में पहुंचे। वहां सेना के तीनों प्रमुख, खुफिया एजेंसी रॉ के सेक्रेटरी राजेंद्र कुमार, इंटेलिजेंस ब्यूरो के डायरेक्टर दिनेश्वर शर्मा और एनटीआरओ चीफ आलोक जोशी पहले से मौजूद थे। यहां सेना के प्रमुखों ने पीएम को जानकारी दी कि इसरो की कम ऊंचाई वाले सेटेलाइट के जरिए पाक अधिकृत कश्मीर पर पूरी नजर रखी जा रही है। पीएम मोदी सेना के काम से संतुष्ट दिखे।

24 सितंबर, 2016- वॉर रूम में पूरी जानकारी लेने और तीनों सेनाओं के प्रमुखों से बातचीत के बाद अगले ही दिन वे केरल पहुंचे और यहां उन्होंने उरी हमले पर पहली बार पाकिस्तान को खुली चुनौती दी। उन्होंने कहा कि भारत अपने जवानों की शहादत नहीं भूलेगा और हमले का बदला जरूर लिया जाएगा। इशारों-इशारों में ही पीएम ने अपने इरादे देश की जनता के सामने जाहिए किए।

ये भी पढ़ें- सर्जिकल स्ट्राइक का लक्ष्य चन्द आतंकवादी मारना भर नहीं

26 सितंबर, 2016- तीनों सेना प्रमुख और खुफिया एजेंसियों के हेड्स ने रायसीना हिल से कोसों दूर एक खुफिया जगह पर मीटिंग की और अपने-अपने फोन स्विच ऑफ कर दिए ताकि कोई भी उनके मूवमेंट का पता न लगा सके। सभी सिविल वर्दी में एनएसए चीफ अजित डोभाल से मिले और मिशन पर आखिरी बार पूरी जानकारी ली। मीटिंग में तय हुआ कि मिशन के तहत एलओसी के उस पार आठ आतंकी कैंपों पर हमला किया जाएगा।

28 सितंबर, 2016- भारतीय सेना पाकिस्तान के आठ आतंकी कैंपों पर टूट पड़ी और उन्हें पूरी तरह से नष्ट कर दिया। वहीं पाकिस्तानी सेना के अधिकारिक ने सर्जिकल स्ट्राइक का खंडन करते हुए कहा गया कि भारत सीमापार से गोलीबारी को सर्जिकल स्ट्राइक बता रहा है।

ये भी पढ़ें- भारत के सर्जिकल स्ट्राइक में लश्कर की कमर टूटी

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ ने भारत की कथित सैन्य कार्रवाई की निंदा करते हुए मारे गए पाकिस्तानी सैनिकों को श्रद्धांजलि दी और गोलीबारी को भारत का खुला अत्याचार बताया था। पूरे देश ने इसकी सराहना की थी। भारतीय सेना को सभी ने सैल्यूट किया था।

Share it
Share it
Share it
Top