‘मोरा’ से तबाही के साथ भारतीय किसानों के लिए खुशी की सौगात

‘मोरा’ से तबाही के साथ भारतीय किसानों के लिए खुशी की सौगातमोरा तूफान।

नई दिल्ली। चक्रवाती तूफान 'मोरा' जल्द ही अपना भयानक रूप दिखा सकता है। उम्मीद जताई जा रही है कि बंगाल की खाड़ी से उठने वाला मोरा मंगलवार को बांग्लादेश में अपना असर दिखा सकता है। इस घड़ी में बांग्लादेश की मदद के लिए भारतीय नौसेना बिल्कुल तैयार है। इस चक्रवाती तूफान के चलते देश के पूर्वोत्तर हिस्से में मॉनसून मंगलवार को को ही दस्तक दे देगा। भारत में मानसून जल्दी आने की वजह से भारत के किसानों को फायदा होगा। उधर, केरल में भी बारिश जोर पकड़ चुका है। अनुमान है कि यहां पर भी मंगलवार को ही मॉनसून दस्तक दे देगा।

भारतीय नौसेना तैयार

भारतीय नौसेना के पूर्वी बेड़े के पोतों को तैयारी के उच्चतम स्तर पर रखा गया है ताकि यदि 'मोरा' नाम का चक्रवात बांग्लादेश के इलाकों को अपनी चपेट में ले तो पड़ोसी देश को तुरंत मदद मुहैया कराई जा सके।

भारत में फसलों के लिए फायदेमंद

भारतीय तट की तरफ आने पर इसकी वजह से करीब 65 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, लेकिन इस बीच मौसम विभाग ने साफ कर दिया है कि इस चक्रवात से भारत को घबराने की जरूरत नहीं है। यह भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून की दस्‍तक है जो किसानों और फसलों के लिए फायदेमंद साबित होगा।

जरुरत पड़ने पर मदद को तैयार

मोरा चक्रवात बंगाल की खाड़ी में अपनी मौजूदा स्थिति से उत्तर एवं उत्तर-पूर्व की दिशा में बढ़ रहा है। भारतीय मौसम विभाग ने पूर्वानुमान किया है कि मोरा मंगलवार को बांग्लादेश के चटगांव को अपनी चपेट में लेगा। नौसेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, इसके गहरे दबाव में तब्दील होने और मंगलवार दोपहर या शाम तक बांग्लादेश पहुंचने की आशंका है। भारतीय नौसेना का पूर्वी बेड़ा तैयारी के उच्चतम स्तर पर है ताकि जरूरत पड़ने पर सहायता मुहैया कराई जा सके।

भयावह तूफान का खतरा

मोरा एक चक्रवाती तूफान है, जो फिलहाल 125 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। बांग्लादेश में मौसम विभाग ने दो समुद्री बंदरगाहों के लिए 10 के स्केल पर सर्वोच्च स्तर की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग ने एक विशेष बुलेटिन में कहा कि चटगांव और कॉक्स बाजार के बंदरगाहों पर चक्रवाती तूफान की चेतावनी को बड़े खतरे के सिग्नल संख्या 10 के स्तर पर जारी किया गया है। विभाग ने कहा कि चक्रवाती तूफान के उत्तरी दिशा में बढ़ने और मंगलवार सुबह चटगांव तथा कॉक्स बाजार में पहुंचने से भयावह तूफान का खतरा है।

कहां-कहां मूसलधार बारिश की संभावना

दक्षिण असम, मेघालय, त्रिपुरा, मिजोरम, अरुणाचल और नगालैंड, प बंगाल, सिक्किम, मणिपुर, अंडमान निकोबार, कर्नाटक और केरल के समुद्री तट पर 30 मई से दो जून के बीच भारी बारिश की आशंका है।

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आज बांग्‍लादेश पहुंचेगा मोरा

आज चक्रवाती तूफान ‘मोरा' के बांग्लादेश पहुंचने की भी संभावना है। इसकी वजह से भारी बारिश की संभावना है। क्षेत्रीय मौसम दफ्तर से मछुआरों को दो दिनों तक समुंदर में न जाने की सलाह दी गयी है। पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में बारिश की वजह से तापमान कई डिग्री सेल्सियस नीचे चला गया है। पंजाब के लुधियाना में अधिकतम तापमान 32.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो कि सामान्य से आठ डिग्री सेल्यिस कम है। ओडिशा के भी कुछ हिस्सों में हुई बारिश की वजह से लोगों को गर्मी से राहत मिली है। राज्य में लू लगने से अब तक 16 लोगों की मौत हो गई। बिहार के भी कई जगहों पर बारिश हुई है। गया में सबसे ज्यादा 38.5 डिग्री सेल्यिस तापमान दर्ज किया गया।

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