सरकारों से काम कराने के लिए नागरिकों की आहुति ज़रूरी ?

Manish MishraManish Mishra   30 Sep 2017 10:01 AM GMT

सरकारों से काम कराने के लिए नागरिकों की आहुति ज़रूरी ?मुंबई रेलवे ओवरब्रिज पर हादसे के बाद की तस्वीर। फोटो- पीटीआई

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मुंबई के रेलवे स्टेशन से जुड़ी दुर्घटना की आशंका भरी चिट्ठियों को नज़रअंदाज कर दिया जाता है। गोरखपुर में एन्सेफ्लाइटिस से होने वाली बच्चों की मौतों के बाद अस्पतालों की व्यवस्था पर कड़े निर्देश दिए जाते हैं। गुरुग्राम स्कूल में हुई प्रद्युम्न हत्या इस बाद देश भर के स्कूलों में सुरक्षा के लिए नए मानक तय किए जाते हैं। देश भर में सैकड़ों किसानों की आत्महत्या के बाद ही सरकारें जागती हैं।

ऐसा प्रतीत होने लगा है कि भारत में सरकारों की कार्यशैली को ठीक कराने के लिए जरूरी है कि अखिर फाइलें बढ़ाने के लिए क्या नागरिकों की आहुति जरूरी। मुंबई में शुक्रवार को परेल और एलफिंस्टन रेलवे स्टेशन के बीच बने फुटओवर ब्रिज काफी संकरा था, और इसे चौड़ा करने के लिए शिवसेना के दो सांसदों ने रेल मंत्रालय को पत्र लिखा था, मगर तत्कालीन रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने फंड की कमी बता दी। इस हादसे में 30 लोग घायल भी हुए हैं।

इस हादसे के बारे में बताते हएु रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के महानिरीक्षक अतुल श्रीवास्तव ने कहा, "एल्फिंस्टन स्टेशन के फुट ओवर ब्रिज पर बहुत भीड़ थी और बारिश के कारण वहां फिसलन भी हो गयी थी। इससे अफरा-तफरी मच गयी और भगदड़ मच गई।"

लगातार हो रहीं रेल दुर्घटनाओं की वजह यह भी है कि अंग्रेजों के जमाने में बिछाई गईं पटरियां और बने रेलवे पुलों का क्या समय पूरा हो चुका है। उनकी गुणवत्ता जांच कर उन्हें बदला जाना जरूरी है।“अचानक बारिश होने के कारण, लोग स्टेशन पर इंतजार कर रहे थे। जब बारिश रुकी तो, लोग जल्दी वहां से निकलने लगे जिससे अफरा-तफरी मच गई।" रेलवे के प्रवक्ता अनिल सक्सेना ने कहा।

मुंबई में परेल-एल्फिंस्टन स्टेशनों को जोड़ने वाले संकरे रेलवे फुटओवर ब्रिज पर मची भगदड़ के बाद का दृश्य।

उधर, रेल मंत्री पीयूष गोयल ने हादसे के उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिये हैं। मृतकों के परिजन को पांच लाख रुपये, गंभीर रूप से घायलों को एक लाख रुपये और अन्य घायलों को 50,000 रुपये सहायता राशि देने की घोषणा की गई है। पुलिस को संदेह है कि फुटओवर ब्रिज के पास तेज आवाज के साथ हुए शॉट सर्किट के कारण लोगों में दहशत फैल गई और वह भागने लगे। इसी कारण भगदड़ मच गई।

वहीं, पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी रविन्द्र भाकर ने तो इसे रेल हादसा मानने से इंकार करते हुए कहा, "तकनीकी तौर पर यह रेल संबंधी हादसा नहीं है, लेकिन पीड़ितों को रेलवे के नियमों के अनुसार सहायता राशि दी जाएगी।"

दस दिनों में आएगी जांच रिपोर्ट

रेल मंत्री पीयूष गोयल ने इस हादसे के उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिये हैं। उन्होंने उपनगर ट्रेन नेटवर्क में सभी एफओबी की पूरी सुरक्षा और क्षमता जांच कराने की घोषणा की। केईएम अस्पताल में यहां गोयल ने कहा कि घटना पर जांच रिपोर्ट 10 दिनों में आएगी। हालांकि, उन्होंने भगदड़ के शुरुआती कारणों के बारे में कुछ बताने से इंकार किया।

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