पेड़ लगाकर नदियों के संरक्षण पर रिपोर्ट सौंपेगी भारतीय वन अनुसंधान केंद्र

पेड़ लगाकर नदियों के संरक्षण पर रिपोर्ट सौंपेगी  भारतीय वन अनुसंधान केंद्र

लखनऊ। देश में प्रमुख नदियों के आसपास पेड़ लगा कर उन नदियों का संरक्षण करने के लिए पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने भारतीय वन अनुसंधान और शिक्षा परिषद केंद्र को नदियों का अध्ययन कर रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी है। जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने यह जानकारी सदन में पूछे गए एक सवाल के जवाब में दी।

जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि मंत्रालय के लिए गए निर्णय के अनुसार भारतीय वन अनुसंधान केंद्र(आईसीएफआरई) ने अपने क्षेत्रीय संस्थानो को 9 नदी बेसिनों से संबंधित 13 नदियों को डीपीआर तैयार करने के लिये चुना है। इन नदियों में ब्यास, चिनाव, झेलम, रावी, सतलज, यमुना, ब्रह्मपुत्र, महानदी, कृष्णा, गोदावरी, कावेरी और लूनी शामिल हैं।

नदियों का संरक्षण है मुख्य उद्देशय

इस दौरान इस अध्ययन का मुख्य उद्देश्य प्रमुख नदियों का पेड़ लगा कर कैसे संरक्षित करे इसपर अध्ययन करना है। इस अध्ययन में ICFRE नदियों के बेसिन की मौजूदा स्थिति, इससे पहले का नदी प्रबंधन, अध्ययन से मिली जानकारी का आकलन, नदियों के लिए काम करने वालों की पहचान कर उन्हे साथ लाना और रणनीतियां तैयार करने का काम करेगी।

इसके इतर वन जल ग्रहण क्षेत्र निर्मित करने और उसमें सुधार और उसका पुनरूद्धार करने के लिये क्षमता और संभावनाओं का आकलन करना, तटीय वनों की स्थिति और जीव विज्ञानी फील्टरों की क्षमता का आकलन करना, औषधीय पौधों की बुवाई क्षमता का आकलन और संरक्षण क्षेत्रों का पुनरूद्धार, प्रजातियों और स्थानों की पहचान करना शामिल है ।

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नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत किया जा रहा वृक्षारोपण

जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि जल शक्ति मंत्रालय नमामि गंगे कार्यक्रम की तहत गंगा और उसकी सहायक नदियों के किनारे वृक्षारोपण करवाने का काम करेगी। इससे गंगा बेसिन के किनारे स्थित छोटे शहरों और कस्बों में हरित कॉरिडोर विकसित होगा।

सरकार के के अनुसार उत्तराखंड में सभी वाटरशेडों और उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल राज्यों में तटों के किनारे और नदी मार्ग के साथ साथ 5 किलोमीटर के क्षेत्र में वृक्षारोपण किया जा रहा है।इसके अलावा सहायक नदियों के दोनों ओर 2 किलोमीटर के क्षेत्र में भी पेड़ लगाया जा रहा है। शेखावत ने बताया कि इस कार्यक्रम की शुरूआत के बाद से अब तक राष्ट्रीय स्वच्छता गंगा मिशन की ओर से उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के पांच गंगा राज्यों में 22 हजार हेक्टेयर भूमि पर वृक्षारोपण के लिये 269 करोड़ रूपये की वृक्षारोपण परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।

(इनपुट- भाषा)

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