स्कूली छात्र सीखेंगे महात्मा गांधी का स्वास्थ्य मंत्र

जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के बढ़ते मामलों के इस दौर में अच्छे स्वास्थ्य के लिये गांधी जी के मंत्रों को स्कूल के समय से ही आत्मसात करना सिखाया जाएगा

स्कूली छात्र सीखेंगे महात्मा गांधी का स्वास्थ्य मंत्रप्रतीकात्मक तस्वीर फोटो: गाँव कनेक्शन

नई दिल्ली। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने एक नयी पहल के तहत महात्मा गांधी को 'स्वास्थ्य दूत' के तौर पर पेश किया है, जिससे स्कूली छात्रों को ऐसी जीवन शैली अपनाने के लिये प्रेरित किया जा सके जो उनकी कुशलता को सुनिश्चित करे।

स्वास्थ्य के क्षेत्र में देश की सर्वोच्च अनुसंधान निकाय ने कहा, गांधीवादी मूल्य और अच्छे स्वास्थ्य का दर्शन जिसका उन्होंने प्रचार और अभ्यास किया, वे आज के दौर में भी प्रासंगिक हैं। इस दर्शन को जीवित रखने के लिये, आईसीएमआर के वैज्ञानिक और अधिकारी बच्चों के साथ सक्रिय रूप से बातचीत के लिये विद्यालयों का दौरा कर रहे हैं जिससे मूल्यों और अच्छे स्वास्थ्य के संदर्भ में जागरूकता बढ़ाई जा सके।

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प्रतीकात्मक तस्वीर फोटो: गाँव कनेक्शन

इस पहल मिशन शक्त (स्कूल आधारित स्वास्थ्य जागरूकता, ज्ञान परीक्षण और प्रशिक्षण पहल) को हाल ही में महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मनाने के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय गांधी संग्रहालय और दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय के सहयोग से शुरू किया गया है।

इस कार्यक्रम में दिल्ली के 36 विद्यालय हिस्स लेंगे। वैज्ञानिक और आईसीएमआर-क्षेत्रीय आयुर्विज्ञान शोध केंद्र, गोरखपुर के निदेशक रजनी कांत ने कहा, स्वास्थ्य जीवन का सबसे महत्वपूर्ण पहलु है। जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के बढ़ते मामलों के इस दौर में अच्छे स्वास्थ्य के लिये गांधी जी के मंत्रों को स्कूल के समय से ही आत्मसात करना और उनका पालन करना दीर्घकाल में स्वस्थ जीवन का आधार बनेगा। रजनी कांत कार्यक्रम के परियोजना समन्वयक भी हैं।

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यहां हाल में एक विद्यालय के कार्यक्रम के दौरान कांत ने बच्चों को स्वस्थ शरीर, स्वस्थ मस्तिष्क और स्वस्थ पर्यावरण की श्रेष्ठ आदतों की जानकारी महात्मा गांधी के जीवन के उदाहरणों के जरिये दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू किया गया स्वस्थ भारत मिशन भी महात्मा गांधी के स्वच्छता के विचारों को ही आगे बढ़ाता है।

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